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नरेन्द्र मोदी - एक अद्वितीय व्यक्तित्व

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नरेन्द्र मोदी - एक अद्वितीय व्यक्तित्व  - गिरीश दाबके http://www.hindivivek.org/diwali/r8.html "नरेन्द्रायण - व्यक्ति से समष्टि : एक आकलन" नरेन्द्र मोदी पर प्रकाशित चरित्र ग्रन्थ है। यह चरित्र ग्रन्थ अत्यन्त प्रसिद्ध और लोकप्रिय भी हुआ। किन्तु आज भी ऐसा लगता है कि लेखक कुछ कहने से रह गये हैं कारण कि चरित्र ग्रन्थ की एक मर्यादा होती है। ग्रन्थ लिखते समय लेखक के मन में आए हुए भाव इस लेख मे प्रकाशित किए गए हैं। सूर्य को दु:ख है कि उसके प्रेम में व्याकुल रात्रि को वह कभी देख नहीं पाता। सोने को दु:ख है कि उसे कभी-भी सन्तों की संगति का लाभ नहीं मिलता और लेखक को दु:ख है कि वह जो कहना चाहता है, समग्र रूप से उसे कह नहीं पाता। इस उक्ति का अनुभव हरेक लेखक को सदैव होता रहता है। इसका कारण है कि खूब प्रयोग में आनेवाले शब्द कई बार सांकेतिक हो जाते हैं। शब्द प्रतीकात्मक हो जाते हैं और वे प्रतीक के रूप में भिन्न अर्थ व्यक्त करते हैं। शब्द के व्यक्त अर्थ से अलग एक भाव लेखक के मन में होता है। वह भाव कभी-भी अभिव्यक्ति मेंनहीं बदलता है। लेखक के मन के भाव अनेक बार केवल सांकेतिक रूप में व

नरेंद्र मोदी : कविता

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नरेंद्र मोदी  कविता नवभारतटाइम्स.कॉम | Feb 20, 2014 अहमदाबाद http://navbharattimes.indiatimes.com गुरुवार को अहमदाबाद की रैली में नरेंद्र मोदी ने बहुत ही शायराना भाषा का इस्तेमाल किया। मोदी के हाथ में छोटी-छोटी बहुत सारी पर्चियां हैं। उन्हें पहले कभी किसी रैली में इस तरह कागज देखते नहीं देखा। उन्होंने रैली में कविता भी सुनाई। पढ़िए रैली में मोदी द्वारा सुनाई गई कविता... सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा मैं देश नहीं झुकने दूंगा मेरी धरती मुझसे पूछ रही कब मेरा कर्ज चुकाओगे मेरा अंबर पूछ रहा कब अपना फर्ज निभाओगे मेरा वचन है भारत मां को तेरा शीश नहीं झुकने दूंगा सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा वे लूट रहे हैं सपनों को मैं चैन से कैसे सो जाऊं वे बेच रहे हैं भारत को खामोश मैं कैसे हो जाऊं हां मैंने कसम उठाई है मैं देश नहीं बिकने नहीं दूंगा सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा वो जितने अंधेरे लाएंगे मैं उतने उजाले लाऊंगा वो जितनी रात बढ़ाएंगे मैं उतने सूरज उगाऊंगा इस छल-फरेब की आंधी में मैं दीप नहीं बुझने दूंगा

कांग्रेस, 'हर हर मोदी' नारे के खिलाफ

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कांग्रेस को कौन समझाये कि हिन्दू संस्कृति में भगवान इंसान के रूप में ही अवतार लेते हें । कांग्रेस हमेशा ही हिन्दू विरोधी दृष्टिकोंण अपनाती रही हे इसलिए वह क्या जानें कि भारतीय संस्कृति क्या है ॥ ========================================================= 27 Mar 2014 'हर हर मोदी' नारे के खिलाफ कांग्रेस, पहुंची चुनाव आयोग http://www.samaylive.com/nation-news-in-hindi बीजेपी के वाराणसी में 'हर हर मोदी' के नारे का इस्तेमाल किये जाने के खिलाफ कांग्रेस ने गुरुवार को चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है.कांग्रेस ने कहा कि धर्म का इस्तेमाल करना चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों के खिलाफ है. कांग्रेस ने चुनाव आयोग से बीजेपी की मान्यता समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि मुख्य विपक्षी दल इस बात से इंकार कर रही है कि 'हर हर मोदी घर घर मोदी' उसका अधिकृत नारा है लेकिन इसके बावजूद वाराणसी में पार्टी कार्यकर्ता इसका इस्तेमाल लगातार कर रहे हैं.     कांग्रेस ने कहा कि मोदी ने वाराणसी में एक जनसभा को संबोधित किया जहां मंच पर पीछे भगवान शिव का चित्र लगाया गया था जिसकी चुन

संगठन गढ़े चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो

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Sangathan Gadhe Chalo संगठन गढ़े चलो संगठन गढ़े चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो । भला हो जिसमें देश का, वो काम सब किए चलो ॥ध्रु॥ युग के साथ मिल के सब कदम बढ़ाना सीख लो । एकता के स्वर में गीत गुनगुनाना सीख लो । भूल कर भी मुख में जाति-पंथ की न बात हो । भाषा-प्रांत के लिए कभी ना रक्तपात हो । फूट का भरा घड़ा है फोड़ कर बढ़े चलो ॥१॥ आ रही है आज चारों ओर से यही पुकार । हम करेंगे त्याग मातृभूमि के लिए अपार । कष्ट जो मिलेंगे मुस्कुरा के सब सहेंगे हम । देश के लिए सदा जिएंगे और मरेंगे हम । देश का ही भाग्य अपना भाग्य है ये सोच लो ॥२॥ संगठन गढ़े चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो । भला हो जिसमें देश का, वो काम सब किये चलो ॥ !! भारत माता की जय !!