गुरुवार, 2 दिसंबर 2010

२ जी स्पेक्ट्रम : ये (भ्रष्टाचार का ) प्रदूषण तो दिमाग को हिला देने वाला है

- अरविन्द सीसोदिया
    याद रहे कि इससे पहले जो सरकारें थी उनमें भारतीय नैतिकता और मर्यादाएं थीं.., मगर सोनिया जी में न तो भारतीयता है और राष्ट्र के अनुकूल मर्यादाएं हैं ..! उनके पिता श्री इटली के सुविख्यात फासिस्ट मुसोलिनी की पार्टी से थे ... मानसिक रूप से उनके परिवार ने जो अनुभव किया वह फासिस्ट पन था ..जो समन्वय को पशन्द नहीं करता है ..! इस कारण इस सरकार को इन घोटालों पर कोई शर्म नहीं है.....! इन्हें अपने राजकुमार में प्रधान मंत्री नजर आता है और वाई इस के रेड्डी के राजकुमार में खलनायक नजर आता है.., ये कांग्रेस वंशवादी कायरों की जमात बन कर रह गई है ..!! ये जे पी सी या अन्य निष्पक्ष जांच नहीं करवा सकते ..!
---- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नीरा राडिया से बातचीत के टेप से जो खुलासे हुए हैं, वो झकझोर देने वाले हैं. २ जी स्पेक्ट्रम मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी की. राडिया के टेप्स की चर्चा करते हुए अदालत ने कहा कि हम अक्सर नदियों के प्रदूषण, यहां तक कि गंगा नदी के प्रदूषण की बात करते हैं, लेकिन ये (भ्रष्टाचार का ) प्रदूषण तो दिमाग को हिला देने वाला है. उधर, सीबीआई राडिया के टेप्स को सील लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपने पर सहमत हो गई है. याचिकाकर्ता वकील प्रशांत भूषण की ओर से टेप्स को सुरक्षित रखे जाने की मांग पर सीबीआई ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के हवाले करने की बात कही. इस बीच सरकार ने कहा है कि वो २ जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने को तैयार है.
---- गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने मंगलवार को कहाकि सीबीडीटी, राडिया टेप के लीक होने की जांच कर रहा है। गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि निगमित कंपनियों के लिए खेमाबंदी करने वाली नीरा राडिया, नेताओं, पत्रकारों और उद्यागपतियों के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के टेप कथित तौर पर लीक हो गए थे। जिसकी जांच केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) कर रहा है। चिदंबरम ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, हमने जांच का आदेश नहीं दिया है। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) मामले की जांच कर रहा है।
सीबीडीटी ने ही फोन टैप करने का आदेश दिया था और वह टेप कथित तौर पर लीक होने की भी जांच कर रहा है। सीबीडीटी को फोन टैप करने करने की अनुमति गृह मंत्रालय से ही मिली थी। गोपनीय टेप हाल ही में सार्वजनिक हो गये, जब कुछ मीडिया समूहों ने उसकी प्रतिलिपि जारी कर दी। कथित 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच कर रहे केन्द्रीय जांच ब्यूरो के मुताबिक वह 5000 कालों से संबंधित प्रतिलिपियों की जांच कर रहा है। सरकारी सूत्रों ने कहा है कि टैपिंग से जुडे करीब 104 रिकार्ड सार्वजनिक हो चुके हैं।
--टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा ने कल उच्चतम न्यायालय में इस संबंध में याचिका दायर की। उनका कहना है कि टेप लीक होने से उनकी गोपनीयता के मौलिक अधिकार का हनन हुआ है।

1 टिप्पणी:

  1. ज्यादा टिप्पणिया किसी रचना को श्रेष्ठ नहीं बनाती. अल्लम गल्लम टिप्पणिया देने से एग्रीगेटर पर आप ऊपर तो आ जाते हो पर रचनाकार के रूप में नहीं
    धन्यवाद

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