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वैश्विक भूख सूचकांक भारत के साथ षड्यंत्र

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वैश्विक भूख सूचकांक षड्यंत्र हाल ही में वैश्विक भूख सूचकांक (Global Hunger Index) से जुड़ी एक रिपोर्ट सामने आने के बाद से जमकर बवाल मचा हुआ है। दरअसल इस वैश्विक सूचकांक में भारत को 121 देशों के बीच 107वें पायदान पर रखा गया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद से ही विपक्षी दल समेत तमाम वामपंथी समूह एक सुर में मोदी सरकार को कोस रहे हैं। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि 'भूख और कुपोषण में भारत 121 देशों में 197वें स्थान पर है। अब प्रधानमंत्री और उनके मंत्री कहेंगे कि भारत में भुखमरी नहीं बढ़ रही, बल्कि दूसरे देशों में लोगों को भूख ही नहीं लग रही।' कुछ इसी तरह से अन्य कांग्रेसी नेताओं समेत तमाम तथाकथित वामपंथी बुद्धिजीवियों ने भी इसी तरह से उपहास उड़ाने का कार्य किया है। लेकिन इस रिपोर्ट के पीछे की सच्चाई जानना आवश्यक है, क्योंकि यह संयुक्त राष्ट्र या किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी की रिपोर्ट नहीं बल्कि दो विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) के द्वारा जारी की गई रिपोर्ट है, जिसमें से एक एनजीओ तो ऐसा है जिसकी शुरुआत ही अफ्रीकी देशों में मिशनरी समूह की सहायता से हुई थी। आखिर क्या है...

ड्रग और शराब माफ़ियाई अब महात्मा गांधी के ओट पर उतरी - अरविन्द सिसोदिया

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  ड्रग और शराब माफ़ियाई अब महात्मा गांधी के ओट पर उतरी - अरविन्द सिसोदिया पूरा देश जानता है कि नशे के धंधे में अपार धन दौलत है । इस काम में माफियागिरी और तस्करी का गठजोड़ रहता है और अपराधी तत्व जमीनी स्तर पर इसका संचालन करते हैं । आप पार्टी की नई शराब नीति जग जाहिर हो चुकी है । मोटा पैसा बनाने के चक्कर में , न केवल गली गली शराब की दुकानें खोली गई बल्कि , लोगों को शराब आसानी उपलब्ध हो और वे अधिक शराब का उपयोग कर, शराब ठेकेदार को अधिकतम फायदा पहुचाएं , यह सब उजागर और प्रमाणित रूप में सामनें आ गया । अपराध किया तो जांच भी होगी, पूछताछ भी होगी । बयान भी लिये जाएंगे और जरूरत हुई तो जेल भी जाना पड़ेगा । यह एक तय प्रक्रिया है । भ्रष्टाचार हो या अन्य कोई अपराध , सभी अपने आपको निर्दोष ही बताते हैं । मगर निर्दोष तो न्यायालय ही घोषित करेगा । आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया, दिल्ली के स्कूल , दिल्ली की शिक्षानीति का ढिढोरा पीटते फिर रहे हैं । यदि शराब नीति में पाक साफ हैं तो शराब नीति का ढिंढोरा क्यों नहीं पीटते ?  शराब नीति पर पूरी तरह आप पार्टी का , चुप रहना, फस्टापेज विज्ञापन नहीं देना ही यह द...

