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संघ प्रचारक : नर करनी करे और नारायण हो जाए

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संघ प्रचारक : नर करनी करे और नारायण हो जाए ( संघ के प्रचारकों के प्रति यह मेरा व्यक्तिगत भाव है इसे अन्यथा ना लिया जाये ! ) संघ को अधिक जानने समझनें में यह लिक मददगार होगा  http://www.archivesofrss.org प्रारंभिक कुछ वर्षों तक संघ में यह प्रचारक शब्द परिचित नहीं था। केवल संघ कार्य का ही अहोरत्रचिंतन करने वाले डॉक्टरजी ही एक मात्र स्वयंसेवक थे। अधिकांश शालेय छात्र किशोर स्वयंसेवक अपने घरों में रहते और कार्यक्रम अथवा बैठक के समय एकत्र आते थे। आयु में कुछ बड़े स्वयंसेवकों में, बाबासाहब आपटे नागपुर की एक बीमा कम्पनी के कार्यालय में टंकलेखन कार्य करते थे। श्री दादाराव परमार्थ ने शालांत परीक्षा उत्तीर्ण करने के अनेक प्रयास किये किन्तु गणित जैसे भयानक विषय के कारण असफल होकर, उसके पीछे लगे रहने की बजाय वे अधिकाधिक समय देकर संघ कार्य करने लगे। उनकी ओजपूर्ण भाषण शैली तथा अंग्रेजी भाषा पर प्रभुत्व के कारण, संघ कार्य करते समय उन्हें कभी भी विद्यालयीन अथवा महाविद्यालयीन उपाधियों की कमी महसूस नहीं हुई। इस समय संघ का कार्य नागपुर के बाहर भी पहुंच चुका था- विदर्भ के ...

योग दिवस : 135 राष्ट्रों के लोगों ने लिया हिस्सा

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  योग दिवस : 135 राष्ट्रों के लोगों ने लिया हिस्सा  http://www.samaylive.com अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर संयुक्त राष्ट्र में संयुक्त राष्ट्र सचिवालय भवन के सामने 135 राष्ट्रों के लोग एकत्र हुए. संरा महासचिव बान की मून ने कहा कि योग का संदेश सौहार्द बढ़ाना है और उन्होंने लोगों से जाति और पंथ से ऊपर उठते हुए एकजुट होने की अपील की. इस मौके पर महासभा के अध्यक्ष मोगेंस लायकेटोफ्ट ने सतत विकास लक्ष्य हासिल करने के लिए योग के महत्व का जिक्र किया. घंटे भर चले कार्यक्र म में प्रख्यात आध्यात्मिक नेता सदगुरू ने एक योग सत्र का नेतृत्व किया. इस कार्यक्र म का आयोजन संरा में भारत के स्थायी दूतावास ने किया था और इसमें संरा के शीर्ष अधिकारी, दूत, राजनयिक तथा योग करने वाले लोग शरीक हुए. ईसा फाउंडेशन के संस्थापक सदगुरू जग्गी वासुदेव ने कहा कि योग दुनिया को भारत का उपहार है. उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह समझना चाहिए कि योग कोई भारतीय :चीज: नहीं है. अगर आप योग को भारतीय कहना चाहते हैं तो फिर गुरूत्वाकषर्ण को यूरोपीय कहिए.’’ सदगुरू ने कहा, ‘‘हां योग की उत्पत्ति भारत से हुई और...

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून : भारतीय संस्कृति का गौरवशाली दिन

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून  भारतीय संस्कृति का गौरवशाली दिन  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है। पहली बार यह दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण से की थी जिसमें उन्होंने कहा:- "योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक हैं; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है; विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन शैली में यह चेतना बनाकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता हैं। तो आयें एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में काम करते हैं।" —नरेंद्र मोदी, संयुक्त राष्ट्र महासभा जिसके बाद 21 जून को " अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" घोषित किया गया। 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्...

