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दीनदयाल उपाध्याय : संपूर्ण वाङ्मय

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विचार परिवार के पहले राजनीतिक चिंतक और विचारक दीनदयाल उपाध्याय के विचार, जीवनी और लेखों के संग्रह को एक जगह संकलित करके। दीनदयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी वर्ष के मौके पर संघ से जुड़ा एकात्म मानव दर्शन एवं विकास प्रतिष्ठान 15 खंडों में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को सामने ला रहा है। 9 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दीनदयाल संपूर्ण वाङ्मय का विमोचन करेंगे। इस दौरान आरएसएस के सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी उपस्थित रहेंगे। एकात्म मानवदर्शन के प्रणेता दीनदयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी वर्ष पर बीजेपी और केेंद्र सरकार सहित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी समवैचारिक संगठन अलग-अलग तरह के आयोजन कर रहे हैं। पंडित दीनदयाल ने पाकिस्तान, चीन, बौद्ध धर्म, भारतीय अर्थव्यवस्था, तकनीक, भारतीय महिलाओं, भगवान श्रीकृष्ण और भारतीय संस्कृति जैसे विषयों पर काफी विस्तार में लिखा है। आज से 50 साल पहले दीनदयाल ने पाकिस्तान और चीन को लेकर अपने लेखों में जिस तरह की आशंकाएं जताई थीं, आज उसी तरह की परिस्थितियां देश के सामने मौजूद हैं। उनकी दूरदृष्टि