RSS नें "जम्मू और कश्मीर" के भारत विलय को संभव किया था

श्री गुरुजी और राजा हरिसिंह की ऐतिहासिक भेंट - 17 अक्तूबर, 1947 15 अगस्त, 1947 का दिन स्वतन्त्रता के साथ अनेक समस्याएँ भी लेकर आया। एक ओर देश-विभाजन के कारण अपना सब कुछ लुटाकर पंजाब और बंगाल से हिन्दू आ रहे थे, तो दूसरी ओर कुछ लोग भारत में ही गृहयुद्ध का वातावरण उत्पन्न कर रहे थे। अंग्रेजों ने जाते हुए एक भारी षड्यन्त्र किया। वे सभी रियासतों को यह अधिकार दे गये कि वे अपनी इच्छानुसार भारत या पाकिस्तान में मिल सकते हैं या स्वतन्त्र भी रह सकते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाकर भारत की कुछ रियासतों ने पाकिस्तान में मिलने या स्वतन्त्र रहने का विचार बनाया। ऐसी सब रियासतों को सरदार पटेल ने साम, दाम, दण्ड और भेद का सहारा लेकर भारत में विलीन कर लिया; पर जम्मू-कश्मीर के विलीनीकरण का प्रश्न प्रधानमन्त्री नेहरू जी ने अपने हाथ में ले लिया; क्योंकि वे मूलतः कश्मीर के ही निवासी थे। इसके साथ ही उनके वहाँ के एक पाकिस्तान प्रेमी मुस्लिम नेता शेख अब्दुल्ला से कुछ अत्यन्त निजी व गहरे सम्बन्ध भी थे। वे उसे भी उपकृत करना चाहते थे। जम्मू-कश्मीर रियासत के राजा हरिसिंह अनिर्णय की स्थिति में थे। वे जानते थे कि पाकिस्...

वेदों का दिव्य संदेश, पुरषार्थी बनो

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वेदों का दिव्य संदेश : राष्ट्र भक्ति यस्यां पूर्वे पूर्वजना विचक्रिरे यस्यां देवा असुरानभ्यवर्तयन् । गवामशवानां वयसश्च विष्ठा भगं वर्च: पृथिवी नो दधातु ।। (अथर्ववेद १२/१/५) भावार्थ:जिस राष्ट्र का हमारे पूर्वजों ने निर्माण किया है और असुरों से रक्षा की है,उसके निर्माण के लिए हम अपना त्याग और बलिदान करने को सदा तैयार रहें) *************************   हे मातृभूमि!हम तुम्हारी गोद में पलते हैं और तेरी ही गोद में पुष्टि और आरोग्यकारक पदार्थ प्राप्त करते हैं।इसलिए समय आने पर तेरे लिए बलिदान देने से पीछे न हटें। (अथर्ववेद १२/१/६२) **************************** राष्ट्र के निर्माण के लिए हम सब नागरिक कर्मशील और जागरूक हों।आलसी और प्रमादी व्यक्ति जिस देश में होते हैं वह देश गुलाम हो जाता है। (अथर्ववेद१२/१/७) **************************** आलसी आदमी सदैव दुख पाते हैं इसलिए हम सब को कर्मनिष्ठ और उद्योगी बनना चाहिए। (ऋग्वेद(८/२/१८;अथर्ववेद२०/१८/३) **************************** आलस्य को त्याग कर पुरुषार्थी बनो,मूर्खता त्याग कर ज्ञान प्राप्त करो,मधुर बोलो और परस्पर मिलजुल कर एक दूसरे की सहायता करो।इस...

अशोक गहलोत और राजस्थान भगवान भरोसे - अरविन्द सिसोदिया

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अशोक गहलोत और राजस्थान भगवान भरोसे  - अरविन्द सिसोदिया हाल ही में , कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के क्रम में युवराज राहुल गांधी ने 1000 किलोमीटर की यात्रा पूरी की और इसी क्रम में कर्नाटक की बेल्लारी में एक बड़ी आम सभा को कांग्रेस के बड़े नेताओं ने संबोधित भी किया । जिसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी सम्मिलित हुए ।  इस सभा में जो दृश्य उपस्थित हुए और उसे मीडिया ने जो कवर किया, उससे यह स्पष्ट महसूस होने लगा है की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अब अशोक नहीं बल्कि शोक युक्त हैं । उनका कांग्रेस हाईकमान में बहुत अच्छा सम्मान नहीं बचा है । यूं तो गहलोत उस कला को जानते हैं कि बड़े नेताओं की स्तुति से ही पद प्रतिष्ठा प्राप्त होती है और इसलिए उन्होंने पूरी ताकत कांग्रेस के नए बनने वाले अध्यक्ष मल्लिकार्जुन  खरगे की जी हजूरी में लगा रखी है । उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव नियमावली से हटकर भी खरगे का समर्थन किया है । बेल्लारी की सभा में भी खरगे के आगे पीछे ज्यादा रहे। हालांकि उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाकर कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी से ...

