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राजस्थान भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, 39 जिलाध्यक्ष भी बने

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राजस्थान भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, 39 जिलाध्यक्ष भी बने Wed, 06 Aug 2014 जयपुर। भाजपा ने अपनी प्रदेश कार्यकारिणी घोषित कर दी। प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने बुधवार को इसे जारी किया। प्रदेश कार्यकारिणी में युवाओं व महिलाओं को तरजीह दी गई है। कार्यकारिणी में 5 सांसदों व सात विधायकों को भी शामिल किया गया है। इनमें चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी को युवा मोर्चा का प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया है। कुछ वर्तमान जिलाध्यक्षों को भी इस टीम में शामिल किया गया है। उधर, जिलाध्यक्षों की कार्यकारिणी में पांच विधायकों को शामिल किया गया है। इस टीम में भी ज्यादातर जगहों पर युवाओं को ही प्राथमिकता दी गई है। हालांकि इसमें किसी महिला कार्यकर्ता को जगह नहीं मिली है। ये बने प्रदेश पदाधिकारी : - प्रदेश उपाध्यक्ष - रामकिशोर मीणा, संतोष अहलावत, चुन्नीलाल गरासिया, अनीता भदेल, नंदकिशोर सोलंकी, भजनलाल शर्मा, मोहनलाल गुप्ता, महेन्द्र बोहरा। महामंत्री - नारायण पंचारिया, हरिओम सिंह राठौड़, बाबूलाल वर्मा, कुलदीप धनकड़। मंत्री- अशोक लाहोटी, मुकेश दाधीच, सुरेश यादव, बीरमदेव सिंह, कैलाश मेघवाल, जगमोहन बघेल,

दो हजार साल पुराना शिवलिंग खुदाई में निकला

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खुदाई में निकला दो हजार साल पुराना शिवलिंग IANS [Edited By: अभिजीत श्रीवास्तव] | महासमुंद, 6 अगस्त 2014 http://aajtak.intoday.in छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुरातत्व विभाग को खुदाई के दौरान द्वादश ज्योतिर्लिगों वाले पौरुष पत्थर से बना शिवलिंग मिला है. माना जा रहा है कि यह दो हजार वर्ष पुराना है. सिरपुर में मिले इस शिवलिंग को काशी विश्वनाथ जैसा शिवलिंग बताया जा रहा हैं. छत्तीसगढ़ के पुरातत्व सलाहकार अरुण कुमार शर्मा का दावा है कि यह दो हजार साल पुराना है और राज्य में मिला अब तक का सबसे प्राचीन व विशाल शिवलिंग है. पुरातत्वविदों का कहना है कि वाराणसी के काशी विश्वनाथ और उज्जैन के महाकालेश्वर शिवलिंग जैसा है सिरपुर में मिला यह शिवलिंग. यह बेहद चिकना है. खुदाई के दौरान पहली शताब्दी में सरभपुरिया राजाओं के द्वारा बनाए गए मंदिर के प्रमाण भी मिले. इस शिवलिंग में विष्णु सूत्र (जनेऊ) और असंख्य शिव धारियां हैं. सूबे के सिरपुर में साइट नंबर 15 की खुदाई के दौरान मिले मंदिर के अवशेषों के बीच 4 फीट लंबा 2.5 फीट की गोलाई वाला यह शिवलिंग निकला है. बारहवीं शताब्दी में आए भूकंप और बाद म

गीता पढ़ाना संवैधानिक : भारतीय विचार केन्द्रम्

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गीता पढ़ाना संवैधानिक  : भारतीय विचार केन्द्रम्  तिरुवनंतपुरम। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ए. आर दवे द्वारा स्कूलों में गीता पढ़ाए जाने की बात का समर्थन करते हुए आरएसएस के एक प्रमुख विचारक ने बुधवार को कहा कि गीता सिर्फ धार्मिक ग्रंथ नहीं है, यह एक उत्कृष्ट आध्यात्मिक और दार्शनिक कृति भी है। इसके साथ ही उन्होंने गीता को 'राष्ट्रीय पुस्तक' घोषित करने की भी अपील की। प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कण्डेय काटजू ने न्यायाधीश दवे के विचारों पर आपत्ति जताई थी। इस मुद्दे पर सांस्कृतिक मंच भारतीय विचार केंद्रम के निदेशक पी परमेश्वरम ने कहा कि गीता ने कई शताब्दियों से भारत पर गहरा प्रभाव डाला है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने एक बार भी भगवद् गीता पढ़ी होगी, वे समझेंगे कि यह एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है। किसी भी अन्य किताब का इतना व्यापक प्रसार नहीं है। गीता की तरह कोई भी अन्य किताब इतनी बड़ी संख्या में व्याख्याओं के साथ प्रकाशित नहीं हुई है। परमेश्वरम ने एक बयान में कहा कि इसका प्रभाव समय और स्थान से परे है। यह किसी भी प्रखर मस्तिष्क के लिए ज्ञान का खजाना है और इसका प्रभाव शाश्वत है। मह

