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होनी होती ही है उसे कोई टाल नहीं सकता

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- अरविन्द सिसोदिया, संस्थापक धर्मपथ.... होनी प्रबल है उसे कोई टाल नहीं सकता इस सृष्टि में ईश्वर द्वारा समस्त घटना क्रम पूर्व से तय है और तय व्यवस्था से ही घटित होता रहता है...... इस तरह के अनेक प्रशंग मिलते है। भगवान श्रीराम जब अयोध्या को छोड़ कर अपने धाम जाते हैं तब उनकी अंगूठी का खोना, उसे ढूढ़ते हुये हनुमान जी का नागलोक पहुंचना, वहाँ श्रीराम जी कि अंगूठीयों का ढेर मिलना और नागदेवता द्वारा बताया जाना कि एक समय विशेष के बाद इसी तरह एक अंगूठी आती है और उसे खोजता हुआ एक वानर आता है, फिर वह वानर रहस्य को जान कर अंगूठी को यहीं छोड़ कर वापस पृथ्वीलोक लौट जाता है। इस कथा का एक ही अर्थ है कि सब कुछ ईश्वरीय व्यवस्था से निर्धारित है। इसी तथ्य को यह दूसरी कथा भी साबित करती है। अभिमन्यु के पुत्र राजा परीक्षित थे। राजा परीक्षित के बाद उन के लड़के जनमेजय राजा बने। एक दिन जनमेजय वेदव्यास जी के पास बैठे थे बात बातों में जन्मेजय ने कुछ नाराजगी से वेदव्यास जी से कहा.. कि जहां आप समर्थ थे भगवान श्रीकृष्ण थे भीष्म पितामह गुरु द्रोणाचार्य कुलगुरू कृपाचार्य जी धर्मराज युधिष्ठिर जैसे महान लोग उपस्...