लूट के लिए नहीं होता है सरकारी धन : दिल्ली हाईकोर्ट




लूट के लिए नहीं होता है सरकारी धन : हाईकोर्ट
 Friday, April 25, 2014,

नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने आज केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह उत्तर प्रदेश में अपनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) के गलत इस्तेमाल के कारण करोड़ों रूपए के ‘दुरूपयोग’ को रोके। अदालत ने केंद्र को यह निर्देश देते हुए कहा कि ‘सरकारी धन लूट के लिए नहीं होता।’ न्यायमूर्ति मनमोहन ने केंद्र को यह चेतावनी भी दी कि 11 नवंबर को अगली सुनवाई की तारीख तक यदि दुरूपयोग पर लगाम नहीं लगाई गई तो स्वास्थ्य सचिव के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जाएगी।

अदालत ने कहा, ‘आपकी (केंद्र सरकार की) योजना का गलत इस्तेमाल हो रहा है। आप अपनी आंखें मूंद कर नहीं रख सकते। धन की बर्बादी मत होने दीजिए। यदि आप इसे (योजना को) संभाल नहीं सकते तो वापस ले लीजिए।’ पीठ ने कहा, ‘करोड़ों रूपए गलत हाथों में जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के सुझाव के मुताबिक केंद्र सरकार और बीमा कंपनियों को लीकेज रोकने के लिए कदम उठाने होंगे।’

न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा, ‘स्वास्थ्य सचिव को यह बता दीजिए। यदि सुनवाई की अगली तारीख तक दुरूपयोग बंद नहीं हुआ तो मैं उन्हें व्यक्तिगत तौर पर अदालत में पेश होने का आदेश दूंगा और उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करूंगा। सरकारी धन इस तरह लूटने के लिए नहीं होते।’

अदालत ने यह आदेश तब दिया जब उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि अदालत के पहले के निर्देशों के मुताबिक उसने घोटाले की जांच के लिए एक समिति गठित की और समिति ने पाया कि योजना को लागू कराने में जमकर ‘अनियमितता’ हो रही है। (एजेंसी)

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