आकाशीय उल्का पिंड की झील 'लोनार'

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यह दुनिया की सबसे बड़ी कटोरे के आकार में बनी झील है। इस खूबसूरत झील का नज़ारा आपको महाराष्ट्र में देखने के लिए मिलेगा। क्रैटर एक ऐसा गड्ढा होता है जो आंतरिक विस्फोट से बन जाता है। यह लोनर क्रैटर लेक 50,000 साल पुरानी है। यह झील उल्कापिंड के टकराने से बनी थी। झील के चारों तरफ हरी घास होने की वजह से यह जगह शांत और मन को सुकुन देने वाली लगती है। यह आकाशीय उल्का पिंड की टक्कर से निर्मित पहली झील है। इसका खारा पानी इस बात का प्रतीक है कि कभी यहां समुद्र था। इसके बनते वक्त क़रीब दस लाख टन के उल्का पिंड की टकराहट हुई। क़रीब 1.8 किलोमीटर व्यास की इस उल्कीय झील की गहराई लगभग पांच सौ मीटर है।आज भी वैज्ञानिकों में इस विषय पर गहन शोध जारी है कि लोनार में जो टक्कर हुई,वो उल्का पिंड और पृथ्वी के बीच हुई या फिर कोई ग्रह पृथ्वी से टकराया था। उस वक्त वो तीन हिस्सों में टूट चुका था और उसने लोनार के अलावा अन्य दो जगहों  पर भी झील बना दी, हालांकि पूरी तरह सूख चुकी अम्बर और गणेश नामक इन झीलों का कोई विशेष महत्व नहीं रहा है। लोनार झील  बुढ़ाना ज़िला महाराष्ट्र   यहाँ एक खारे पानी की...

मोदी सरकार 2 साल : भारतीयों की जिंदगी बदलने की कोशिश

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भारतीयों की जिंदगी बदलने की कोशिश  मोदी सरकार 2 साल: इन योजनाओं से बदली आम भारतीय की ज़िन्दगी उद्योग संघ एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने मोदी सरकार के कामकाज 10 में से सात अंक दिए है By Abdulkadir on May 25, 2016 सबका साथ सबका विकास यह वादा कर नरेंद्र मोदी सत्ता में आये थे। 26 मई 2016 को नरेंद्र मोदी की सरकार को दो साल पुरे हो जाएंगे। बीते दो साल में प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार ने आम जनता की भलाई के लिए कई बड़े फैसले लिए। उद्योग संघ एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने मोदी सरकार के कामकाज 10 में से सात अंक दिए है। एसोचैम ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति निश्चित रूप से संभली है और सड़क, राजमार्ग, रेलवे तथा ऊर्जा क्षेत्रों में कुछ साहसिक कदम उठाए गए हैं। एसोचैम ने हालांकि कृषि और ग्रामीण आबादी की दशा में सुधार के लिए आक्राम पहल की जरूरत पर बल दिया। स्किल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और जन धन की सराहना करते हुए बयान में कहा गया है, “समुचित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए काफी कुछ करने की जरूरत है।” अपने कार्यकाल के दौरान मोदी सरकार ने कई ऐसी योजना बन...

संघ बाबासाहब के ही देखे हुए सपने को पूरा करने में लगा है

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बाबा साहब के जीवन को, उनके मूल्यों को जीवन में उतारने की आवश्यकता है - दुर्गादास जी संघ बाबासाहब के ही देखे हुए सपने को पूरा करने में लगा है - डाॅ. अमीलाल भाट राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के  क्षेत्रीय प्रचारक  माननीय  दुर्गादास जी उध्बोधन देते हुए जोधपुर १४ अप्रैल २०१६। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जोधपुर महानगर द्वारा श्रद्धेय बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर जी का 125वां जयंती समारोह  मेडीकल काॅलेज सभागार में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ. एस.एन. मेडीकल काॅलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डाॅ. अमीलाल भाट  ने कहा कि संघ को लेकर समाज में अनेक भ्रांत धारणाएँ फैलायी जाती है जबकि संघ को समझने वाला व्यक्ति जानता है कि संघ बाबासाहब के ही देखे हुए सपने को पूरा करने में लगा है। इस भ्रांत धारणा को समाज से दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म सर्व समावेशी है। इस दर्शन में विश्व के सभी धर्मों और तत्वों का सार निहित है। बाबासाहब भारत रत्न नहीं वरन विश्व के रत्न है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के  क्षेत्रीय प्रचारक ...

