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मोदी जी, योगी जी सहित जरूरी लोगों की सुरक्षा व्यवस्था बडाई जाये - अरविन्द सिसौदिया

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 Security system of important people including Modi ji, Yogi ji should be increased - Arvind Sisodia मोदी जी, योगी जी सहित जरूरी लोगों की सुरक्षा व्यवस्था बडाई जाये - अरविन्द सिसौदिया देश के राजनैतिक वातावरण में उत्पन्न की जा रही कटुता को देखते हुए, मोदी जी, योगी जी सहित जरूरी लोगों की सुरक्षा व्यवस्था बडाई जाये - अरविन्द सिसौदिया जब से भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी पुनः प्रधानमंत्री बनें हैं तब से कई दल और कई संगठन तथा कई गुप्तरूप से षडयंत्रकर्ता आपा खो बैठे हैं और असहस्णु हो गये हैं। विरोध के आन्दोलनों का स्वरूप एवं भाषा तथा उकसावे की राजनीति लगातार असहज सामनें आ रही है। इस तरह का राजनैतिक वातावरण जिसमें साम्प्रदायिकता भी सम्मिलित हो, कोई बडी क्षती भी पहुंचा सकता है। कुल मिला कर मोदी जी के नेतृत्व में हो रहे सुधारों से कुछ लोगें की बौखलाहट सामनें लगातार आ रही है। उनके असज और उकसावे वाले कमेन्टस भी देश सुनता है। इसलिये सावधानी की दरकार है। विदेशों में और भारत में भी इस तरह की अनेकों वारदातें पूर्व में घट चुकी हैं, जिनमें देश ने बडे नेताओं को खोया है। इसलिये बार बार मन कहता...

पूर्व नियोजित साजिश : क्या हिंदू वोटरों के मन में दहशत भरने के लिए हुआ हिजाब आंदोलन

यूपी के हिंदू वोटरों के मन में दहशत भरने के लिए हुआ हिजाब आंदोलन  (योगी जी के पक्ष में हिंदू 100% मतदान करें)  अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जिहाद की सबसे बड़ी प्रयोगशाला है... पाकिस्तान का जन्म अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की इसी  लैब से ही हुआ है... और अब इसी से हिजाबी आंदोलन यूपी में  शुरू हो चुका है... सबसे पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में ही मुस्लिम औरतें और छात्राएं काला बुर्का पहनकर सड़कों पर उतरीं ताकि यूपी के चुनावी माहौल में  दहशत का साम्राज्य कायम किया जा सके ।  एक बार फिर शाहीन बाग की तरह जिहादी पुरुष खुद आगे नहीं निकले हैं बल्कि उन्होंने जिहादी औरतों को आगे किया है और बार बार उनको शेरनी कहा है... दरअसल जिहादी हिंदुओं के मन में ये दहशत भरना चाहते हैं कि हमारी तो औरतें ही लाखों की संख्या में काले बुर्के पहनकर सड़कों पर उतर सकती हैं.... हिंदुओं को डराने के लिए तो ये जिहादी खवातीन ही काफी हैं.... जिहादी पुरुषों के लिए तो काफिरों की गर्दनें काटना वैसे ही है जैसे केक को चाकू से काटना।  -इसी योजना के तहत सबसे पहले कर्नाटक में पीएफआई की छात्र इकाई क...