अपरोक्ष छद्म विश्व युद्ध तो प्रारम्भ हो चुका है - अरविन्द सिसौदिया

The pseudo world war has begun
छद्म विश्व युद्ध तो प्रारम्भ हो चुका है
chhadm vishv yuddh to praarambh ho chuka hai

 

The pseudo world war has begun

 

अपरोक्ष छद्म विश्व युद्ध तो प्रारम्भ हो चुका है - अरविन्द सिसौदिया

यूक्रेन पर एक तरफा युद्ध रूस द्वारा थोप दिया गया है, एक हफ्ते से ज्यादा गुजर चुका है। रूस द्वारा दिन दो दिन में यूक्रेन पर विजय का स्वप्न भी विफल हो गया है। युद्ध और अधिक खींचता है तो निश्चित ही विश्व युद्ध में बदल सकता है। इस युद्ध के कुछ फायदे भी हैं और कुछ नुकसान भी। फायदा यही है कि अब पूरे विश्व के सभी देशों को समझ लेना चाहिये कि आप लाख युद्ध नहीं लड़ना चाहें तो भी आपके ऊपर युद्ध थोपा जा सकता है। आप लडना नहीं जानते तो आपको बुरी मौत मरना भी पडेगा। लाभ यह हुआ कि अब आप संभल जायें, दुनिया की कोई भी संधि या शक्ति अपने वचन पर सही नहीं उतरती है,यह साबित हो गया है। यूरोपीय संघ और नाटो देशों के झांसे में यूक्रेन में बर्बादी हुई है। संयुक्त राष्ट्रसंघ भी विफल हो गया है।

जहां तक विश्व युद्ध का सवाल है वह तो लगभग छद्म रूप में चालू हो गया है। बात सिर्फ इतनी सी ही है कि उसकी अधिकृत घोषणा नहीं हुई है। वर्ना अमेरिका यूरोपीय देश नाटो आदी अपनी आनी तरह से सक्रिय हो चुके है। उनके द्वारा किये जा रहे उपाय , प्रतिबंध पूरी दुनिया पर असर डालते ही हैं।

इनके प्रतिबंधों का एक फायदा यह तो होने वाला है कि लोग अब अमेरिका - चीन पर पूरी डिपेंडिंग से बाहर निकलेंगे अपने संसाधन विकसित करेगें।

जहां तक विश्व युद्ध की बात है, एक मोड तो आ ही चुका है कि यूक्रेन में विश्व के कई देशों के हथियार पहुंच कर रूसी सेना के विरूद्ध काम कर रहे है, मुकाबला कर रहे हैं। भाडे के सैनिकों की बात भी आ रही है। भाडे के सैनिकों के रूप में कई देशों की सेना ही दूसरे कपड़ों में लड सकती है। पाकिस्तानी सेना कबाईली वेष में भारत से लडी ही थी। आतंकवादियों के रूप में भी प्रशिक्षित लोग भेजे ही जाते हैं।

विश्व के बडे देशों की कूटनीति यह भी रहेगी कि रूस को वियतनाम - अमेरिका युद्ध की तरह उलझाया जाए और उसका ज्यादातर असलहा यहीं समाप्त करवायें जायें। परमाणु युद्ध होता है तो रूस को भी बडा नुकसान होगा। यह सच है कि इस युद्ध से अभी रूस विश्व की दूसरी महाशक्ति पुनः बन गया है। अब उसने चीन को पीछे धकेल दिया है। कुल मिला कर अपरोक्ष विश्व युद्ध तो चल ही रहा है। कब यह असली विश्व युद्ध में बदल जाए बहुत ज्यादा उूरी नहीं होती है,इसमें समय थोडे ही लगता है। किन्तु अभी विश्व युद्ध की सीधी संभावना कम है। अभी तो रूस को यूक्रेन में ही उलझने की नियत अधिक समझ आ रही है। यूक्रेन  की धरती पर ही यह छद्म विश्व युद्ध ही चलेगा इसकी अधिक संभावना है।

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