आयकर दाताओं की कुल संख्या सिर्फ 1.25 करोड़

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बड़ी आबादी और आयकर दाता May 4, 2016 http://www.4pm.co.in/archives/16434 हमारी सरकार सालाना करीब 5.6 लाख करोड़ के घाटे में जा रही है। इस वजह से सरकार पर कुल कर्ज करीब 70 लाख करोड़ रुपए हो चुका है। इस कर्ज पर सालाना 4.6 लाख करोड़ रुपये ब्याज चुकाना होता है। इस कठिन वित्तीय स्थिति के बाद देश में जीडीपी में टैक्स का अनुपात सिर्फ 16-17 फीसदी है, जबकि अमेरिका, ब्रिटेन आदि में करीब 29 फीसदी है। देश में अमीरों को ढूंढऩा कोई ज्यादा मुश्किल भरा काम नहीं है। बढ़ते होटलों, मॉल्स और ज्वैलर्स की चमचमाती दुकानें देश में प्रगति की गवाही देती हैं। लाखों-करोड़ों रुपये के घर धड़ल्ले से खरीदे और बेचे जा रहे हैं, सडक़ों पर तेज रफ्तार और नई गाडिय़ों की भरमार है। ऐसे में इसे विडंबना ही कहा जायेगा कि देश में आयकर देनेवालों की संख्या कुल आबादी का सिर्फ एक फीसदी है। हालांकि, इनमें से 5,430 लोग हर साल एक करोड़ रुपये से अधिक आयकर देते हैं। लेकिन आबादी का एक बड़ा हिस्सा आयकर देने में लापरवाही बरत रहा है। आयकर से जुड़ा आंकड़ा चौंकाने वाला है। यह देश में कर प्रणाली की खामियों की तरफ भी इशारा करता है। यह आर्थ...

देवर्षि नारद : कल्याणकारी पत्रकारिता की राह - लोकेन्द्र सिंह

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हिन्दू शास्त्रों के अनुसार देवर्षि नारद ब्रह्मा के सात मानस पुत्रो मे से एक हैं। उन्होंने अति कठोर तपस्या करके ब्रह्मर्षि पद प्राप्त किया। नारद भगवान विष्णु के अनन्य भक्तों में से एक माने जाते है। देवर्षि नारद धर्म प्रचार व लोक-कल्याण हेतु सदैव तत्पर रहते हैं। नारद देवताओं व दानवों ने में एक-समान आदरणीय माने जाते हैं। देवर्षि नारद को ब्रह्माण्ड के प्रथम पत्रकार के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। पिछले कुछ समय से इस दिन पत्रकारों को सम्मानित करने का चलन भी बढ़ रहा है। प्रस्तुत है नारद मुनि से संबंधित कुछ सामग्री ।# नारद दिखाते हैं कल्याणकारी पत्रकारिता की राह - लोकेन्द्र सिंह पत्रकारिता की तीन प्रमुख भूमिकाएं हैं- सूचना देना, शिक्षित करना और मनोरंजन करना। महात्मा गांधी ने हिन्द स्वराज में पत्रकारिता की इन तीनों भूमिकाओं को और अधिक विस्तार दिया है- लोगों की भावनाएं जानना और उन्हें जाहिर करना, लोगों में जरूरी भावनाएं पैदा करना, यदि लोगों में दोष है तो किसी भी कीमत पर बेधड़क होकर उनको दिखाना। भारतीय परम्पराओं में भरोसा करने वाले विद्वान मानते हैं कि देवर्षि नारद की पत्रकारिता ...

देश की सिर्फ एक प्रतिशत आबादी करती है आयकर देने लायक

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देश की सिर्फ एक प्रतिशत आबादी करती है आयकर का भुगतान नई दिल्ली |   देश की कुल आबादी में आयकर दाताओं की संख्या सिर्फ एक प्रतिशत हैं। हालांकि, 5,430 लोग ऐसे हैं जो सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक का कर देते हैं। सरकार के आकलन वर्ष 2012-13 के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। पारदर्शिता अभियान के तहत सरकार ने पिछले 15 साल के प्रत्यक्ष कर आंकड़ों को सार्वजनिक किया है। आकलन वर्ष 2012-13 के लिए लोगों के आंकड़ों को प्रकाशित किया गया है। इसमें 31 मार्च, 2012 को समाप्त वित्त वर्ष के आयकर आंकड़े दिए गए हैं। कुल मिलाकर 2.87 करोड़ लोगों ने वित्त वर्ष के लिए आयकर रिटर्न दाखिल किया। इनमें से 1.62 करोड़ ने कोई कर नहीं दिया। इस तरह करदाताओं की कुल संख्या 1.25 करोड़ रही, जो उस समय देश की 123 करोड़ की आबादी का लगभग एक प्रतिशत बैठता है। आंकड़ों के अनुसार ज्यादातर यानी 89 प्रतिशत या 1.11 करोड़ लोगों ने 1.5 लाख रुपये से कम का कर दिया। इस दौरान औसत कर भुगतान 21,000 रुपये रहा। कुल कर संग्रहण 23,000 करोड़ रुपये रहा। 100 से 500 करोड़ रुपये के दायरे में तीन लोगों ने 437 करोड़ रुपये का कर दिया। इस तरह औसत...

