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ओस की बूंदों सी होती हैं बेटियां - नन्द किशोर हटवाल

ओस की बूंदों सी होती हैं बेटियां ज़रा भी दर्द हो तो रोती हैं बेटियां . रोशन करेगा बेटा एक ही कुल को , दो-दो कुलों की लाज ढोती हैं बेटियां . काँटों की राह पर  यह खुद ही चलती रहेंगी औरों के लिए फूल सी होती हैं बेटियां ! बोये जाते हैं बेटे और उग आती हैं बेटियां . खाद- पानी बेटों में और लहलहाती हैं बेटियां . ऊंचाइयों तक ठेले जाते हैं बेटे और चढ़ जाती हैं बेटियां . रुलाते हैं बेटे और रोती हैं बेटियां मुट्ठी भर नीर सी होती हैं बेटियां . कई तरह से गिराते हैं बेटे , संभाल लेती हैं बेटियां ! विधि का विधान है , यही दुनिया की रस्म है , जीवन तो बेटों का है , और मारी जाती हैं बेटियां !!! - नन्द किशोर हटवाल

रामचरित मानस - हनुमान चालीसा के रचियता : गोस्वामी तुलसीदास

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* गोस्वामी तुलसीदास ने रामभक्ति के द्वारा न केवल अपना ही जीवन कृतार्थ किया वरन्‌ समूची मानव जाति को श्रीराम के आदर्शों से जोड़ दिया। संवद् 1554 को श्रावण शुक्ल पक्ष की सप्तमी को अवतरित गोस्वामी तुलसीदास ने सगुण भक्ति की रामभक्ति धारा को ऐसा प्रवाहित किया कि आज गोस्वामी जी राम भक्ति के पर्याय बन गए। *  गोस्वामी तुलसीदास की ही देन है जो आज भारत के कोने-कोने में रामलीलाओं का मंचन होता है। कई संत राम कथा के माध्यम से समाज को जागृत करने में सतत्‌ लगे हुए हैं। वे रामचरित मानस के ही नहीं अपितु .., विश्व में सबसे ज्यादा पड़ी जानें वाली प्रार्थना हनुमान चालीसा के भी रचियता थे ...!! * उत्तर प्रदेश में चित्रकूट के राजापुर में तुलसीदास की जन्मस्थली में आज भी उनके हाथ का लिखा राम चरित मानस ग्रंथ का एक भाग अयोध्या कांड सुरक्षित है। इसके दर्शन के लिये पूरी दुनिया से लोग आते हैं। तुलसीदास की 11वीं पीढी के लोग एक धरोहर की तरह संजो कर रखे हुये हैं। कभी अपने परिवार से ही उपेक्षित कर दिये गये अबोध राम बोला आज पूरे विश्व में भगवान की तरह पूजे जाते हैं। *  सं...

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित : अब कैग की रिपोर्ट में भी १०० करोड़ रूपये का लाभ ठेकेदारों को पहुचानें का आरोप

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- अरविन्द सिसोदिया        दिल्ली के लोकायुक्त पहले ही मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को झूठे वायदे कर वोट ठगनें की दोषी ठहरा चुकी हैं ! अब कैग की रिपोर्ट में भी  १०० करोड़ रूपये का लाभ ठेकेदारों को पहुचानें का आरोप लगाया  गया  है !!  इससे पहले प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त शुंगलू कमेटी और सीवीसी ने भी शीला सरकार को दोषी करार दिया था।  जब इसी तरह  के मामूली आरोप में कर्णाटक के यदुरप्पा  का इस्तीफा लिया जाता है तो शीला दीक्षित  को बनें रहनें का क्या अधिकार है ??             दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित  उन भाग्यशाली लोगों में से हैं गिन पर हमेशा आरोप लगते रहे और उनका कुछ नहीं बिगड़ा !! मगर अब अति हो चुकी है , जब कॉमनवेल्थ खेलों के आयोजन की तैयारियां चल रहीं थी , यह तब ही सबको जग जाहिर था की खूब लुट मची है , जम कर खाया  कमाया जा रहा है !!               अब    नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग)|   रिपोर्ट में राष्ट्रमंडल खेलों को...

