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सत्य ही ईश्वर है Truth is God - Arvind Sisodia

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  सत्य ही ईश्वर है (ट्रुथ इज गॉड ) - अरविन्द सिसोदिया 9414180151 Truth is God - Arvind Sisodia 9414180151 में जब किशोर वय का छात्र था, तो अक्सर अपने कॉपियों पर एक शब्द सहज भाव से अंग्रेजी में लिखता था, ट्रुथ इज गॉड । मुझे लगता था यह शब्द सबसे वजनदार है, सबका सार है या यह मुझे गरिमा प्रदान कर रहा है। बचपन में पचपन की सोच का क्या मायने है। यह न में तब समझता था न अब समझता ! मगर मुझे लगता है कि ईश्वर की स्वप्रेरणा (वाई फाई सिस्टम ) कुछ निर्देश देता था, जो तब मेरी समझ में नहीं आते थे, अब पूरी तरह समझ में आते हैं। When I was a student of teenage age, I often used to write one word in English on my notebooks in a spontaneous way, Truth is God. I used to think that this word is the most weighty, the essence of all or it is giving me dignity. What is the meaning of thinking of fifty five in childhood. I didn't understand it then and I don't understand it now. But I think that God's inspiration (Wi-Fi system) used to give some instructions, which I did not understand then, now I unde...

भारत के गौरवमय अतीत की एक झाँकी India's-glorious-past

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 - प्रस्तुतकर्ता - अरविन्द सिसौदिया 9414180151   आचार्य श्रीराम शर्मा के आर्शीवाद से.......   भारत के गौरवमय अतीत की एक झाँकी   समस्त विश्व को भारत के अजस्र अनुदान   (ज्ञान का अद्वितीय भण्डार युक्त उपरोक्त पुस्तक से )    मुद्रक : युगनिर्माण योजना, मथुरा। से साभार  Link :- samast-vishwa-ko-bharat-ke-ajashra-anudan आदर्श सहित उद्देश्य को यदि जीवन लक्ष्य बनाया जाए तो मनुष्य की अंत:चेतना अत्यंत बलिष्ठ होती जाती है और उस सामर्थ्य के कारण जीवनोपयोगी सभी आवश्यक सुविधा-साधन तो सहज में जुटते ही रहते हैं, साथ ही वे परिस्थितियाँ भी प्रस्तुत होती रहती हैं जिनके कारण आत्म संतोष मिलता रहे, आत्म गौरव उपलब्ध होता है रहे। आत्मबल ही इस संसार में सबसे बड़ा बल और वैभव है, इसे प्राप्त करने के उपरांत न कोई दुःख शेष रहता है और न अभाव, न दारिद्रय का कोई कारण शेष बचता है। अपने गुण-कर्म-स्वभाव की उत्कृष्टता यदि संपादित कर ली जाए तो भौतिक दृष्टि से तृप्तिदायक सुख और आनंददायक शांति की प्रचुर मात्रा सदैव सामने खड़ी रहती है। ऐसे व्यक्ति स्वयं श्रेय प्राप्त करते हैं और अप...

परिवार व्यवस्था के बिखराव को, संस्कार केन्द्र स्थापित कर रोकें - अरविन्द सिसौदिया

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  परिवार व्यवस्था के बिखराव को, संस्कार केन्द्र स्थापित कर रोकें - अरविन्द सिसौदिया परिवार व्यवस्था के बिखराव को, संस्कार केन्द्र स्थापित कर रोकें - अरविन्द सिसौदिया Stop the disintegration of the family system by setting up Sanskar Kendra ( ritual centers ) - Arvind Sisodia   आज से 40 - 50 साल पहले परिवार के लोगों में जो समर्पण था, जो एकजुटता  थी, जो एक कुटुंब भाव था अर्थात आपसी संयुक्त रहन-सहन था। वह पूरी तरह दरक चुका है। उस समय का जो अनुशासन था, अदव था, जो सहयोग की भावना थी, वह अब देखने को नहीं मिलती। पहले जो एक दूसरे के काम आने का माद्दा था, जो रिश्ते नातों में आपसी जुड़ाव था, वह अब समाप्त प्रायः की ओर जा रहा है।  अपनेपन की वे बातें अब दूर -  दूर तक यह परिवारों में देखने को नहीं मिलती। निश्चित ही परिवारों में पाखंड भाव का पदार्पण हो चुका है। यह एक बडी और व्यापक सामाजिक समस्या है और इसका निदान तथा समाधान होना ही चाहिए। भगवान श्री राम  को मर्यादा पुरूषोत्तम कहा गया है।  उनके कालखंड में हनुमान जैसा सहयोगी, श्रवण जैसा पुत्र, भरत जैसा भाई और सीता जैसी प...

