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भारत का दृष्टिकोंण सही, रूस को अलग थलग नहीं किया जा सकता - अरविन्द सिसौदिया

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bhaarat ka drshtikonn sahee, roos ko alag thalag nahin kiya ja sakata भारत का दृष्टिकोंण सही, रूस को अलग थलग नहीं किया जा सकता - अरविन्द सिसौदिया India's point of view is correct, Russia cannot be isolated  भारत का दृष्टिकोंण सही, रूस को अलग थलग नहीं किया जा सकता - अरविन्द सिसौदिया भारत ने संयुक्त राष्ट्रसंघ में अमेरिका का साथ न देकर अपने आपको तटस्थ रखा है। चीन, पाकिस्तान , म्यमांर सहित अनेकों एसियाई देशों का भी दृष्टिकोंण अमेरिका एवं यूरोपीय संघ से भिन्न - भिन्न है, तथा एक सामान्य सी बात है कि जो देश विश्व की दूसरे क्रम की महाशक्ति रहा हो , जिस पर 6000 से अधिक परमाणु हथिययार हों, जो सामरिक एवं तकनीकी साजो सामान की आपूर्ती का बडा संस्थान - प्रतिष्ठान हो। उसे आप अचनाक पूरी तरह अलग - थलग कैसे कर सकते है ? व्यापार , आर्थिक एवं आपूर्ती के अनकों मसले इस तरह के होते है। जिनसे वर्षों तो क्या दसकों भी छुटकारा नहीं पाया जा सकता। विशेषकर जब कोई ब्रांडनेम बडी चीज या बडी मशीनों के कलपूर्जों की,बाद में आवश्यक आपूर्तियां का तथ्य हो तो और भी मुश्किल हो जाता है। रूस निर्मित अनेकों सामरिक उपकरण भार...

अपरोक्ष छद्म विश्व युद्ध तो प्रारम्भ हो चुका है - अरविन्द सिसौदिया

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The pseudo world war has begun छद्म विश्व युद्ध तो प्रारम्भ हो चुका है chhadm vishv yuddh to praarambh ho chuka hai     अपरोक्ष छद्म विश्व युद्ध तो प्रारम्भ हो चुका है - अरविन्द सिसौदिया यूक्रेन पर एक तरफा युद्ध रूस द्वारा थोप दिया गया है, एक हफ्ते से ज्यादा गुजर चुका है। रूस द्वारा दिन दो दिन में यूक्रेन पर विजय का स्वप्न भी विफल हो गया है। युद्ध और अधिक खींचता है तो निश्चित ही विश्व युद्ध में बदल सकता है। इस युद्ध के कुछ फायदे भी हैं और कुछ नुकसान भी। फायदा यही है कि अब पूरे विश्व के सभी देशों को समझ लेना चाहिये कि आप लाख युद्ध नहीं लड़ना चाहें तो भी आपके ऊपर युद्ध थोपा जा सकता है। आप लडना नहीं जानते तो आपको बुरी मौत मरना भी पडेगा। लाभ यह हुआ कि अब आप संभल जायें, दुनिया की कोई भी संधि या शक्ति अपने वचन पर सही नहीं उतरती है,यह साबित हो गया है। यूरोपीय संघ और नाटो देशों के झांसे में यूक्रेन में बर्बादी हुई है। संयुक्त राष्ट्रसंघ भी विफल हो गया है। जहां तक विश्व युद्ध का सवाल है वह तो लगभग छद्म रूप में चालू हो गया है। बात सिर्फ इतनी सी ही है कि उसकी अधिकृत घोषणा नहीं हुई है। वर...