अब कांग्रेस हरियाणा में जमीन घोटाला

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- अरविन्द सिसोदिया      उत्तर प्रदेश में किसानों का मसीहा बनाने का नाटक करने वाली कोंग्रेस हरियाणा में जमीन घोटाला करते हुए रंगे हाथों पकड़ी गई है ..!  गुडग़ांव में राजीव गांधी ट्रस्ट को 40 कनाल 3 मरला जमीन रिलीज करके ट्रस्ट को अरबों रुपए का फायदा पहुंचाया है। अदालत ने सरकार से इस ट्रस्ट को रिलीज की गई जमीन का ट्रस्टियों के नाम सहित सारा रिकॉर्ड भी तलब किया है। बताया जाता है कि  राजीव गांधी ट्रस्ट के ट्रस्टियों में यूपीए अध्यक्षा सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी व वडेरा परिवार भी शामिल है।  उन्होंने कहा कि एक अन्य डेंटल सर्जन को भी नौ कनाल जमीन रिलीज की गई। इस प्रभावशाली डेंटल सर्जन का संबंध पूर्व प्रधानमंत्री व राष्ट्रप्रति के साथ रहा है।   ----     नई दिल्ली। हरियाणा में भूमि अधिग्रहण घोटाले से जुडे विवाद को लेकर भाजपा सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार को एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। भाजपा सदस्य आरोप लगा रहे थे कि हरियाणा की काग्रेस नीत राज्य सरकार ने अन्य जमीन तो अधिग्रहीत...

ईसाई राज्य ऑस्ट्रेलिया में 103 भारतीय मारे गए अथवा घायल हुए

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- अरविन्द सिसोदिया      ईसाई राज्य आस्ट्रेलिया का भारत विरोधी चेहरा ..... ऑस्ट्रेलियाई हमलों में 103 भारतीयों की जान गई Thursday , Aug 04,2011, 12:43:08 AM नई दिल्ली !   प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री वायलार रवि ने बुधवार को कहा कि पिछले वर्ष ऑस्ट्रेलिया में हुए हमलों में करीब 103 भारतीय मारे गए अथवा घायल हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों को रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं। रवि ने लोकसभा को बताया, ''यह ऑस्ट्रेलिया की सरकार को बता दिया गया है कि वहां रहने वाले सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित कराना ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों की जिम्मेदारी है।'' उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हुए हमलों में 52 नागरिकों को या तो अपने जीवन से हाथ धोना पड़ा अथवा वे घायल हुए जबकि वर्ष 2008 में इस तरह की 11 घटनाएं वहां हुईं। ज्ञात हो कि भारतीयों पर हुए हमलों ने कूटनीतिक विवाद को जन्म दिया। भारत ने खासकर छात्रों पर हुए हमलों के लिए नस्लवाद को जिम्मेदार ठहराया। जबकि ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने कहा कि वे हमले रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ...

महंगाई डायन खाए जात है…? संसद में भाजपा

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- अरविन्द सिसोदिया      महंगाई पर संसद में चर्चा हो रही है और जनद्रोही वामपंथी इसमें में मीन-मेख निकल कर कांग्रेस सरकार को परोक्ष रूप से बचानें में लगें हैं ...!! शैम शैम !!!  * भाजपा  सांसद और एनडीए सरकार में वित्‍त मंत्री रह चुके  यशवंत सिन्हा ने कहा कि  सरकारी गोदामों में साढ़े छह करोड़ टन अनाज रखा हुआ है। लेकिन इसके वितरण की सही व्यवस्था नहीं है। सरकार गोदामों से अनाज मुक्त करे तो खुले बाज़ार में अनाज की कीमतें जरूर गिरेंगी। सरकार घाटे के डर की वजह से ऐसा नहीं कर रही है। क्या लोग भूखों मरे और सरकार नुकसान की चिंता करती रहे?  *सांसद और एनडीए सरकार में वित्‍त मंत्री रह चुके  यशवंत सिन्हा ने कहा कि यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान सदन में 12 वीं बार महंगाई पर चर्चा हो रही है। लेकिन आम आदमी को राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई गरीबों पर लगने वाला सबसे बुरा टैक्स होता है। ' * केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, आज का सच यही है। इसके साथ (  महंगाई  ) ही में जीना सीखना होगा। * शिवसेना  के अनंत गीते ने कहा क...

