कविताऐ : - अरविंद सिसोदिया


राम कृष्ण जैसे वीरों से इस धरती ने जीना सीखा है।
राणा और शिवा ने इसे अपनी वीरता से सींचा है,
युग युग से हमारे पुरखों की गौरव गाथायें ,
 मार्ग हमारा  प्रशस्थ करती आईं हैं ।
लक्ष्मीबाई और दुर्गावति की इस धरा ने जीत हमेशा ही पाई है।
बलिदानी संतानों की मातृभूमि भारत ने अमर नित्य होने की वर पाई हे।
जय हिन्द !! जय गणतंत्र दिवस !! 

४ कविताऐ : - अरविंद सिसोदिया 
मझधार जीवन है ..,
http://arvindsisodiakota.blogspot.com/2011/04/blog-post_19.html
निः शब्द के शब्द
http://arvindsisodiakota.blogspot.com/2011/04/blog-post_01.html
देख न लेना नीचे झुक कर; गांधी हिन्दुस्तान को 
http://arvindsisodiakota.blogspot.com/2010/10/blog-post_04.html
करूण कहानी विभाजन
बनाओ अखंड  भारती .....!

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

भारतीय संस्कृति के अजर अमर अष्ट-चिरंजीवी

राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

हिन्दु भूमि की हम संतान नित्य करेंगे उसका ध्यान

भारत को महाशक्ति बनने से रोकने के लिए हिंदुत्व में विभाजन के षड्यंत्र — अरविन्द सिसोदिया

देश में पत्रकारिता के लिए एक ठोस नियामक ढांचा हो - हाईकोर्ट

माँ बाण माता : सिसोदिया वंश की कुलदेवी