परमात्मा के परिवार की सदस्य है आत्मा - अरविन्द सिसोदिया Sanatan Hindu
परमात्मा के परिवार की सदस्य है आत्मा - आत्मा और परमात्मा का संबंध आध्यात्मिक दृष्टिकोण से, आत्मा और परमात्मा के बीच एक गहरा संबंध होता है। विभिन्न धार्मिक और दार्शनिक परंपराओं में, आत्मा को एक अविनाशी तत्व माना जाता है जो कि परमात्मा का अंश है। यह विचार विशेष रूप से सनातन हिंदू धर्म की धार्मिक परंपराओं में प्रचलित है। - आत्मा की परिभाषा - आत्मा को अक्सर “अहम्” या “स्वयं” के रूप में देखा जाता है। यह शरीर का वह नेतृत्व है जो शरीर को निर्देशित करता है। आत्मा न केवल जीवन का स्रोत होती है, बल्कि यह ज्ञान, संवेदनाएं और अनुभवों का भंडार भी होती है। आत्मा को चेतना माना जाता है, इसे एक प्रकार का आवेश समूह भी माना जाता है। जैसे हीं आत्मा शरीर छोड़ देती है शरीर अपने आपको नष्ट करने लगता है। जब हम कहते हैं कि आत्माएं परमात्मा के परिवार का हिस्सा हैं, तो इसका तात्पर्य यह होता है कि सभी आत्माएं एक ही स्रोत से उत्पन्न हुई हैं और वे अंततः उसी स्रोत के पास शरीर छोड़नें के बाद पुनः पहुंच जातीं हैँ। - परमात्मा की भूमिका परमात्मा को सृष्टि का मूल कारक माना जाता है। उन्हें सर्वशक्तिमान,...