पोस्ट

अक्तूबर 21, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

दिग्विजय के 27 सवाल : अरविंद केजरीवाल से

इमेज
http://raviwar.com ये रहे दिग्विजय के 27 सवाल  नई दिल्ली. 20 अक्टूबर 2012 कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह किसी भी मुद्दे पर जवाब देने के बजाये उसे उलझाने के लिये सिद्धहस्त माने जाते हैं. एक बार फिर उन्होंने अरविंद केजरीवाल से 27 सवाल पूछ कर उन्हें उलझाने की कोशिश की है. हालांकि इन सवालों पर केजरीवाल ने साफ किया है कि वे दिग्विजय सिंह के सवाल का जवाब नहीं देंगे. अरविंद का कहना है कि कांग्रेस बौखला गई है, इसलिये उलझाने की कोशिशें की जा रही है. दिग्विजय सिंह ने अरविंद केजरीवाल से पत्नी, नौकरी, एनजीओ और आंदोलन से जुड़े ये सवाल पूछे हैं- - क्या ये सच है कि 20 साल की IRS की नौकरी के दौरान आपकी पोस्टिंग दिल्ली से बाहर नहीं हुई? - क्या आपकी पत्नी का ट्रांसफर कभी दिल्ली से बाहर नहीं हुआ? - आपने अपनी स्टडी लीव की रिपोर्ट सरकार को क्यों नहीं दी? - क्या आप बिना इजाजत स्टडी लीव पर चले गए? - आपका एक बार चंडीगढ़ ट्रांसफर हुआ, लेकिन आपने ज्वाइन नहीं किया? - क्या ये सच है कि चंडीगढ़ ट्रांसफर के बाद VRS लेने की कोशिश की? - क्या सरकारी नौकरी करते हुए आपने NGO बनाने की इजाजत ली? - क्या NGO कबीर को फोर

प्रसिद्ध संत श्री गोमतीदासजी महाराज बृम्हलीन

इमेज
हिंडौन में 22 अक्टूबर सोमवार को महासमाधी दी जायेगी प्रसिद्ध संत श्री गोमतीदासजी महाराज रविवार को बृम्हलीन कोटा 21 अक्टूबर। करौली जिले हिण्डौन कस्बे के ख्याती प्राप्त संत और सम्पूर्ण भारत में आदर के साथ पूज्यनीय रह गोमतीदास जी महाराज कोटा में चतुर्मास चल रहा था। उनकी तबियत खराब होने पर उन्हे पारीक होस्पिटल बसंत विहार कोटा में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होने अंतिम सांस ली, उनका रविवार को सायं 5.30 बजे निधन हो गया है। उनका पार्थिव शरीर लेकर उनके शिष्य अरविन्द कौशल हिण्डौन को रबाना हो गये। सोमबार को हिण्डौन में उनका अंतिम संस्कार महासमाधी के रूप में ,उनके आश्रम में होगा। श्रीगोमतीदास जी कोटा में बहुत लोकप्रिय थे , उनकी 10 से अधिक गुरूपूर्णिमा उत्सवों का आयोजन कोटा में हुआ है। पूरे देश में उनके अनेकों आश्रम है। मुख्य आश्रम हिण्डौन में है। उन्होने करौली के पास स्थित सागर नामक स्थान पर तपस्या की थी, इसलिये वे सागर वाले के नाम से भी प्रसिद्ध थे, कोटा में उनका निवास पूर्व सांसद रघुवीरसिंह कौशल के निवास पर ही रहता था। अभी भी वे कौशल के नयापुरा निवास पर ही चतुर्मास कर रहे थे। शिष्यगण उन्ह