मेडीकल चिकित्सा हिन्दी में, अपने देश को अपनी आवाज देना - अरविन्द सिसौदिया mbbs course in hindi

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 मध्यप्रदेश में हिन्दी में चिकित्सा अध्ययन की पुस्तकें प्रकाशित करना, अपने देश को अपनी आवाज देना ही है - अरविन्द सिसौदिया madhya-pradesh-first-state-to-start-mbbs-course-in-hindi-language देश की जनता को अपनी भाषा का मूल अधिकार मिले ! राजस्थान में जब मेनें एक चिकित्सा मंत्री को ज्ञापन दिया कि अस्पतालों में मरीज को दिया जानें वाला इलाज एवं जांचों की विभिन्न रिपोटों के पर्चे हिन्दी या उसकी प्रांतीय भाषा में दिये जानें चाहिये । तो मेरा ज्ञापन पत्र मुझे उन्होनें ससम्मान वापस करते हुये कहा यह अभी संभव नहीं है। जब मेनें कहा मरीज यह संमझ ही नहीं पाता कि उसे क्या हुआ है, उसके शरीर की हुई जांच में क्या सही है क्या गलत है। तो वह मानसिक रूप से परेशान रहता है, गैर जरूरी बातों को भी समस्या समझता है और चिकित्सकों के पास भागता है। लेकिन तत्कालीन चिकित्सा मंत्री जो राष्टवादी विचारधारा के ही थे , उन्होनें स्पष्टता से मना करते हुये कहा हो सकता है कि अगली पीढ़ियों को हिन्दी में चिकित्सक का पर्चा मिलनें लगे। मेनें एक ज्ञापन और भी केन्द्र सरकार को भेजा हुआ है कि हिन्दी एवं प्रातीय भाषाओं में प्रथमिक चिक...

प्रधानमंत्री मोदीजी के " पंच प्रण " को भाजपा कार्यकर्ता जन जन तक पहुचायें - संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर

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भारतमाता को परमवैभव पर बिठनें के लिये, प्रधानमंत्री मोदीजी के " पंच प्रण " को भाजपा कार्यकर्ता जन जन तक पहुचायें - संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर कोटा 15 अक्टूबर। भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर नें शुक्रवार को रात्रि में जयपुर प्रस्थान से पूर्व भाजपा कोटा शहर जिला की व्यवस्था टोली को संबोधित किया, इस दौरान संभाग प्रभारी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष सांसद सी पी जोशी, जिला अध्यक्ष कृष्णकुमार सोनी मंचस्थ रहे । भाजपा संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर ने कहा " भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले 25 साल देश की स्मृद्धि और आत्मनिर्भरता के लिए ''अत्यंत महत्वपूर्ण'' बतायें हैं और इन अगले 25 वर्षों के लिये  पांच संकल्प देशवासियों को दिलाये हैं । जिनमें पहला "विकसित भारत",  दूसरा " गुलामी की हर सोच से मुक्ति", तीसरा " अपनी विरासत पर गर्व ", चौथा "देश में एकता और एकजुटता" और पांचवा  "नागरिकों द्वारा अपने कर्त्तव्यों का पालन करना "। उन्होंने कहा "प्रधानमंत्री मोदीजी के इन  ''पंच प्रण '' के  आह्वान क...