चीन में आतंकवाद,पाकिस्तान के आतंकी शिविरों से

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- अरविन्द सिसोदिया        चीन यह मानाने तैयार नहीं था कि, भारत में आतंकवाद, पाकिस्तान के आतंकी शिविरों में प्रशिक्षण प्राप्त आतंकवादी फेला रहे हैं | लेकिन अब चीन में भी पाकिस्तान के आतंकी शिविरों में प्रशिक्षण प्राप्त आतंकवादी आतंक फेला रहे हैं |  हो सकता है की चीन पाकिस्तान में इस वहानें चीनी सैनिकों की भारी तादाद भेज दे !! इससे भारत को दोहरा खतरा उत्पन्न हो गया है |   ----------         रमजान शुरू होने के ठीक पहले दो दिनों में चीन के जिनजियांग प्रांत में कम से कम तीन आतंकवादी हमले हुए हैं। जिनजियांग की 40 प्रतिशत से ज्यादा आबादी उइगुर मुस्लिमों की है। मूलत: यह मुस्लिम बहुल इलाका ही था, लेकिन चीन सरकार ने बड़ी तादाद में हानवंशी चीनियों को यहां बसाकर उन्हें अल्पसंख्यक बना दिया। इस इलाके के मूल निवासी मुस्लिमों में इस बात को लेकर असंतोष है और कई लोग अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए चीन से स्वायत्त होने की मांग कर रहे हैं। ऐसा ही एक उग्रवादी संगठन ‘पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामी आंदोलन’   है, जिसके सदस्यों का हाथ आतंकव...

फिर गुलामी न आये....!

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- अरविन्द सीसौदिया शहीदों को सलाम....! न फूल चढ़े, न दीप जले, न नाम तुम्हारे जानें हैं। पर लक्ष्य तुम्हारा गंगा सा पावन, साहस तुम्हारा हिमालय से ऊंचा। तुम बलिदान हुए, देश आजाद हुआ, शत-शत तुम्हें प्रणाम हमारा है।। आत्मनिरीक्षण अवश्य हो....! आजादी की बात यहीं से शुरू होगी। क्योंकि कंगुरों पर किसने ध्वज लहराये, सत्ता का सुख किसने भोगा, उसका महत्त्व नहीं है। महत्त्व इसका है कि इस मजबूत नींव में कौन-कौन समाये हैं। किनके बलिदान पर यह स्वतंत्रता की इमारत खड़ी है। इस इमारत में कौन से रंग भरने के सपने देखे थे, कौन-कौन पूरे हुए और कौन-कौन अधूरे हैं....। फिर गुलामी न आये....! तथ्य की बात यह हे कि यह आजादी एक बहुत बड़ी कीमत अदा करके मिली है, इसे अक्ष्क्षुण्ण रखना होगा और यह भी याद रखना होगा कि अबके अगर गुलाम हुए तो शायद फिर आजाद नहीं हो पायेंगे। पिछले साठ साल की उपलब्धि है कि हम आजाद हैं, हमारी सीमायें काफी हद तक यथावत है। पड़ौसी चीन और पाकिस्तान ने हमारे कुछ भू भाग दबा रखे हैं, उन्हें मुक्त करवाना है। सत्ता की अदला बदली हो गई, मगर शेष स्वतंत्रतायें बाकी हैं, गुलामी के अवशेष हटाने हैं। पश्चिम ...

जनता के प्रति जबावदेही के लिए ; राष्ट्रपति का निर्वाचन जनता करे..!

