हिंदुत्व- कुंडलनिया जाग्रत हो गई प्रहलाद जानी की


प्रहलाद जानी अहमदावाद के एक अस्पताल में आइसोलेसन वार्ड में रखे गये हें । जहाँ भारतीय रक्षा अनुसन्धान संस्थान विभाग उन पर निकट से निगरानी रख रहा हे । संस्थान का मानना हे कि जानी में कोई नैसर्गिक गुण हे , जिसकी मदद से वो जीवन बचा सकता हे , जानी अनेकानेक वर्षों से बिना अन्न जल के जीवित हें। उनकी उम्र ८१ वर्ष की हे और ७० वर्ष से उन्होंने अन्न जल ग्रहण नही किया हे ।

निगरानी कर रहे डॉक्टरों का कहना हे कि भूख और प्यास का इनके शरीर पर कोई विपरीत असर नही हे। वैज्ञानिको का कहना हे कि जानी किस तरह से भूख पर विजय पाए हुए हें यह रहस्य पता लग जाये तो आपदा , सेना और अन्तरिक्ष यात्रा में भारी मदद मिलेगी ।

डिफेंस इंस्टीटुट आफ फिजियोलाजी एंड एलायड साइंस के निदेसक डॉ जी इलावघागन के साथ ३५ विशेषज्ञ कि टीम आश्चर्य में हे कि , बिना अन्न जल के ही जानी के संस्त अंग सही सही कम कर रहे हें ।

अन्न बिना कुक्ष भी सम्भब नही हे , एक्सज जल के बिना तो किडनी काम ही नही कर सकती , जानी के शरीर में बिना जल पिए पेसाब बन रहा हे और शरीर में ही अवशोषित हो रहा हे । किडनी सही काम कर रही हे और रक्त प्रणाली पूरी तरह सही हे । उनकी सभी आधुनिक जाचें निरंतर हो रही हें , विज्ञानं स्तब्ध हे । माजरा क्या हे। उनकी एम् आर आई कि गई तो वह २५ वर्ष के नव युवक के सामान थी ।

जानी कि ७\८ वर्ष कि आयु में ही कुंडलनिया जाग्रत हो गई थी । तब से उन्होंने अन्न जल त्याग दिया था । वे माता के पुजारी हें । अन्म्बा जी के निकट गब्बर पर्वत के पास माता जी के मंदिर में उनका निवास हे , वे सुबह ३ बजे उठा कर मन्दिर कि सफाई कर पूजा करते हें । वे अपने ध्यान वाले कक्ष में अकेले रहते हें ।

सबसे बड़ा विज्ञानं तो इस्वर का ज्ञान ही हे , हम उसकी व्यवस्था को जन कर समझ कर ज्ञानी हो जाते हें । मगर हम भूल जाते हें कि सब कुछ इश्वर के द्वरा स्थापित हे। हम तो उस में से कुछ को समझ कर अपना काम हल कर लेते हें । और अपने को ज्ञानी मन ने लगते हें ।

अरविन्द सीसोदिया

राधा क्रिशन मंदिर रोड ,

ददवारा , वार्ड ५९ ,

कोटा २ , राजस्थान ।

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

हिंदू नववर्ष 2083 को भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप में मनाये जाने का आव्हान

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

लोकसभा अध्यक्ष के एआई (AI) जनरेटेड 'डीपफेक' वीडियो पर कांग्रेस संचार विभाग के 9 प्रमुख नेताओं को विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) और सदन की अवमानना (Contempt of House) का नोटिस जारी

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, मास्को जेल में..?

काउंटेंर क्लेम धारा 372 के संदर्भ में...

प्रखर राष्ट्रवादी मोदी सरकार को अस्थिर करने के,विदेशी षड्यंत्रों से देश को सतर्क रहना होगा — अरविन्द सिसोदिया

सर्वप्रथम 27 दिसम्बर 1911 को गाया गया था राष्ट्रगान जन गण मन अधिनायक जय है jan-gan-man