श्रीमती राजेजी ने मंत्रिमंडल में किया बड़ा फेरबदल




श्रीमती वसुंधरा राजे जी ने मंत्रिमंडल में किया बड़ा फेरबदल: 6 नए चेहरे हुए शामिल, दो मंत्रियो का हुआ प्रमोशन दो की छुट्टी

sanjeevnitoday.com | Saturday, December 10, 2016 |

जयपुर। राजभवन में मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी की मौजूदगी में राज्यपाल माननीय कल्याण सिंह जी ने  दो विधायकों को कैबिनेट और 4 विधायकों को राज्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई। राज्यमंत्री बाबूलालजी वर्मा और अजय सिंह जी किलक का प्रमोशन कर उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है और पांच विधायकों को संसदीय सचिव बनाया गया है।

किसको मिली केबिनेट में जगह ?
डॉ. जसवंत यादव : बहरोड़ (अलवर) विधायक
श्रीचंद कृपलानी : निंबाहेडा (चित्तौड़गढ़) विधायक

किसको बनाया गया राज्यमंत्री ?
बंसीधर बाजिया : खंडेला विधायक
कमसा मेघवाल : भोपालगढ़ (जोधपुर) विधायक
धनसिंह रावत : बांसवाड़ा विधायक
सुशील कटारा : चौरासी (डूंगरपुर) विधायक

इनकी हो गई छुट्टी
जीएडी राज्यमंत्री जीतमल खांट और विधि राज्यमंत्री अर्जुनलाल गर्ग की छुटटी कर दी गई है।  दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं।

इनको मिली संसदीय सचिव की जिम्मेदारी
ओमप्रकाश हुड़ला
 कैलाश वर्मा
राजेंद्र नागर
शत्रुघ्न गौतम
भीमा भाई
शपथ ग्रहण समारोह में श्रीमती वसुंधरा राजे जी  ने कहा कि हमारी टीम वैसे भी अच्छा काम कर रही थी। अब बांकी  के दो साल बचे हैं, इसमें प्रदेश को आगे लेकर जाना है। इस मकसद से विस्तार किया गया है।


इस तरह किया गया सलेक्शन
असल में तीन साल तक लगातार जिलों के दौरे और
मंत्रियों से लिए जाने वाले फीडबैक के आधार पर
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी ने तय किया ।



टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

एक ईसा, एक बाइबल, लेकिन ईसाइयों में भी हैँ बहुतसारी भिन्नतायें

जर्मनी नें आंतरिक सुरक्षा हेतु 10 सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की

चुनाव आयोग को चोर कहना, पूरे शासनतंत्र को अपमानित करना है, संविधान विपक्ष को इस तरह की गिरी हुई हरकतों की अनुमति नहीं देता

7 अक्टूबर: मोदीजी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण

भारत की 80 करोड़ से अधिक आबादी मेटा की पकड़ में है....?

स्टारलिंक Starlink

हताश कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके, सड़कों पर अराजकता फैलाकर और जनता को गुमराह करके सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है - शिवराज सिंह चौहान

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा,संवैधानिक संस्थाओं की अनिवार्य जबाबदेही है — अरविन्द सिसोदिया

कांग्रेस की बेतुकी मांग ब्रह्मा भी पूरी नहीं कर सकते, अति तुष्टिकरण के कारण जनता की नजर से उतरी — अरविन्द सिसोदिया