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नक्सलवाद का नासूर

नक्सल वाद का नासूर नक्सलवाद जब चालू हुआ तब ही मालूम था , की यह देश की आन्तरिक सुरक्षा के लिए खतरा हें । मगर टालने की निति का यह दुस परिणाम हे , जब आग लग जाए तब कुआ खोदो की निति नुकसान पहुचाती हे , नक्सल वाद देश पर हमला हे , यह सा सस्त्र हमला हे । धर्मंतार्ण , आतंकवाद , घुस पेठ , नकली मुद्रा भी विदेशी हमले हे ॥ देशा को एक दमदार नेता चाहिया , जो सरदार वल्लभ भाई पटेल की तरह हो , जिस में बिखराव को एक करने की छमता हो , साम , दाम , दंड , भेद की दकछ्ता हो । अन्दर बहार दोनों और संघर्स हे , विसवास से आगे बदना होगा । विकल्प । पड़ोसियों से घिघियाना छोड़े , मर्द की तरह बात करें , इजराइल की तरह आगे बड़े । अरविन्द सीसोदिया राधा krishan रोड , ददवारा वार्ड ५९ कोटा ( raj) ०९४१४१ ८०१५१