संदेश

भगवा ध्वज है गुरु हमारा लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गुरुपूर्णिमा और संघ : भगवा ध्वज है गुरु हमारा

चित्र
गुरुपूर्णिमा और संघ:भगवा ध्वज है गुरु हमारा तारीख: 18 Jul 2015 - भागैय्या  ( लेखक रा.स्व.संघ के सह सरकार्यवाह हैं। ) अपने राष्ट्र और समाज जीवन में गुरुपूर्णिमा-आषाढ़ पूर्णिमा अत्यंत महत्वपूर्ण उत्सव है। व्यास महर्षि आदिगुरु हैं। उन्होंने मानव जीवन को गुणों पर निर्धारित करते हुए उन महान आदर्शों को व्यवस्थित रूप में समाज के सामने रखा। विचार तथा आचार का समन्वय करते हुए, भारतवर्ष के साथ उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति का मार्गदर्शन किया। इसलिए भगवान वेदव्यास जगत् गुरु हैं। इसीलिए कहा है- 'व्यासो नारायणम् स्वयं'- इस दृष्टि से गुरुपूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा गया है। गुरु की कल्पना अखंड मंडलाकारं व्याप्तं येन् चराचरं,  तत्पदं दर्शितंयेनं तस्मै श्री गुरुवे नम: यह सृष्टि अखंड मंडलाकार है। बिन्दु से लेकर सारी सृष्टि को चलाने वाली अनंत शक्ति का, जो परमेश्वर तत्व है, वहां तक सहज सम्बंध है। यानी वह जो मनुष्य से लेकर समाज, प्रकृति और परमेश्वर शक्ति के बीच में जो सम्बंध है। इस सम्बंध को जिनके चरणों में बैठकर समझने की अनुभूति पाने का प्रयास करते हैं, वही गुरु है। संपूर्ण सृष्टि चैत...