शेखावत - एक जन नेता का जाना


१५ मई २०१० को उप राष्ट्रपति रहे भैरो सिंह शेखावत का निधन हो गया । पूरी आयु पा कर वे गए । काफी दिन से केंसर के बीमार थे । उनकी मुक्ति पर शोक का कोई कारन नही हे । वे महान नेता थे । बहुत लम्बे राजनेतिक जीवन में उन पर कभी कोई लांछन नही लगा । नही कभी ओछी राजनीती का आरोप आया । राष्र्टवादी राजनीती के शीर्ष पुरुष थे । अटल जी और अडवानी जी के समान उनका नाम भी , गेर कांग्रेसी दिग्गजों में सुमार होता हे ।
यु तो बहत सी बातें हें जिन्हें गिनाया जा सकता हे । मगर एक बात ही सबसे बड़ी हे की ,१९७७ तक आम तोर पर सरकार जनता पर बड़ी धन राशी खर्च नही करती थी । अन्त्योदय योजना के द्वारा उन्हों ने सबसे पहले गरीव आदमी को , पिछड़े आदमी को धन उपलध करवा कर , उसके जीवन स्तर को ऊँचा उतने का काम प्रारंभ किया था । उही की योजनाओं के कारन आज , बहुतसी योजनायें गरीबों के पक्ष में बनी और लागु हुई ।
उन्हें ही ओ बी सी वर्ग को सब से पहले राजस्थान में अरकक्ष्ण देने का shrey जाता हे।
वे एक आम आदमी के नेतृत्व करता थे । उन्होंने हमेसा एक आम आदमी की हिमाकत की । इतिहाश में उनकी राजनेतिक शेली पर लम्बे समय तक शोध होते रहेंगे ।

अरविन्द सीसोदिया
राधा क्रिशन मंदिर रोड , ददवारा ,कोटा
राजस्थान ।
dadawara , kota .

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

‘फ्रीडम टु पब्लिश’ : सत्य पथ के बलिदानी महाशय राजपाल

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

सर्वप्रथम 27 दिसम्बर 1911 को गाया गया था राष्ट्रगान जन गण मन अधिनायक जय है jan-gan-man

आजादी नेताजी सुभाषचंद बोस की आजाद हिंद फौज के कारण

गणगौर तीज शिव-पार्वती का पूजन gangour teej

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

‘‘भूरेटिया नी मानू रे’’: अंग्रेजों तुम्हारी नहीं मानूंगा - गोविन्द गुरू

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस होते तो विभाजन नहीं होता - अरविन्द सिसौदिया Netaji Subhas Chandra Bose