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कुम्भं एक पवित्र विचार एक पवित्र उर्जा ...

कुम्भं एक पवित्र विचार एक पवित्र उर्जा ... । पावन धाम हरिद्वार की यात्रा हुई , बहुत से विचारों का आदान प्रदान हुआ । समझमें आया कुम्भं विचारों का प्रवाह जन जन को देने की व्यवस्था थी । खोजों को बाटने की एक दुसरे को जानने समझाने की व्यवस्था का प्रवंधन था । आश्रम अनुसंधान शाला होते थे , उनमें समाज की उपयोगिता के प्रयोग होते थे । उपयोगी जानकारी एकत्र कर इन माध्यमों से सरे देश में पहुचाई जाती थी । साधू शोधर्थी होते थे , चिंतन के द्वारा मन के द्वारा बहस के द्वारा तथ्य और तत्व पर निर्णय लिए जाते थे । समाज में धर्म का बड़ा दर्जा उनकी उच्च स्तर के कारण हे , वह सु व्यवस्था का निर्माता हे, शन्ति का और सद विचारों का प्रेरक हे । संतोष का स्रोत हे । सब को सुख देने वाली व्यवस्था का हमेशा ही समाज में स्वगत होता हे । यही हिंदुत्व की विशेषता हे । सनातन का मतलव सदेव नूतनता लिए हुए । सदेव सत्यता लिए हुए । अपनी खिड़की दरवाजे खुले रखना , प्रदूषित बहार , शुद्ध अंदर । अरविन्द सीसोदिया राधा क्रिशन मंदिर रोड , वार्ड ५९ , कोटा २ , राजस्थान ।

लूटतन्त्र जीता और लोकतंत्र हारा

कांग्रेस जीती , मंहगाई जीती , डकेत जीते , जमाखोर जीते , पूंजीवाद जीता कुल मिला कर लूटतन्त्र जीता और लोकतंत्र हारा ... । सोदेवाजी के द्वारा कांग्रेस ने एक वार फिर से सरकार बचाली । मंहगाई का मुद्दा धरा रह गया । जनता के शुभ चिन्तक होने का मुखोटा उतर गया । जनहित का नकाब कांग्रेस की एक तिरछी नजर में जाने कहाँ उड़ गया । कांग्रेस ने इन्हे जब इनकी दोलत जयदात और अकूत धन का आइना दिखाया तो मुलायम , माया , लालू के होश उड़ गये । मंहगाई का मुद्दा छोड़ा धन दोलत बचाव में लग गये । जरा भी शर्म नही की कि कल क्या ख रहे थे , आज क्यों पलट रहे हें । कुल मिला कर जनता के विस्वास से धोका किया गया हे । राजनीती को इन धोकेबाजों नें चुल्लू भर पानी में डूब मरने लायक नहीं छोड़ा । मुलायम ने हमेशा कांग्रेस को गलत वक्त पर साथ दिया और फिर कांग्रेस ने मुलायम को लात मरने में देर नही लगाई यही इतिहास हे । येसा ही माया और लालू के साथ भी हुआ । काग्रेस जानती हे कि कोन बिकाऊ हे । वह इनके भाव ताव भी जानती हे । कट मोसन लोक सभा में मंहगाई कम करने के लिए था किसी कि सरकार बनाने के लिए नही था । महंगाई का मुद्दा हर नागरिक का हे , क्या