कॉमनवेल्थ, ब्रिटिश ग़ुलामी कांग्रेस
ग़ुलामी की प्रतिछाया , कॉमनवेल्थ - अरविन्द सीसोदिया कॉमनवेल्थ खेलों के इस लोगो (प्रतिनिधि छवि ) को देख कर लगता है कि यह भारत की ग़ुलामी का प्रतीक है, क्या लगता है कि यह भारत के स्वाभिमान का प्रतीक है, भारत की स्वतंत्रता का प्रतीक है, भारत के सम्मान का प्रतीक है, सवाल यह है कि भारत के मायने क्या ...? अंग्रेजी के जानकर २-३ प्रतिशत लोग जो अभिजात्य वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हुए राजनीति और प्रशासन में जमें हुए हैं .., वे ही हैं या सामान्य वह भारतीय जिसे अंगेजी से कोई लेना देना नहीं है वह वर्ग, जो न केवल बहुमत में है बल्की प्रचंड बहुमत है मगर .., चुन कर गए प्रतिनिधि यह तय करलें कि भारत से विदेशी भाषा को विदा करना है तो भारत भारत बनें..! ये लोग देश के साथ संसद में बैठ कर बेईमानी करते हैं...!! हमारी फूट का लाभ एक विदेशी भाषा उठा रही है यह हमें शर्म की बात ही है.., इससे भी अधिक शर्म की बात यह है कि हमें जबरिया और मार मार कर.., अग्रेज बनाया जा रहा है ..? इसी तरह की पूर्ण घोषित ग़ुलामी ...