स्वाभिमान के साथ जीना क्षत्रिय धर्म है : मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे जी



श्री तनसिंह ने निभाया सच्चा क्षत्रिय धर्म

25 जनवरी, 2017

       मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे जी  ने कहा कि पूज्य श्री तनसिंह जी ने हमेशा सच्चे क्षत्रिय का धर्म निभाया। आज जब भी हम उनका स्मरण करते हैं, हमारे जेहन में एक ऐसे इंसान की तस्वीर उभर आती है जिसने मसीहा बनकर समाज की सेवा की।

      श्रीमती राजे बुधवार को जोधपुर के बीजेएस स्कूल स्टेडियम में श्री तनसिंह जयन्ती समारोह में उपस्थित हजारों लोगों को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि पूज्य तनसिंह जी गुणों की खान थे। वे क्षत्रिय समाज के लिए एक उच्च आदर्श थे। इसलिए आज उनकी 93वीं जयन्ती पर उनको श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ हम सबको यह प्रण लेना चाहिए कि हम उनके बताए रास्ते पर चलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तनसिंह जी एक समाज सेवी, अध्यात्मिक व गंभीर विचारक, पत्रकार और साहित्यकार भी थे। उन्होंने 22 दिसम्बर, 1946 को उन्होंने मलसीसर हाउस में श्री क्षत्रिय युवक संघ की विधिवत स्थापना की। तब से ही श्री क्षत्रिय युवक संघ समाज को नई दिशा देने में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि ’प्राण जाई पर वचन न जाई’ जैसे सिद्धान्त पर अडिग रहना तथा वफादारी एवं स्वाभिमान के साथ जीना क्षत्रिय धर्म है। उन्होंने महिलाओं के सम्मान और उनकी रक्षा को भी क्षत्रिय धर्म बताया।

श्रीमती राजे ने कहा कि ऐसी पवित्र आत्मा के जयन्ती समारोह में आने का मुझे अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने इसके लिए श्री क्षत्रिय युवक संघ का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि 36 की 36 कौमों और सभी मजहबों को गले लगाना क्षत्रिय धर्म है। संस्कार, स्वाभिमान, समर्पण और करुणा का भाव क्षत्रियों की पहचान है। उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज एक ऐसा समाज है जिसने जाति-धर्म से ऊपर उठकर इंसानियत की सेवा की है, जिसने स्वाभिमान के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया है और हमेशा चुनौतियों का सामना करना सिखाया है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर में क्षत्रिय समाज महिला शिक्षा को बढ़ावा देने में भी पीछे नहीं रहा। श्री क्षत्रिय युवक संघ जैसी संस्थाएं ऐेसे कामों में हमेशा आगे रही हैं। मेरा श्री क्षत्रिय युवक संघ से निवेदन है कि महिला शिक्षा पर और अधिक जोर दें। सभी समाजों की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।

श्रीमती राजे ने कहा कि आपकी ऊर्जा, आपका जोश, आपका स्नेह, आपका आशीर्वाद, आपका समर्थन, आपका साथ हमारे लिए संजीवनी है। जो हमें आपकी उन्नति, 36 की 36 कौम के उत्थान और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए सम्बल प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार स्वाभिमानी, सशक्त और समृद्ध राजस्थान के सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपनी माताजी श्रीमती विजया राजे सिंधिया की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए कहा कि उन्होंने पर्दा प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को तोड़ने की हिम्मत दिखाई। उन्होंने महिलाओं को मुख्य धारा में लाने के लिए बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण काम किया।

इस अवसर पर श्री क्षत्रिय युवक संघ के प्रमुख श्री भगवान सिंह रोलसाहब सर ने कहा कि श्री तनसिंह के सिद्धान्तों और दर्शन को समझना एक कठिन कार्य है। उन्होंने कहा कि तनसिंह जी ने अपने जीवन काल में हजारों जीवन प्रदीप्त किए। आज श्री क्षत्रिय युवक संघ के माध्यम से हजारों युवा समाज के लिए कठिन से कठिन दायित्व निभाने को तत्पर हैं।

इस अवसर पर श्री तनसिंह जी की तस्वीर पर मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे, केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री पीपी चौधरी, मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़, श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, श्री सुरेन्द्र गोयल, राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री शम्भूसिंह खेतासर, जोधपुर मेयर श्री घनश्याम ओझा, सांसद, विधायक एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

जयपुर/जोधपुर, 25 जनवरी 2017

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