संदेश

Bhagat Singh लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

शहीदे आजम भगत सिंह के प्रेरणा स्त्रोत Shaheed Azam Bhagat Singh

चित्र
Source of inspiration of Shaheed Azam Bhagat Singh शहीदे आजम भगत सिंह के प्रेरणा स्त्रोत shaheede aajam bhagat sinh ke prerana strot शहीदे आजम भगत सिंह के प्रेरणा स्त्रोत  Shaheed Azam Bhagat Singh   सरदार भगत सिंह के प्रेरणा स्त्रोत  (शहीदे आजम भगत सिंह विशेषांक, १ नवम्बर २००७ अंक / पाथेय कण ) से - अरविन्द सिसौदिया  कभी वो दिन भी आएगा कि आजाद हम होंगे , ये अपनी ही जमीन होगी , यह अपना आसमां होगा | शहीदों कि चिताओं पर , लगेंगे हर बरस मेले , वतन पर मरने  वालों  का, यही बांकी निशां होगा |                         ये पंक्तियाँ तो १९३० के दौर की हैं, अगर आज भगत सिंह जीवित होते तो सौ वर्ष से अधिक के होते ...!  इतिहास कहता है कि गांधीजी और कांग्रेस चाहती तो ये क्रांतिवीर फांसी से बचाए जा सकते थे और यह भी सच है कि गांधी जी ने क्रांतिवीरों पर हो रहे अंग्रेजी शासन के अत्याचारों पर घोर उपेक्षा बरती | इनके मानवीय अधिकारों के लिए कभी व्रत , भूख हड़ताल , सत्याग्रह आयोजित नहीं क...

भगत सिंह का जन्म दिन २८ सितंबर

चित्र
*भगत सिंह का जन्म २८ सितंबर, १९०७,शनिवार सुबह ९ बजे लायलपुर ज़िले के बंगा गाँव (चक नम्बर १०५ जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था। हालांकि उनका पैतृक निवास आज भी भारतीय पंजाब के नवाँशहर ज़िले के खटकड़कलाँ गाँव में स्थित है। उनके पिता का नाम सरदार किशन सिंह और माता का नाम विद्यावती कौर था। यह एक सिख परिवार था | **अमृतसर में १३ अप्रैल, १९१९ को हुए जलियाँवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह की सोच पर गहरा प्रभाव डाला था। लाहौर के नेशनल कॉलेज़ की पढ़ाई छोड़कर भगत सिंह हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन ऐसोसिएशन नाम के एक क्रान्तिकारी संगठन से जुड़ गए थे। भगत सिंह ने भारत की आज़ादी के लिए नौजवान भारत सभा की स्थापना की थी। इस संगठन का उद्देश्य ‘सेवा,त्याग और पीड़ा झेल सकने वाले’ नवयुवक तैयार करना था। ***भगत सिंह ने राजगुरु के साथ मिलकर १७ दिसम्बर १९२८ को लाहौर में सहायक पुलिस अधीक्षक रहे अंग्रेज़ अधिकारी जे०पी० सांडर्स को मारा था। इस कार्रवाई में क्रान्तिकारी चन्द्रशेखर आज़ाद ने भी उनकी सहायता की थी। ****क्रान्तिकारी साथी बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर भगत सिंह ने अलीपुर रोड पर स्थित दिल्ली की तत्कालीन...

Amar Shaheed Bhagat Singh

चित्र
Amar Shaheed Bhagat Singh Born:  September 27, 1907 Martyrdom:  March 23, 1931 Achievements:  Gave a new direction to revolutionary movement in India, formed 'Naujavan Bharat Sabha' to spread the message of revolution in Punjab, formed 'Hindustan Samajvadi Prajatantra Sangha' along with Chandrasekhar Azad to establish a republic in India, assassinated police official Saunders to avenge the death of Lala Lajpat Rai, dropped bomb in Central Legislative Assembly along with Batukeshwar Dutt. Bhagat Singh was one of the most prominent faces of Indian freedom struggle. He was a revolutionary ahead of his times. By Revolution he meant that the present order of things, which is based on manifest injustice must change. Bhagat Singh studied the European revolutionary movement and was greatly attracted towards socialism. He realised that the overthrow of British rule should be accompanied by the socialist reconstruction of Indian society and for this political power must be ...