नरेन्द्र मोदी सरकार के दो वर्ष

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मोदी सरकार के दो वर्ष मोदी सरकार आगामी 26 मई को अपने दो वर्ष पूरे करने जा रही है। अब तक सरकार ने जो भी काम किए हैं उन्हें देखकर कहा जा सकता है कि वह अब तक लोगों की आशाओं पर खरी उतरी है। फिर चाहे वह जन-धन योजना हो, एलपीजी कवरेज में वृद्धि, गांवों में विद्युतीकरण, सस्ता एलईडी बल्ब उपलब्ध कराने सम्बन्धी योजनाओं का लाभ जनता को मिल रहा है। हालांकि अभी भी कई योजनाओं के अपेक्षित लाभ सामने आना है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नीत यूपीए सरकार से मायूस होकर लोगों ने भाजपा को अपार जनसमर्थन देकर केन्द्र की सत्ता सौंपी थी जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र भाई मोदी कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में जहां विदेशों में भारत की छवि में सुधार आया है। वहीं आर्थिक गति भी मिली है। कुल मिलाकर जोरदार बहुमत और जनता की उम्मीदों का दामन थामकर सत्तासीन हुई मोदी सरकार ने पिछले लगभग दो साल में पुरानी जड़ता खत्म करने और विकास को गति देने और आमजन को विकास प्रक्रिया का हिस्सा बनाने का प्रयास किया है। आमतौर पर यह माना जाता है कि लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना प्रत्येक सरकार के लिए चुनौतीभरा होता है, लेकिन ...

भारतीय मुस्लिमों के पूर्वज हैं राम : मोहम्मद अफजाल

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भारतीय मुस्लिमों के पूर्वज हैं राम, जल्द बनेगा मंदिरः अफजाल Published 24-Apr-2016 मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजाल, नई दिल्ली। राम मन्दिर के मुद्दे पर सिर्फ वीएचपी ही आवाज नहीं उठा रही है बल्कि अब मुस्लिम राष्ट्रीय मंच भी अदालत के बाहर राम मंदिर के मुद्दे को सुलझाने की तैयारी में है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए व्यापक सहमति बनाने की तैयारी कर ली है। मंच इसके लिए बाबरी मस्जिद एक्शन कमिटी से भी बातचीत की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक मंच की इसी हफ्ते नागपुर में हुई तीन दिन की मीटिंग में भी यह मसला उठा। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजाल ने ईनाडु इंडिया से बातचीत में कहा कि अब वक्त आ गया है कि मुस्लिम समुदाय को अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए हिंदू समाज का समर्थन करना चाहिए। अफजाल ने कहा कि असली  असहिष्णुता तो ये है कि बहुसंख्यक हिंदुओं के आराध्य रामलला अयोध्या में तिरपाल में हैं। उन्होंने कहा कि भारत का मुस्लिम समाज कोई बाहर से नहीं आया है औ...

70 प्रतिशत लोग चाहते हैं नरेन्द्र मोदीे पांच साल के पहले कार्यकाल के बाद भी प्रधानमंत्री बने रहें

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70 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि नरेन्द्र मोदीे पांच साल के पहले कार्यकाल के बाद भी प्रधानमंत्री बने रहें - भाषा मीडिया अध्ययन केंद्र (सीएमएस) के सर्वेक्षण में नरेन्द्र मोदी सरकार के दो साल के कामकाज प्रदर्शन का आकलन करने पर पता चला कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कामकाज को बड़ी संख्या में लोगों ने पसंद किया है जिनकी संख्या 62 फीसदी है और करीब 70 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि वे पांच साल के पहले कार्यकाल के बाद भी प्रधानमंत्री बने रहें। सर्वेक्षण में गिनाई गयीं बड़ी उपलब्धियों में जन धन योजना (36 प्रतिशत), स्वच्छ भारत मिशन (32 प्रतिशत) और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश लाने के प्रयास (23 प्रतिशत) का जिक्र हुआ। अलग अलग मंत्रालयों के आकलन में रेल मंत्रालय सर्वश्रेष्ठ आंका गया। प्रतिभागियों ने इसके बाद वित्त और विदेश मंत्रालय के कामकाज पर संतोष प्रकट किया। केंद्रीय मंत्रियों को पसंद करने के मामले में सबसे ज्यादा मत श्रीमती सुषमा स्वराज को मिले। इसके बाद राजनाथ सिंह, सुरेश प्रभु, मनोहर पर्रिकर और अरूण जेटली को लोगों ने पसंदीदा मंत्री बताया। एक संवाददाता सम्मेलन में सर्वेक्षण के नतीज...

