नरेन्द्र मोदी सरकार ने 17 भारतीय रिजर्व बटालियनों की स्थापना मंजूरी दी


न्यूज अपडेट्स

कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों को 17 भारतीय रिजर्व बटालियनों का गठन करने की मंजूरी दी

27 जनवरी, 2016
   
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में जम्मू-कश्मीर और वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से प्रभावित राज्यों को 17 भारतीय रिजर्व बटालियनों (आईआर बटालियनों) की स्थापना करने के लिए मंजूरी दे दी गई। जम्मू-कश्मीर में पांच आईआर बटालियन, छत्तीसगढ़ में चार बटालियन, झारखंड में तीन, ओडिशा में तीन और महाराष्ट्र में दो बटालियनों का गठन किया जाएगा।
इन 17 बटालियनों के गठन में जिन बातों पर जोर दिया गया है, वे इस प्रकार है:
• स्थानीय युवकों की भर्ती की जाएगी। यदि जरूरी हुआ तो इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य उम्र और शैक्षिक मानदंडों में छूट दे सकेंगे।
• जम्मू-कश्मीर में गठित की जाने वाली पांच आईआर बटालियनों में कांस्टेबल और चतुर्थ श्रेणी के पदों की 60 प्रतिशत रिक्तियां सीमावर्ती जिलों से भरी जाएंगी।
• वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों में सुरक्षा संबंधी व्यय (एसआरई) योजना के अंतर्गत आने वाले 27 कोर जिलों से कांस्टेबल के 75 फीसदी रिक्त पदों को भरा जाएगा।
भारत सरकार ने 1971 में भारतीय रिजर्व बटालियन योजना शुरुआत की थी। सरकार अब तक विभिन्न राज्यों में 153 आईआर बटालियनों के गठन को मंजूरी दे चुकी है, जिनमें से 144 बटालियनें गठित की जा चुकी हैं। झारखंड में एक बटालियन को विशेष भारतीय रिजर्व बटालियन (एसआईआरबी) में तब्दील कर दिया गया है, इसमें दो इंजीनियरिंग और पांच सुरक्षा कंपनियां हैं।

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

चुनाव आयोग को चोर कहना, पूरे शासनतंत्र को अपमानित करना है, संविधान विपक्ष को इस तरह की गिरी हुई हरकतों की अनुमति नहीं देता

एक ईसा, एक बाइबल, लेकिन ईसाइयों में भी हैँ बहुतसारी भिन्नतायें

7 अक्टूबर: मोदीजी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण

जर्मनी नें आंतरिक सुरक्षा हेतु 10 सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की

भारत की 80 करोड़ से अधिक आबादी मेटा की पकड़ में है....?

स्टारलिंक Starlink

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

हताश कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके, सड़कों पर अराजकता फैलाकर और जनता को गुमराह करके सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है - शिवराज सिंह चौहान

कांग्रेस की बेतुकी मांग ब्रह्मा भी पूरी नहीं कर सकते, अति तुष्टिकरण के कारण जनता की नजर से उतरी — अरविन्द सिसोदिया

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास