एनजीओ : दाल में काला तो है



 दाल में काला तो है....
एनजीओ माफियाई भी एक बहुत बडा भ्रष्टाचार है........
विदेशी पैसा लेने वाले सभी एनजीओज की जांच होनी ही चाहिये.....
भारत में विदेशी पैसा लेकर उसके दुरउपयोग द्वारा अन्य निहित स्वार्थ साधना परम्परा बन गया है। इन स्वार्थ सिद्धियों के द्वारा देश को, व्यवस्था को , न्याय को और मानवता को जम कर नुकसान पहुचाया जाता है। धर्मामंतरण को धंधा बना दिया गया है। यह इसलिये संभव होता है कि सरकारें कभी यह देखती ही नहीं हैं कि पैसा आया किस लिये और खर्च कहां हो रहा है।यही कारण है कि एनजीओज चलाने वालों की जिन्दगी भी असरदार सम्पन्न व्यक्तियों की तरह होती है और मीडिया भी इनको वीआईपीओं की तरह महत्व देता है।

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

हमारा देश “भारतवर्ष” : जम्बू दीपे भरत खण्डे

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, मास्को जेल में..?

टुकड़े टुकड़े नगर निगमों को एक करने से जनता को राहत मिलेगी - अरविन्द सिसोदिया bjp rajasthan kota

खींची राजवंश : गागरोण दुर्ग

पृथ्वी ईश्वर की प्रयोगशाला और जीवन प्रयोग से निकला उत्पादन jeevn or ishwar

बड़ी जनहानि से बचना सौभाग्य, बहुअयामी विशेषज्ञ जाँच होनी ही चाहिए - अरविन्द सिसोदिया cfcl

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान