शनिवार, 22 मई 2010

एक ही उपलब्धी - तरसती जनता और तरसता गरीव


अब जोर से नारा लगाओ ,
सी बी आई  हमारी  हे हमको वोट दिलाती हे .
सी बी आई  जिन्दावाद कांग्रेस पार्टी जिदावाद .
य़ू पी ए कई सरकार कई दूसरी पारी का एक साल बीत गया हे . २१ मई २०१० को उसकी वर्षगांठ  थी
इस एक साल क़ी सबसे चर्चित उपलब्धी यही हे क़ी कांग्रेस के हाथ एक येशा मन्त्र लगा हे क़ी उसकी अल्पमत सरकार पूरे ५ साल चलेगी , क्यों क़ी भगबान क़ी दया से ज्यादातर प्रदेश स्तरीय दल और उनके नेता जी भ्रस्ट हें . सब पर आय से अधिक धन या सम्पत्ति हे . सबके  सब सी बी आई के दायरे में हें . सो हमारी सम्पत्ति हमें दो हमारा धन हमें दो और हमसे समर्थन ले लो , फायदा तो यह हे क़ी अब कांग्रेस को बिना मंत्री पद क़ी इक्षा  के भी वोट मिल रहे हें . खेर गत सरकार को नोटों से बचाने वाली कांग्रेस को यह तो फायदा ही हे क़ी अब बिना पैसा सरकार चलेगी .
- इस सरकार क़ी सबसे बड़ी कामयाबी यह हे क़ी सीना ठोक कर मन्हगाई बड़ी , सरकार रोज रोज मंहगाई बड़ ने से खुश हुई . उन्हें शर्म्म नही आई . सरकार के मंत्रियों ने बयाँ दे कर इसका स्वागत किया . जायज बताया . और भी बदने क़ी कामना क़ी . जेसे क़ी इन मंत्रियों को मन्हगाई में से कमीसन मिल रहा हो .वह रे मंत्रियों तुमने बहुत लुटवाया जनता को .
- भ्रस्टाचार
- आतंकवाद
- नक्सलवाद 
- बेरोजगारी 
- गरीवी
- बी पी एल को कार्ड नही 
- इलाज अमीरों का मोत गरिवो क़ी  
वर्शोएँ से यह मुद्दे जनता के हें . यथावत बने हुए हें . कांग्रेस हमेशा गरिवो क़ी बात करती हे मगर भूल कर भी गरिवो दो जून क़ी रोटी भरपेट नही खा ले यह द्यान रखती हे . गरीवी के नारे कई दसको  से गुज रहे हें मगर गरिवो क़ी संखया में निरंतर बडोतरी हुई हे
- योजना आयोग भूखे पेट पर लत मरने वाले पापी कहें जायेंगे .इन्होने गरिवो को गरीव शब्द  से भी बहर कर दिया ये स्टेट क़ी सरकारों को भी पहले से गिनती तय कर के देते हें क़ी आप के यहाँ इतनी संख्या में बी पी एल कार्ड बनेंगे . राजस्थान क़ी सरकार को तो मजबूर हो कर स्टेट बी पी एल बनाने पद रहे हें . भगबान योजना आयोग को गरीव क़ी रोटी छीन  ने के पाप से कभी मुक्त नही करेगा . अवश्य इन्हें दंड मिलेगा .
कुल मिला कर इन ६ सालों  क़ी एक ही उपलब्धी हे तरसती जनता और तरसता गरीव
अरविन्द सीसोदिया
राधा क्रिशन मंदिर रोड ;
ददवारा , कोटा .
राजस्थान . . .. .      .  

राजीव गाधी को , कांग्रेस की श्रधान्जली झूठी.....

राजीव गाधी की दुखद हत्या २१ मई १९९१ में हुई थी . तब यह सामने आया था की हत्या के लिए एल टी टी ई जिम्मेवार  हे उसकी सुबह चिन्तक ड़ी एम् के की करुनानिधि सरकार को १९९१ में बर्खास्त कर दिया गया था, तब कांग्रेस की १ नम्वर दुश्मन करुनानिधि की पार्टी थी . केंद्र में गुजराल सरकार का हिस्स भी ड़ी एम् के थी और जेन आयोग  ने भी इस की भूमिका को संदिग्ध ठहराते हुए टिप्पणी की थी . तब कांग्रेस ने गुजराल सरकार से समर्थन वापिस  ले लिया था . और सरकार को गिरा दिया था .तब तक कांग्रेस को और सोनिया जी को राजीव बड़े थे , दुश्मन दुश्मन था . मगर सत्ता का सुख बहुत बुरा होता हे सब कुछ भुला देता हे . आज जब भारत सरकार कांग्रेस चला रही हे तब कुराना निधि को गले लगाया जा चूका हे . कांग्रेस और करुणानिधि आब एक हें . कुछ साल पहले शत्रु थे , स्वार्थ की दोस्ती हे , राजीव की जाँच कर रहे, जेन  आयोग ने हत्या के लिए करुणानिधि के सामने ऊँगली उठाई थी . मगर सत्ता की लिए सब भूल गये .  .
प्रश्न यह हे की सोनिया के होते हुए भी जब स्वर्थ बड़ा हे तो फिर राजीव क्या हें . उनके तो वे पति थे और की बात छोडो मगर उन्हें तो यह नही कर्ण चाहिए था . अब उन्हें भी सतत की स्वर्थी खा जाये तो आपत्ति नही होनी चाहिए .
राजीव को पुरे देश ने श्रधान्नजली  दी हे , मगर कांग्रेस की श्रधान्जली झूठी मणि जाएगी . क्यों की वे करुणानिधि की गोदी में बेठी हे . उनके सहयोगी हें. उनको एक पूरा मंत्रालय लुटवा रहे हें .
यूँ तो विदेशों में , राजीव की हत्या के लिए कुआत्रोची  को जिम्मेव्र मन जा रहा हे . उसने एल टी टी ई का इस्तेमाल किया बताया जा रहा हे . पूर्व में कांग्रेस के भी उनसे आछे सम्बन्ध थे .करुणानिधि तो उनके कर्ण ही सत्ता में हे . अभी जब एल टी टी ई का जब लंका में सफाया हो रहा था तब भी करुणानिधि ने कांग्रेस को मजबूर कर दिया की वह एल टी टी ई के पक्ष में बोले .और वह बोली थी .
हम तो यहाँ यही कहेगे , कांग्रेस ने सत्ता  के   लिए सभी मर्यादाएं तोड़ डाली

अरविन्द सिसोदिया
राधा क्रिशन मंदिर रोड .
ददवारा , कोटा
राजस्थान . . . .  . .