पोस्ट

जून 8, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भोपाल गैस दुर्घटना-भारतवासी कीड़ों मकोड़ों की तरह

इमेज
शनि महाराज देंगे सजा एंडरसन को .... सरकारी  न्याय व्यवस्था से तो आच्छी , हमारे शनी महाराज की न्याय व्यवस्था हे की कोई कितना भी भारी  दानी ही क्यों न हो , पाप किया हे तो भुगतना ही पड़ेगा . एंडरसन जो की मुख्य अपराधी हे को अदालत ने भगोड़ा घोषित किया हे , उसके भागने में तो भारत सरकार ने मदद की थी    , वह न्यूयार्क के एक उपनगरीय इलाके में रहता है। अमेरिका ने उसे सोंपने की बात तो नही कही , भारत एक गुलाम मानसिकता का देश उसे यहँ ला सकेगा येशा लगता नही हे , येसे में यही ठीक हे की शनी महाराज से प्रार्थना की जाये की वे  उसे सजा  दें ,    भोपाल गैष त्रासदी में १५ हजार से ज्यादा लोग  मारे गए और २ लाख  से ज्यादा लोग निरंतर पीड़ा भोग रहे हें , यह विश्व की सबसे बड़ी ओद्योगिक दुखान्त्की हे , इस दुर्घटना  को टाला जा सकता था और रोका जा सकता था , मगर मालिक लोग कार्यरत मजदूरों को गुलाम समझते रहे और प्रशासन मालिकों को अपना मालिक समझता रहा , राजनेतिक लोग भी गुलाम रहे , अन्यथा यह कारखाना शहर से कम से कम ५० / १००  किलोमीटर दूर लगता , तमाम नियमों को सख्ती से पालन होता , समय समय पर होने वाली चेकिग सही ढंग  से