जो बाईडन अविश्वसनीय,भारत को सतर्क रहना होगा - अरविन्द सिसौदिया joe-biden

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  जो बाईडन अविश्वसनीय,भारत को सतर्क रहना होगा - अरविन्द सिसौदिया Joe Biden unbelievable, India has to be cautious - Arvind Sisodia माना जाता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाईडन को विश्व का सबसे बडा आतंकवादी ओसामा बिन लादेन,आतंकवाद के खिलाफ सबसे कमजोर राजनायिक मानता था और यह बाईडन नें अफगानिस्तान में अमेरिकी समर्थक सरकार को संकट में डाल कर तालिबानी सरकार बनवा कर साबित भी किया है। It is believed that US President Joe Biden, the world's biggest terrorist, Osama bin Laden, was believed to be the weakest diplomat against terrorism and this Biden has also proved this by putting a pro-American government in Afghanistan in trouble and forming a Taliban government. ओसामा बिन लादेन जो कि अल कायदा नामक आतंकी संगठन का प्रमुख था। इसी संगठन नें 11 सितंबर 2001 को अमरीका के न्यूयार्क शहर के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला कर लहुलुहान किया था। इस हमले के साथ साथ विश्व के कई देशों में आतंक फैलाने और आतंकी गतिविधियां संचालित करने का संगठन दोषी रहा है। Osama bin Laden was the head of a terrorist organization...

कांग्रेस के चार साल, राजस्थान बेहाल - संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर

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  कांग्रेस के चार साल, राजस्थान बेहाल - संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर कोटा 14 अक्टूबर । भारतीय जनता पार्टी की कोटा संभाग स्तर की बैठक भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर के मार्गदर्शन में कुन्हाड़ी - नांता रोड स्थित, संजोग रिसोर्ट पर शुक्रवार को दोपहर में आयोजित हुई । जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के 20-21 को कोटा में होनें वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों को अन्तिमरूप दिया गया था , किंतु चुनाव आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश के चुनाव घोषित होनें से राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा का कोटा कार्यक्रम स्थगित हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को आधा दर्जन तैयारी बैठकें प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर नें संबोधित कीं , उनके साथ संभाग प्रभारी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष सांसद सी पी जोशी रहे । इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर नें संबोधित करते हुये कहा " राजस्थान कांग्रेस की गहलोत सरकार के शासनकाल में बदहाल है, आमजन में गहलोत सरकार के खिलाफ भारी जनाक्रोश है । उन्होंने ने कहा राजस्थान सरकार तुष्टिकरण की राजनीति करते करते अब घोर हिन्दू विरोधी हो गई है । प्रदेश म...

मोदी भारतीय संस्कृति के गौरव उत्थान का युग निर्माण कर रहे हैं - अरविन्द सिसौदिया modi yug nirmata

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मोदी भारतीय संस्कृति के गौरव उत्थान का युग निर्माण कर रहे हैं - अरविन्द सिसौदिया भगवान श्रीराम और उससे भी पूर्व के समय से ही भारत में राजा धर्म की रक्षा और धर्मपथ प्रदर्शकों के मान सम्मान और स्मृतियों को सुदृड करने तथा आध्यात्म एवं देवस्तृती के मंदिरों के नव निर्माण , जीर्णौद्धार एवं स्थापत्य के कार्य करते रहे हैं। माता गंगा को पृथ्वी पर लानें वाले भागीरथ राजा ही थे, रामेश्वरम् में महादेव की स्थापना करने वाले श्रीराम राजा ही थे, भारत में अनेकानेक भव्य मंदिरों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार करने वाले संवत प्रवर्तक विक्रमादित्य एवं अहिल्याबाई होल्कर राज सिंहासन पर असीन थे। उसी परम्परा को वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, योगी आदित्यनाथ, शिवराजसिंह चौहान आगे बडा रहे हैं, तो वे भारत भूमि की परम्परा और कर्तव्य पथ पर ही तो चल रहे है। इसके लिये उनका स्वागत अभिनंदन एवं उत्साहवर्द्धन किया जाना चाहिये। आलोचना तो कतई नहीं की जानी चाहिये। जो लोग इसमें आलोचना के अवसर ढूंढ रहे है। वे भारतीय परम्परा के विरोधी मात्र हैं।  ----- विष्णुदत्त शर्मा सदियों से भारत अपनी सांस्कृतिक आध्यात्मिकता के लिए...

