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अप्रैल 17, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

दंतेवाडा हमारी सम्पूर्ण राजनेतिक विफलता हे .

दंतेवाडा हमारी सम्पूर्ण राजनेतिक विफलता हे , इसे सुरक्छा बलों की या राज्य की विफलता नही कहा जा सकता । हमारे राजनेतिक दल देश द्रोही तत्वों से स्यवं के फायदे के लिय हाथ मिला लेते हें , चुनाव जितने के लिय धन देते हें , सरकारी धन भी लुटवाते हें , जनता पर इनके जुल्मो को नजर अंदाज कर देते हे । कॉग्रेस ने भिंडरवाला से हाथ मिलाया फिर वे ही जन के दुसमन बनें , लंका के विरूद्ध लिट्टे को सहयता दी , वह भी जान पर बनी । कांग्रेस ने करुणानिधि की सरकार लिट्टे के समर्थन के कारन बर्खास्था की थी , चुनाव और सरकार बनाने में फिर उसकी मदद ली , उन्हें मंत्री बनाया । चन्द्र बाबु नायडू के खिलाफ नक्सल वादियों को उपयोग कांग्रेस ने किया । लाल पर्चा किसी से छुपा नही हे । और दल भी हाथ मिलते होगे ... ,जो भी हाथ मिलये उसकी मान्यता समाप्त का अधिकार सुप्रीम कोर्ट को हो । राज्य की सरकार यदि संगठित आपराधियो के खिलाफ कार्यवही नही करे तो संविधान ने केंद्र सरकार को अधिकार दिया हे । करुणानिधि सरकार को कांग्रेस ने इसी तरह के आरोप में बर्खास्त किया था । अब भी यदि कोई हे तो उस पर कर्यवाही करो । मगर बात तो कांग्रस के भीतर से उठ र

थरूर का सच सामने,ईसाई होने से बचते रहे.

केन्द्री मंत्री थरूर का सच सामने आ हि गए उसने स्वीकार किया हे की केरल की टीम की उसने मदद की हे । इसका मतलब वे केरल को टीम दिलाना चाहते थे , इससे यह तो स्वंय सिधा हे की वे दखल दे रहे थे । अब वे यह नही कह सकते की उनका दखल नही था । परोछ अपरोछ वे इससे जुड़े रहे इसकी स्वीकारोक्ति उनका बयान ही हे । बात इतनी सी हे की उनके प्रभाव का इस्तमाल हुआ की नही , तो यह भी मिडिया की रिपोट ही बता रही हे की सुगंधा उनकी महिला मित्र हे , उस विधवा को कियो साथ लिया यह तो उनको ही बताना हे । उसी के नाम हिस्सा क्यों निकला , वह भी बिना पेशा लगे , इस तरह तो बात बनती नही हे , जरुर थरूर का शरूर हे। थरूर को लेकर सोनिया जी इतनी महरवान क्येओ हे , क्यों की वे ईसाई होने से बचते रहे हें , इसी कारण फिर से बचगें , यदि कोई और मंत्री यह करता तो कभी का बाहेर हो गया होता । अरविन्द सीसोदिया राधा क्रिशन मंदिर रोड , ददवारा , वार्ड ५९, कोटा २ , राजस्थान । ०९४१४१ ८०१५१

आयकर विभाग दोषी

आयकर विभाग ने थुरुर प्रकरण सामने आते ही , आई पी एल कमिश्नर मोदी को फंसाने के लिए , छापे पर छापे डाले , मिडिया स्टंट छापे , कोशिश यह किए की मोदी आपराधी हे , मगर आई पी एल तो , तीन साल से चालू हे , इसकी हर गति विधि सब की नजर में हे । कुछ छुपा नही था । समय से नोटिस जारी करते , सबने टीमों की नीलामी देखि ही हे , रुपयाँ की बरसात देखि हे ,सब कुछ खुले में हुआ , बड़े राजनेतन के खिलाफ आयकर विभाग छोटा हे। तब चुप रहा ; दूम हिला कर देस लुट वाया । सब कुछ लूट रहा था , सभ्यता , संस्क्रती , नेतिकता । राजनेता और अति सम्पन्न जम कर लूट रहे थे । अब एक पोल खुली तो तमासा चालू हो गया । पहले तो सी बी आई का दूरउपयोग होता था , यह आयकर विभाग का दूरउपयोग हे , थरूर को दूध का दुला घोषित करने हेतु , मोदी को फफेदा जा रहा हे, आयकर विभाग छू होते ही दोडा पड़ा, इससे सरकार की इज्जत गिरी हे , असल में अपराधी आयकर विभाग हे , जिसने इतने बड़े घोटाले पर पर्दा ढल रखा था । अरविन्द सीसोदिया , राधा क्रिशन मंदिर रोड , ददवारा , कोटा २ , राजस्थान । ०९४१४१ ८०१५१