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- अरविन्द सीसौदिया हमारी स्वतंत्रता के लिये राष्ट्रपति पद का कितना महत्व है, यह समझने के लिए हमें 25 जून 1975 की रात्रि 11 बजकर 45 मिनिट पर, तत्कालीन राष्ट्रपति फखरूद्दीन अली अहमद द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमति इन्दिरा गांधी के कहने पर, लगाये गये आपातकाल को समझना होगा। जिसमें राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 352 के अन्तर्गत आंतरिक आपातकाल लगा दिया था। जेलों में डाले गये निर्दोषों को न्यायालय मुक्त न कर पाये, इसलिये ‘मीसा’ कानून को न्यायालय के क्षैत्राधिकार से बाहर कर दिया गया था।  लोगों की जबरिया नसबंदी कर दी गई थी, जबरिया मकान तोड़ दिये गये थे। कोई भी अखबार सरकार के खिलाफ लिख नहीं सकता था, विपक्ष नाम की कोई चीज नहीं रही थी। व्यक्तिगत स्वतंत्रता समाप्त हो गई थी। सोचने समझने वाली बात यह है कि ऐसा क्यों हुआ! राष्ट्रपति ने बिना जनता की परवाह किये आपातकाल क्यों लगा दिया! इसके दो कारण थे, पहला कारण तो राष्ट्रपति जनता के द्वारा चुना नहीं जाता जो वह जनता के प्रति जवाबदेह होता........, क्योंकि उसको चुनने वाला निर्वाचक मण्डल सांसद और    विधायक होते हैं। जनता इस चुनाव की...

3 अगस्त : भाजपा किसान मोर्चा की ओर से नई दिल्ली में संसद पर प्रदर्शन किया जाएगा

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कोटा |  भाजपा किसान मोर्चा की ओर से किसानों की समस्याओं और कृषि भूमि अवाप्ति को लेकर नई नीति बनाने की मांग को लेकर 3 अगस्त 2011को नई दिल्ली में संसद पर प्रदर्शन किया जाएगा।  मोर्चा के राजस्थान प्रदेश उपाध्यक्ष डा.एल. एन. शर्मा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इस प्रदर्शन में हाडोती से भी  कार्यकर्ता  शामिल होंगे हैं। वार्ता में मौजूद भाजपा कोटा जिला उपाध्यक्ष अरविन्द सिसोदिया ,  मोर्चा के प्रदेश मंत्री ब्रजराज सिंह गावड़ी,प्रदेश प्रवक्ता केवलकृष्ण बांगड़ ,मोर्चा अध्यक्ष रामलाल माली , मोर्चा महामंत्री मुकुट  नागर , मोर्च के जिला उपाध्यक्ष डा. आर. सी. गौतम इत्यादि !    इस रैली को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन गडकरी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश धनकड़ सहित वरिष्ठ नेता संबोघित करेंगे। शिमला— बीज विधेयक-भूमि अधिग्रहण बिल पारित करने को देश भर के किसान दिल्ली में जुटेंगे। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक भाजपा प्रदेश कार्यालय दीपकमल में...

कांग्रेस में सर फुटब्बल : क्रिकेट की चाँदी पर कब्जे के लिए कांगेस के जोशी बनाम जोशी

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- अरविन्द सिसोदिया           आजाद भारत के नोकरशाहों और राजनेताओं नें मुह मारनें से एक भी वह जगह नहीं छोड़ी जहाँ धन सम्पत्ति और पैसा हो ..!! जब से देश में २० -२० का फटाफट क्रिकेट आया और उस पर आसमान से पानी की तरह पैसा वर्षा तब से तो हर राजनेता किसी न किसी क्रिकेट संघ का अध्यक्ष बनना चाहता है ! राजनेता से शरद पंवार तो विश्व क्रिकेट  के  मालिक हो गए ..!! भारत की राष्ट्रिय और प्रांतीय  क्रिकेट  में खिलाडियों को तो कोई तब्बजो नहीं है ..,, मगर नेता और नोकरशाही का हर जगह कब्ज़ा है !! इस अन्याय और अधर्म को सभी सरकारें जानते बूझते हुए भी नहीं रोक रहीं ! क्यों की उनका ही कोई बंधु माल उड़ा रहा है !         राजस्थान में जब तक सी पी जोशी की तूती बोल रही थी और वे राहुल के खास थे तब तक उन्हें किसी  नें नहीं छेड़ा, जैसे ही पर्दे के पीछे चलने वाले षडयंत्र  के द्वारा चुगल खोरी जीती, कोंग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष से हटाया , मंत्रालय भी बदलवा  दिया ..! फिर क्या था अब उनसे राजस्थान क्रिकेट संघ के अध्यक्ष का पद भी छीनना थ...