रक्षा बंधन पर रक्षा सूत्र : संघ का महाभियान

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रक्षाबंधन : संघ के महाभियान का एक चरणरूप August 06, 2014 http://vskbharat.com (लेखक डा. कृष्ण गोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह हैं) रक्षा बंधन के पर्व का महत्व भारतीय जनमानस में प्राचीन काल से गहरा बना हुआ है. यह बात सच है कि पुरातन भारतीय परंपरा के अनुसार समाज का शिक्षक वर्ग होता था, वह रक्षा सूत्र के सहारे इस देश की ज्ञान परंपरा की रक्षा का संकल्प शेष समाज से कराता था. सांस्कृतिक और धार्मिक पुरोहित वर्ग भी रक्षा सूत्र के माध्यम से समाज से रक्षा का संकल्प कराता था. हम यही पाते हैं कि किसी भी अनुष्ठान के बाद रक्षा सूत्र के माध्यम से उपस्थित सभी जनों को रक्षा का संकल्प कराया जाता है. राजव्यवस्था के अन्दर राजपुरोहित राजा को रक्षा सूत्र बाँध कर धर्म और सत्य की रक्षा के साथ साथ संपूर्ण प्रजा की रक्षा का संकल्प कराता था. कुल मिलाकर भाव यही है कि शक्ति सम्पन्न वर्ग अपनी शक्ति सामर्थ्य को  ध्यान में रखकर समाज के श्रेष्ठ मूल्यों का एवं समाज की रक्षा का संकल्प लेता है. संघ के संस्थापक  परम पूज्य डॉक्टर साहब हिन्दू समाज में सामरस्य स्थापित करना चाहते थे तो स्वाभाविकरू

देश को बाहर से कम अंदर से ज्यादा खतरा : परमपूज्य भागवत जी

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देश को बाहर से कम अंदर से ज्यादा खतरा :  परमपूज्य   मोहन जी भागवत 04 August 2014   भोपाल,04 / अगस्त/2014 (ITNN) | भारत को अमीर देश और भारतीयों को गरीब बताते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन जी   भागवत ने कहा कि राष्ट्र की आर्थिक नीतियों में सुधार करना होगा। बढ़ते पूंजीवाद को देश के लिए घातक बताते हुए भागवत ने कहा कि स्वावलंबन और स्वाभिमान की बुनियाद पर देश से गरीबी समाप्त हो सकती है। भागवत जी ने राजनीतिक दलों से समाज में गरीबी मिटाने के लिए पहल करने की अपील भी की। भोपाल में आयोजित चिंतन बैठक के आखिरी दिन आरएसएस के सर संघचालक मोहन जी भागवत ने कहा कि देश को बाहर से कम, अंदर से ज्यादा खतरा है। इससे निपटने के लिए एकता की जरूरत है। भागवत जी ने समाज से छुआछूत को मिटाने व राष्ट्रीयता को मजबूत करने के लिए स्वयंसेवकों को एकजुट होने का आदेश दिया। भागवतजी  ने कहा कि हिंदू व हिंदुस्तान को मजबूत करने के लिए जात-पात और ऊंच-नीच की विचारधारा से ऊपर उठकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि निजी स्वार्थ और रिश्वतखोरी आज की सबसे बड़ी समस्या है। विकास के लिए सिर्फ सरकारों के भरोसे बैठना

कांग्रेस में कार्यकर्ताओं के साथ,आवारा कुत्तों से भी बुरा बर्ताव : जगमीत सिंह बराड़

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कांग्रेस में आम कार्यकर्ताओं के साथ होता है आवारा कुत्तों से भी बुरा बर्तावः जगमीत सिंह बराड़ Aajtak.in [Edited By: अभिजीत श्रीवास्तव] | नई दिल्ली, 6 अगस्त 2014 कांग्रेस कार्यसमिति के पूर्व सदस्य जगमीत सिंह बराड़ कुछ दिन पहले सोनिया और राहुल पर दिये बयान से विवादों में आ गए थे. अब उन्होंने कांग्रेस के भीतर आम कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे व्यवहार पर कुछ ऐसा कहा है जिससे वो फिर विवादों में घिर गए हैं. बराड़ ने इस बार सोनिया, राहुल को हमेशा घेरे रखने वाली मंडली पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के ये बड़े लीडर आम कार्यकर्ताओं के साथ आवारा कुत्तों से भी बदतर व्यवहार करते हैं. पंजाब के पूर्व सांसद बराड़ ने कहा, ‘साल दर साल, ये कुछ बड़े व्यक्ति हैं जो आम कार्यकर्ताओं से आवारा कुत्तों से भी बुरा व्यवहार करते आ रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘इन्होंने आम कार्यकर्ताओं और कांग्रेस लीडरशिप के बीच एक बड़ी दीवार खड़ी कर रखी है. ये वो नेता हैं जिन्हें हर वक्त टॉम फोर्ड और कनाली सूट पहने पूंजीपतियों के साथ देखा जा सकता है.’ सोनिया, राहुल पर बराड़ का विवादित बयान बराड़ ने पहले भी लो