वाड्रा ने एक लाख से बनाए 325 करोड़ः द वॉल स्ट्रीट जनरल




रॉबर्ट वाड्रा ने एक लाख से बनाए 325 करोड़ः द वॉल स्ट्रीट जनरल
एजेंसियां | Apr 18, 2014,नई दिल्ली !
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उम्र 44 साल और बस हाईस्कूल पास रॉबर्ट वाड्रा ने महज पांच साल के भीतर एक लाख रुपए के निवेश से 325 करोड़ से अधिक की संपत्ति बनाई है। देश के सबसे ताकतवर राजनीतिक घराने यानी गांधी परिवार के दामाद, प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के बारे में ये सनसनीखेज खुलासे द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने किए हैं।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल एक प्रतिष्ठित अमेरिकी अखबार है। इस रिपोर्ट में प्रॉपर्टी के जानकारों से बातचीत, वाड्रा की कंपनियों की फाइलिंग और जमीन के दस्तावेजों के आधार पर वाड्रा की संपत्ति का यह आकलन किया है। वेबसाइट में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वाड्रा ने 2007 में एक लाख रुपए से शुरू की गई कंपनी से 2012 में 12 मिलियन डॉलर यानी करीब 72 करोड़ रुपए से ज्यादा की प्रॉपर्टी बेची है।

रिपोर्ट का दावा है कि वाड्रा के पास अभी भी 42 मिलियन डॉलर यानी 253 करोड़ रुपए से ज्यादा की रियल एस्टेट प्रॉपर्टी बची हुई है। साफ है, रिपोर्ट के दावों को मानें तो रॉबर्ट वाड्रा ने महज एक लाख रुपए की लागत से खड़ी की गई कंपनी से पांच साल के भीतर 325 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति बनाई है।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल पर प्रकाशित रिपोर्ट का दावा है कि वाड्रा की कंपनियों ने 2012 के बाद रियल एस्टेट से जुड़ी कोई बिक्री की है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। क्योंकि वाड्रा की कंपनियों से जुड़ी बीते 2 साल की फाइलिंग के रेकॉर्ड सरकारी वेबसाइट्स पर उपलब्ध नहीं हैं।

बीते 7 साल के भीतर वाड्रा एक आम बिजनसमैन से रियल एस्टेट का बड़ा नाम बन गए। वेबसाइट के मुताबिक वाड्रा के पास रियल एस्टेट कारोबार का कोई खास तजुर्बा भी नहीं है। वेबसाइट की मानें तो वाड्रा और गांधी परिवार के लिए महेश नागर नामक व्यक्ति जमीनों के सौदे कराता है। महेश नागर राजस्थान का रहने वाला है और गांधी परिवार से उसके गहरे संबंध हैं। हालांकि नागर इससे इंकार करते हैं।

रिपोर्ट का दावा है कि 2004 में जब सोनिया गांधी के नेतृत्व में यूपीए सत्ता में आई, उस समय सोनिया के दामाद रॉबर्ट वाड्रा सस्ते गहनों के एक्सपोर्ट का छोटा बिजनस करते थे। 2007 में वाड्रा रियल एस्टेट के क्षेत्र में उतरे और स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लि. के नाम से एक कंपनी बनाई। मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के मुताबिक इस कंपनी को वाड्रा ने 2000 डॉलर से भी कम यानी करीब एक लाख रुपए की रकम से शुरू किया था।

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