३१ जुलाई:सरदार उधम सिंह का शहीदी दिवस

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- अरविन्द सिसोदिया  ३१ जुलाई हमारे महान शहीदों में से एक सरदार उधम सिंह का शहीदी दिवस है , उन्होंने तेरह अप्रैल 1919 को अमृतसर में बैसाखी के दिन हुए 'जलियांवाला बाग नरसंहार' का बदला लिया |  नरसंहार के समय ओ.ड्वायर ही पंजाब प्रांत का गवर्नर था तथा  उसीके आदेश पर ब्रिगेडियर जनरल रेजीनाल्ड डायर ने जलियांवाला बाग में सभा कर रहे निर्दोष भारतवासियों  पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं थीं. जिसमें  १८०० लोग शहीद हुए थे!! उधम सिंह ने इस नरसंहार की अपनी बदला लेने की प्रतिज्ञा को लन्दन में १३ मार्च १९४० को ओ.ड्वायर को गोली मार कर हत्या कर पूरी की ! ३१ जुलाई १९४० में उन्हें फंसी दे दी  गई थी !! उन्होंने भारत माता की कोख का मान बढाया वे सदियों तक स्मरणीय रहेंगें..!!  ------- पूरी स्टोरी जागरण के  इस लिंक से ली गई है ... http://in.jagran.yahoo.com/news/national/general/5_1_6610559.html शहीद-ए-आजम ऊधम सिंह एक ऐसे महान क्रांतिकारी थे जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए अपना जीवन देश के नाम कुर्बान कर दिया। लंदन में जब उन्होंने माइकल ओ. ड्व...

जिन्ना सनकी थे,पागल थे - माउंटबैटन

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- अरविन्द सीसौदिया माउंटबैटन - जिन्ना सनकी थे,पागल थे,बिलकुल असंभब..!  मैं नहीं समझता हम उनके मरने का इंतजार करते.....न हमारे पास समय था, न हम निश्चित थे,लेकिन हम उनके साथ दूसरों की तरह बहस कर सकते थे। मैंने सोचा था कि मैं एक ऐसे आदमी के साथा पेश आ रहा हमं जो हमेशा बना रहेगा। जिसका लक्ष्य पाकिस्तान है और मैं उसे इस लक्ष्य से हटा नहीं सकता था। एक पल मान लीजिए कि अगर सत्ता के हस्तांतरण के पहले जिन्न मर जाते तो अपने सबसे बउे दुश्मन के हट जानें से कांग्रेस पार्टी निश्चित ही राहत की सांस लेती। बाकी लोगों को सिर्फ जिन्न की छाया माना जाता था। तब हम ऐसे आाधार पर काम करते जहां कांग्रेस को कहीं जादा देनें के लिए तैयार हो जाता और दूसरे लोग उसे स्विकार करते। भयंकर बात है कि हमें कुछ भी नहीं बताया गया। (पृष्ठ 57) माउंटबैटन - ....अगर जिन्ना दो वर्ष पहले अपनी बीमारी से मर जाते तो हम भारत को एक रख सकते थे। वही थे जिन्होंने इसे असम्भव बना दिया था। जब तक में जिन्ना से मिला नहीं , मैं सोच भी नहीं सकता था कि कितनी असम्भव स्थिति है। (पृष्ठ 60) जिन्ना- नहीं। मैं भारत का एक हिस्सा नहीं बनना चाहता। हिन्द...