हिन्दू श्राद्ध पक्ष : Pitra Paksha
मृत्यु के बाद जीवात्मा ( सूक्ष्म शरीर ) कहाँ जाती है और पुनर जन्म के पूर्व कहाँ रहती है , विज्ञान यहाँ मौन है || हिन्दू आध्यात्मवेत्ताओं नें जो अनुसन्धान किया है और हिन्दू विधि अपने पुरखों को जिस महत्वपूर्ण तरीके से याद रखती है उसका मिश्रित स्वरूप पितृ पक्ष है | मूल रूप से श्रद्धा का भाव ही आयोजन के रूप में श्राद्ध है | भारतीय देवत्व की व्यवस्था में, आगमन का श्री गणेश करते हुये चतुर्थी को गणेश जी आते हैं और चतुर्दशी को जाते है। इसके बाद 16 तिथियों तक पूर्वज आते हे। फिर माता रानी के नवरात्र का आगमन होता है। फिर दशहरा दीपावली !! एक क्रमबद्धता और वैज्ञानिकता - अरविन्द सिसोदिया 94141 80151 कोटा हिन्दू श्राद्ध पक्ष आश्विन के कृष्ण पक्ष (गुजरात-महाराष्ट्र के मुताबिक भाद्रपद) को हमारे हिन्दू धर्म में श्राद्ध पक्ष के रूप में मनाया जाता है। इसे महालय और पितृ पक्ष भी कहते हैं। श्राद्ध की महिमा एवं विधि का वर्णन विष्णु, वायु, वराह, मत्स्य आदि पुरा...