GOD ONLINE ऑनलाइन ईश्वर - अरविन्द सिसोदिया

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- Arvind Sisodia 9414180151 - अरविन्द सिसोदिया 9414180151                                GOD ONLINE : ऑनलाइन ईश्वर Some people still fail to understand God, fail to recognize God's arrangements, are also ignorant of knowing and understanding Him. While He controls our Rome Rome through his abilities. कुछ लोग अभी भी ईश्वर को समझने में नाकाम है , ईश्वर की व्यवस्थाओं को पहचानने में नाकाम है, उसको जानने और समझने में भी अनिभिज्ञ हैं। जबकि वह अपनी क्षमताओं के माध्यम से हमारे रोम रोम पर नियंत्रण रखता है। The first computer of the universe is with God, the first hard disk of the universe is with God, the first internet in this universe is with God, the first WiFi system is with God, in total, whatever computer system, online system, internet system we are seeing today Are, understanding, using. All this is with God since millions and millions of years ...

अति महत्वाकांक्षी मलिक से पूछताछ होनी जरूरी - अरविन्द सिसोदिया Satyapal Malik

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  अति महत्वाकांक्षी मलिक से पूछताछ होनी जरूरी - अरविन्द सिसोदिया  मलिक बहुत अधिक महत्वाकांक्षी हैं, पद के पीछे उन्होनें बन्दर कूद का रिकार्ड जैसा बना रखा है। अनेकों दलों में अपना स्वार्थ सिद्धी करते रहे मलिक कतई विश्वसनीय नहीं हें। यह अपने भावी हित साधनें के लिये सफेद झूठ दर झूठ बोले जा रहे हें। इनकी गहन जांच होनी ही चाहिये।   राजनैतिक मौसम विज्ञानी मलिक से पूछताछ होनी जरुरी - अरविन्द सिसोदिया अब आते हैँ मूल मुद्दे पर, पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक राजनीति में अनेकों दल बदल के बाद भाजपा में पहुँचे थे। जैसे कि प्रथमतः लोकदल, फिर लोकदल से कांग्रेस, फिर कांग्रेस से जनता दल, इसके बाद समाजवादी पार्टी और सपा से भाजपा में पहुँच गये। और भाजपा नें उन्हें कई राजभवनों में राज्यपाल बनाया। अब वे ऊँचे ओहदे के बिना झटपटा रहे हैं। अनर्गल बयानवाजी कर देश को शर्मिंदा कर रहे हैं। मालिक को भविष्य के राजनैतिक उतार चढ़ाव का ज्ञानी माना जाता है, राजनीति में इसे मौसम विज्ञानी कहा जाता है। भविष्य में किसका साथ छोड़ कर, किसके साथ रहने में फायदा है और वह फायदा उठा भी लिया जाये। मलिक इस मामले में भाग्यश...

अक्षय फलदायी आखा तीज

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 यूं तो साल में चार अबुझ मुहूर्त आते है। जिसमें विशेषकर विवाह समारोह एवं मांगलिक कार्य सम्पन्न होते है। साल में चार अबूझ मुहूर्त आते हैं। इन मुहूर्त में विवाह आदि सभी मांगलिक कार्य बिना शुभ मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं। ये चार अबूझ मुहूर्त हैं - अक्षय तृतीया, देवउठनी एकादशी, वसंत पंचमी और भड़ली नवमी। ये चारों तिथियां किसी भी शुभ काम की शुरुआत करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी गई हैं। अक्षय तृतीया विशेषरूप से भगवान विष्णुजी एवं देवी लक्ष्मी जी को समर्पित है। किन पौराणिक मान्यताओं के कारण शुभ है अक्षय तृतीया ? Due to which mythological beliefs is Akshaya Tritiya auspicious? शास्त्रों के मुताबिक वैशाख माह विष्णु भक्ति का शुभ काल है। According to the scriptures, the month of Vaishakh is an auspicious period of devotion to Vishnu. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इस माह की अक्षय तृतीया को ही भगवान विष्णु के नर-नरायण, हयग्रीव और परशुराम अवतार हुए थे। इसलिए इस दिन परशुराम जयंती, नर-नारायण जयंती भी मनाई जाती है। According to mythological beliefs, it was on Akshaya Tritiya of this month that Nar-Nara...