अद्म्य साहस की धनी क्रान्तिकारी दुर्गा भाभी Krantikari Durga bhabhi

7 अक्तूबर/जन्म-दिवस क्रान्तिकारी दुर्गा भाभी भारत के क्रान्तिकारी इतिहास में पुरुषों का इतिहास तो अतुलनीय है ही; पर कुछ वीर महिलाएँ भी हुई हैं, जिन्होंने अपने साथ अपने परिवार को भी दाँव पर लगाकर मातृभूमि को स्वतन्त्र कराने के लिए संघर्ष किया। दुर्गा भाभी ऐसी ही एक महान् विभूति थीं। दुर्गादेवी का जन्म प्रयाग में सेवानिवृत्त न्यायाधीश पण्डित बाँके बिहारी नागर के घर में सात अक्तूबर, 1907 को हुआ था। जन्म के कुछ समय बाद ही माँ का देहान्त हो जाने के कारण उनका पालन बुआ ने किया। 11 वर्ष की अल्पायु में दुर्गा का विवाह लाहौर के सम्पन्न परिवार में भगवती चरण बोहरा से हुआ। भगवती भाई के अंग्रेज भक्त पिता अवकाश प्राप्त रेलवे अधिकारी थे। उन्हें रायबहादुर की उपाधि भी मिली थी; पर भगवती भाई के मन में तो शुरू से ही अंग्रेजों को बाहर निकालने की धुन सवार थी। अतः वे क्रान्तिकारी आन्दोलन में शामिल हो गये। दुर्गा भाभी ने भी स्वयं को पति के काम में सहभागी बना लिया। कुछ समय बाद उनके घर में एक बालक का जन्म हुआ, जिसका नाम शचीन्द्र रखा गया। भगवती भाई प्रायः दल के काम से बाहर या फिर भूमिगत रहते थे, ऐसे में सूचनाओं क...

देश विभाजन की विभीषका के प्रश्न आज भी अनुत्तरित हैं

  @ यह आलेख मुझे व्हाट्सएप पर मिला है, में नहीं जानता किसनें लिखा है , किंतु इसमें उठे प्रश्नों के उत्तर आज भी भारत की वर्तमान पीढ़ी तलास रही है ..... हो सकता है इसमें कुछ बड़ा चढ़ा कर बताया हो, कुछ असत्य भी हो, मगर जिन तथ्यों और प्रश्नों को उठाया है , वे निःसन्देह राष्ट्रहितों की दृष्टि से विचारणीय हैं । ---------/------- गाँधी वध क्यों ?   क्या थी विभाजन की पीड़ा ?  विभाजन के समय हुआ क्या-क्या ? विभाजन के लिए क्या था विभिन्न राजनैतिक पार्टियों दृष्टिकोण ? क्या थी पीड़ा पाकिस्तान से आये हिन्दू शरणार्थियों की ... मदन लाल पाहवा और विष्णु करकरे की? क्या थी गोडसे की विवशता ? क्या गोडसे नही जानते थे कि आम आदमी को मारने में और एक तथाकथित राष्ट्रपिता को मारने में क्या अंतर है ? क्या होगा परिवार का ? कैसे कैसे कष्ट सहने पड़ेंगे परिवार और सम्बन्धियों को और मित्रों को ? क्या था गांधी वध का वास्तविक कारण ? क्या हुआ 30 जनवरी की रात्री को ... पुणे के ब्राह्मणों के साथ ? क्या था सावरकर और हिन्दू महासभा का चिन्तन ? क्या हुआ गोडसे के बाद नारायण राव आप्टे का .. कैसी नृशंस फांसी दी गयी उन्हें। यह लेख पढने ...