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केजरीवााल से मांगा सबूत : दिल्ली पुलिस ने फोन टेपिंग मामले में

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झूठे आरेाप लगाना इनके पाखण्ड का हिस्सा है। देश के पीएम पर झूठे आरोप लगाने में इन्हे गिरफतार करना चाहिये । क्यों कि इनके झूठ से देश की इज्जत पर दाग लगता हे। देश की हंसी उडाई जाती है। - अरविन्द सिसोदिया ,  जिला  महामंत्री भाजपा जिला कोटा  फोन टेपिंग मामले में दिल्ली पुलिस ने केजरीवााल से मांगा सबूत http://www.punjabkesari.in नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने न्यायधीशों के कथित फोन टेपिंग मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से सबूत मांगे है। दिल्ली के पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा ने केजरीवाल को इस बारे में बाकायदा एक पत्र लिखा है और कहा है कि वह अपने उस बयान का सबूत दें कि जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि न्यायधीशों के फोन टेप किए जा रहे हैं। केजरीवाल ने दिया जवाब केजरीवाल ने इसके जवाब में कहा है कि वह उनसे सबूत मांगने की बजाए इस बारे में गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) से संपर्क करें तो ज्यादा बेहतर होगा। उन्होंने कहा आईबी सबके फोन टेप करती है। मेरी भी करती है, लेकिन जजों के फोन टेप करना गलत है। उन्हें ब्लैकमेल किया जा सकता है और इसका सीधा असर न्यायिक प्रक्रिया पर पड़ सकता है। दिल

विदेश से पैसा नहीं ले पाएंगे : 11,000 से अधिक एनजीओ की मान्यता रद्द

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सरकार ने 11,000 से अधिक एनजीओ की मान्यता रद्द की भाषा की रिपोर्ट, अंतिम अपडेट: शुक्रवार नवम्बर 4, 2016 नई दिल्‍ली: सरकार ने 11,000 से अधिक एनजीओ की मान्यता समाप्त कर दी है. ये एनजीओ जून के अंत तक अपने पंजीकरण का नवीकरण कराने में विफल रहे थे. मान्यता समाप्त होने से ये एनजीओ विदेश से धन प्राप्त नहीं कर सकेंगे. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि उसने उन 11,319 संगठनों का पंजीकरण रद्द कर दिया है जिन्होंने इस साल 30 जून तक एफसीआरए के तहत पंजीकरण के नवीकरण के लिए आवेदन नहीं किया था. ‘उनके पंजीकरण की वैधता एक नवंबर, 2016 से समाप्त मानी जाएगी.’ इस सूची में करीब 50 अनाथालय, सैकड़ों स्कूल और संस्थान जैसे भारतीय सांख्यिकी संस्थान और समाज के वंचित बच्चों के लिए काम करने वाले प्रतिष्ठित एनजीओ शामिल हैं.    वर्ष 2015 में गृह मंत्रालय ने 10,000 गैर सरकारी संगठनों के एफसीआरए पंजीकरण इसलिए रद्द किए थे क्योंकि इन्होंने लगातार तीन वर्षों के अपने सालाना रिटर्न दाखिल नहीं किए थे. इनमें से कई एनजीओ निष्क्रिय थे या किसी भी मामले में एफसीआरए पंजीकरण नहीं चाहते थे. ------------- मोदी सरकार ने