स्वयमेव मृगेंद्रता : भारत को सर्वाेच्च शक्तिशाली बनना ही होगा - अरविन्द सिसौदिया

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  भारत को सर्वाेच्च शक्तिशाली बनना ही होगा  - अरविन्द सिसौदिया India must be the most powerful - Arvind Sisodia 9414180151  इस समय जो स्थिती विश्व की बनीं है। उसमें हिंसावादी ताकतें सिर उठायेंगीं क्यों कि इस रोकनें की क्षमता वाले अमेरिका और उसके मित्र राष्ट्रों का नेतृत्व कमजोर हाथों में है। कुछ काम शक्ति होते हुये भी इच्छा शक्ति से होते हैं। अमेरिका का तालिवानों के आगे आत्म समर्पण जैसी स्थिती के बाद अचानक ही चीन एवं रूस की आंतरिक इच्छाायें फिर से जाग्रत हो गईं है। अभी ये एक हो कर अपने अपने भौगोलिक हित साधनें में लगे है। आगे चल कर रूस और चीन में भी संघर्ष होगा । एक म्यान में दो तलवार रह ही नहीं सकतीं है। इसलिये वेट एडं वाच वाली बात ही महत्वपूर्ण है। चीन से शत्रुता रहनी ही है, इसलिये रूस से मित्रता तो रखनी ही होगी। मित्रता न रहे तब भी शत्रुता नहीं करनी चाहिये। वहीं अमेरिका अभी भले ही कमजोर हाथों में हो मगर अगले चुनाव में वहां मजबूत राष्ट्रपति आनें की ही संभावना है। इसलिये अमेरिका हमेशा कमजोर रहेगा यह भी नहीं है। इसलिये अमेरिका से भी सम्बंध अच्छे रहनें ही चाहिये। अभी स्थित...

रामायण - समर्पण क़ी पराकाष्ठा

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"लक्ष्मण सा भाई हो, कौशल्या माई हो, स्वामी तुम जैसा, मेरा रघुराइ हो..  नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो,  चरण हो राघव के, जहाँ मेरा ठिकाना हो.. हो त्याग भरत जैसा, सीता सी नारी हो,  लव कुश के जैसी, संतान हमारी हो..  श्रद्धा हो श्रवण जैसी, सबरी सी भक्ति हो,  हनुमत के जैसी निष्ठा और शक्ति हो... " ये रामायण है, पुण्य कथा श्री राम की।   “रामायण” क्या है हम कथा सुनाते, रामसकल गुण धाम की, हम कथा सुनाते, रामसकल गुण धाम की, ये रामायण है,पुण्य कथा श्री राम की  रामायण का एक छोटा सा वृतांत है, उसी से शायद कुछ समझा जा सकता है। एक रात की बात हैं, माता कौशल्या जी को सोते में अपने महल की छत पर किसी के चलने की आहट सुनाई दी।  नींद खुल गई, पूछा कौन हैं ? मालूम पड़ा श्रुतकीर्ति जी (सबसे छोटी बहु, शत्रुघ्न जी की पत्नी)हैं । माता कौशल्या जी ने उन्हें नीचे बुलाया | श्रुतकीर्ति जी आईं, चरणों में प्रणाम कर खड़ी रह गईं माता कौशिल्या जी ने पूछा, श्रुति ! इतनी रात को अकेली छत पर क्या कर रही हो बेटी ?  क्या नींद नहीं आ रही ? शत्रुघ्न कहाँ है ? श्रुतिकीर...