अफजल को फ़ांसी , विनय कटियार के दबाव में

अफजल को फ़ांसी , विनय कटियार के दबाव में
- अरविन्द सिसोदिया
अफजल गुरु जेसे आतंकवादी कांग्रेस के घरजमाई
शीर्षक से १८-५-२०१० को में ने इसी  ब्लॉग पर अपनी  पोस्ट  लिखी थी ,
- भाजपा ने अम्बेडकर नगर जिले में आगामी 25 जून को ‘जागो जनता रैली’ आयोजित की है। रैली के लिए छपे एक पोस्टर में पूछा गया है कि संसद पर हमला करनेवाला अफजल गुरु किसका दामाद है, कांग्रेस का ?
- कांग्रेस इस पर भड़की हुई हे , उसने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए , इसे दिमागी दिवालिया पन कहा हे . सच यही हे की भारत की जनता में दिमाग हे वह सहनशील हे उसमें धर्म  निरपेक्षता हे वह अपने से बड़ कर दूसरे को सम्मान देती हे ,  इसी  कारण से ही कांग्रेस हे ! इसी कारण से चाहे जो कहने वाले लोग हें , इस जनता ने जब भी  दिमागी दिवालिये पन से अपना हित  सोचना शिरू कर दिया उसी  दिन से पाखंड की राजनीती सुधर जायेगी.., लोग भारत में रहकर भारत का बुरा करना भूल जायेंगे, हिन्दुओं की सहनशीलता को उनकी कमजोरी मत मनो वह भी क्रोध में आ सकता हे ,
- में पूर्व संसद विनय कटियार को धन्यवाद दूंगा की उनने बजनदार  ढंग से देशा हित की बात उठाई , कांग्रेस अन्दर तक  कांप गई ! जनता के भय से २३ जून को ही अफजल गुरु की माफ़ी याचिका ख़ारिज करके महामहिम राष्ट्रपति जी को भेजने की खबर आई हे , २००६ से केन्द्रीय ग्रह मंत्रालय बेबकूफ   बनाने में लगा हुआ था ,  जब की पहले तर्क दिया जा रहा था की फ़ांसी के २८ मामलों में २२ वे नंबर पर अफजल का मामला हे . जबकि इंदिरा गाँधी के हत्यारों के मामले में यह तर्क था ही नही , उन्हें यथा जल्दी फ़ांसी पर लटकाया गया था , हो भी क्यों ,राष्ट्रिय मामले और जान सामान्य मामलों में फर्क होता ही हे ,
एक दूसरे होर्डिग में विनय कटियार के फोटो के साथ लिखा गया है कि कांग्रेस के पांच आतंकवादी बेटे है। पहला जम्मू कश्मीर का आतंकवाद पंडित नेहरू की देन है। पंजाब का आतंकवाद श्रीमती इंदिरा गांधी की, लिट्टे का आतंकवाद राजीव गांधी की देन, इसके साथ ही नक्सलवाद और उल्फा आंदोलन कांग्रेस की संतानें है।
कटियार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नक्सलियों के साथ मिल कर आंध्र प्रदेश का चुनाव लड़ा था जिससे नक्सली मजबूत हुए और देशभर में आतंकवादी कारनामे अंजाम दे रहें है। उल्फा में बंगला देश से आये अवैध नागरिक शामिल है जिनको कांग्रेस का संरक्षण है।
कटियार का कहना है कि उन्होने अफजल को फांसी देने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था जिस पर कुछ सक्रियता हुई फिर मामला ठंडा पड़ गया।
लगता हे की कांग्रेस पर जब विदेशियों को फायदा पहुचने के आरोप भोपाल गैस कांड के चलते लग रहे हें , तो वह दबाव में हे , न चाहते हुए भी यह निर्णय लाया गया होगा , देखना यह हे की महामहिम  राष्ट्रपति महोदया के यहाँ से कब हरी झंडी मिलती हे .लेकिन इतना तो सच हे की अफजल को फ़ांसी ,  विनय कटियार के दबाव में ही आया हे . 
- राधा क्रिशन मन्दिर रोड ,
डडवाडा , वार्ड ५९ , कोटा २ .
राजस्थान .



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