अगस्ता मुद्दा : कांग्रेस करप्शन

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अगस्ता विवाद: सरकार बोली- मोदी ने नहीं की काेई डील; जांच में यूं जुटे पर्रिकर dainikbhaskar.com 30 Apr 2016 नई दिल्ली.केंद्र ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील पर बड़ा बयान दिया है। इसमें कहा गया है कि नरेंद्र मोदी ने इस मामले में इटली से कोई डील नहीं की। सरकार का कहना है कि असली मुद्दा तो करप्शन का है। इस बीच, अपोजिशन के हमलों का जवाब देने के लिए मनोहर पर्रिकर ने खास टीम बनाई है। यह टीम 40 फाइलों को खंगाल कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 'फेवर' लिए गए या 'वेवर' दिए गए ? और क्या कहा गया है स्टेटमेंट में.... - शुक्रवार रात जारी स्टेटमेंट में सरकार ने कहा- जो लोग प्रधानमंत्री को कामयाब होते नहीं देख पा रहे हैं वो ही उन पर सौदे की तरफ इशारा कर रहे हैं। लेकिन इसका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। क्योंकि प्रधानमंत्री ने कोई सौदा या डील की ही नहीं है। डोभाल और मिश्रा का नाम आने पर भी सफाई - बयान में एनएसए अजीत डोभाल और पीएम के प्रिंसिपल सेक्रेटरी का नाम एक आरोपी से जोड़े जाने को लेकर भी सफाई दी गई है। इसमें कहा गया है कि इन दोनों पर जो आरोप लगाए...

इशरत जहां मामले में कांग्रेस पर उंगली उठी

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उंगली उठी, चिंता बढ़ी तारीख: 27 Apr 2016 इशरत जहां मामले में भाजपा के तीखे तेवरों के आगे कांग्रेस को जवाब देना भारी पड़ गया है। इशरत के खतरनाक षड्यंत्र को छुपाने के तथ्य चिदंबरम को 10 जनपथ से शह मिलने की तरफ संकेत कर रहे हैं इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले का भूत फिर से लौट आया है। ताजा खुलासे में केंद्रीय वाणज्यि व उद्योग मंत्री नर्मिला सीतारमन ने 18 अप्रैल को अपने बयान में कहा, ''कांग्रेसी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी तत्कालीन गृहमंत्री पी़ चिदंबरम के साथ इस मामले में शामिल हैं। इस मामले को गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया था।'' सीतारमन ने कहा, ''कांग्रेस ने आतंकी साजिश को दबाया जो (प्रधानमंत्री) मोदी को समाप्त कर सकती थी। आप साफ तौर पर मान रहे हैं कि आप राजनीतिक तौर पर यह लड़ाई नहीं लड़ सकते इसलिए उस नेता का खत्मा किया जाए या उसके लिए उकसावा ही दिया जाए जिससे राजनीतिक तौर पर आप जीत नहीं सकते। ऐसा प्रयास हर संभव किया गया जिससे यह पता चले कि वह एक वर्ग के खिलाफ हैं और उनको कोई आतंकी ...

भारत 'माता' वेदकाल से - साधु प्रो़ वी़ रंगराजन

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तारीख: 25 Apr 2016  - साधु प्रो़ वी़ रंगराजन दुर्भाग्य से आज भारत के ही कुछ लोग कहते हैं कि प्राचीन भारत में 'भारत माता की जय' बोलने की प्रथा नहीं थी, इन्हें इतिहास की जानकारी नहीं है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने 3 मार्च, 2016 को कहा था, 'अब समय आ गया है कि हम नई पीढ़ी को कहें कि वह 'भारत माता की जय' का उद्घोष करे।' उनके इस बयान पर गैर जिम्मेदाराना तरीके से टीका-टिप्पणी की गई। श्री भागवत द्वारा स्पष्टीकरण देने के बावजूद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। स्पष्टीकरण में उन्होंने कहा, 'हमें ऐसे महान भारत का निर्माण करना है जिसमें लोग स्वयं ही 'भारत माता की जय' का नारा बुलंद करें। इसे किसी पर थोपा न जाए। यह वास्तविक और स्वत: स्फूर्त हो।' इसलिए भारत को मातृभूमि के तौर पर समझने और महसूस करने की जरूरत है। श्री भागवत के बयान के जवाब में कई बयान सामने आए। एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर उनके गले पर चाकू भी रख दिया जाए तो भी वह भारत माता की जय नहीं बोलेंगे। 'भारत माता की जय' न बोलने पर महाराष्ट्...