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ईसाई धर्मांतरण का भारत पर आक्रमण

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ईसाई धर्मांतरण का भारत पर आक्रमण तो ब्रिटिश शासन के आने से पूर्व ही हो गया था । ब्रिट्शि शासन में ये खूब फले फूले और स्वतंत्र भारत में भी जम  कर धर्मांतरण में लगे हुए हैं । कांग्रेस के सर्वोच्च पद पर ईसाई बर्चस्व के कारण ये अति उत्साही एवं आक्रामक कारी हो गए हैं । विदेशी धन , बहुराष्ट्रीय कंपनियों का परोक्ष सहयोग और मिडिया में धनबल से अपनी पकड़ के द्वारा ये लोग भारत की ,एकता को  भयंकर नुकसान पंहुचा रहे हैं । हिन्दू नामों से भी  ईसाई बनाना तो अब आम प्रचलन हो गया है । Pope John Paul II meets Rajiv Gandhi and Sonia Gandhi on 01 February 1986 in New Delhi. -------------------------------- बाबा माधवदास की वेदना और ईसाई मिसनरियां साभार: शंकर शरण कई वर्ष पहले दूर दक्षिण भारत से बाबा माधवदास नामक एक संन्यासी दिल्ली में ‘वॉयस ऑफ इंडिया’ प्रकाशन के कार्यालय पहुँचे। उन्होंने सीताराम गोयल की कोई पुस्तक पढ़ी थी, जिसके बाद उन्हें खोजते-खोजते वह आए थे। मिलते ही उन्होंने सीताराम जी के सामने एक छोटी सी पुस्तिका रख दी। यह सरकार द्वारा 1956 में बनी सात सदस्यीय जस्टिस नियोगी समिति की रिपोर