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हिन्दूओं की आपसी फूट से भारत के गत 2500 वर्षों में 25 टुकडे हुए

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हिन्दूओं की आपसी फूट से भारत के गत 2500 वर्षों में 25 टुकडे हुए  - अरविन्द सिसोदिया Arvind Sisodia  9414180151  भारत_विभाजन  मात्र 150 साल में भारत का 9 टुकडे, 2500 वर्षों में 24वां टुकड़ा पाकिस्तान और 25वां टुकड़ा बंग्लादेश हुआ । सम्भवत: ही कोई पुस्तक (ग्रन्थ) होगी जिसमें यह वर्णन मिलता हो कि इन आक्रमणकारियों ने अफगानिस्तान, ब्रह्मदेश(बर्मा ,म्यांमार), श्रीलंका (सिंहलद्वीप), नेपाल, तिब्बत (त्रिविष्टप), भूटान, पाकिस्तान, मालद्वीप या बांग्लादेश पर आक्रमण किया। यहां एक प्रश्न खड़ा होता है कि यह भू-प्रदेश कब, कैसे गुलाम हुए और स्वतन्त्र हुए। प्राय: #पाकिस्तान व #बांग्लादेश निर्माण का इतिहास तो सभी जानते हैं। शेष इतिहास मिलता तो है परन्तु चर्चित नहीं है......सन 1947 में विशाल भारतवर्ष का पिछले 2500 वर्षों में 24वां विभाजन है। सम्पूर्ण पृथ्वी का जब जल और थल इन दो तत्वों में वर्गीकरण करते हैं, तब सात द्वीप एवं सात महासमुद्र माने जाते हैं। हम इसमें से प्राचीन नाम #जम्बूद्वीप जिसे आज एशिया द्वीप कहते हैं तथा #इन्दू_सरोवरम् जिसे आज #हिन्द_महासागर कहते हैं, के निवासी हैं। इस जम्...

जिन्ना सनकी थे,पागल थे - माउंटबैटन

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- अरविन्द सीसौदिया माउंटबैटन - जिन्ना सनकी थे,पागल थे,बिलकुल असंभब..!  मैं नहीं समझता हम उनके मरने का इंतजार करते.....न हमारे पास समय था, न हम निश्चित थे,लेकिन हम उनके साथ दूसरों की तरह बहस कर सकते थे। मैंने सोचा था कि मैं एक ऐसे आदमी के साथा पेश आ रहा हमं जो हमेशा बना रहेगा। जिसका लक्ष्य पाकिस्तान है और मैं उसे इस लक्ष्य से हटा नहीं सकता था। एक पल मान लीजिए कि अगर सत्ता के हस्तांतरण के पहले जिन्न मर जाते तो अपने सबसे बउे दुश्मन के हट जानें से कांग्रेस पार्टी निश्चित ही राहत की सांस लेती। बाकी लोगों को सिर्फ जिन्न की छाया माना जाता था। तब हम ऐसे आाधार पर काम करते जहां कांग्रेस को कहीं जादा देनें के लिए तैयार हो जाता और दूसरे लोग उसे स्विकार करते। भयंकर बात है कि हमें कुछ भी नहीं बताया गया। (पृष्ठ 57) माउंटबैटन - ....अगर जिन्ना दो वर्ष पहले अपनी बीमारी से मर जाते तो हम भारत को एक रख सकते थे। वही थे जिन्होंने इसे असम्भव बना दिया था। जब तक में जिन्ना से मिला नहीं , मैं सोच भी नहीं सकता था कि कितनी असम्भव स्थिति है। (पृष्ठ 60) जिन्ना- नहीं। मैं भारत का एक हिस्सा नहीं बनना चाहता। हिन्द...