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Karwa Chauth : 15 Oct 2011

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* Karwa Chauth is a festival celebrated by all married Hindu women. They observe a fast for the long life of her husband and in the evening, they adorn bridal makeup. * Karwa Chauth is a festival that provides an opportunity for all married women to get close to their in-laws. All married women observes fast that ensures the well-being, prosperity and longevity of their husbands. This Hindu festival has a cultural and social significance and all Indians celebrate this festival with great enthusiasm. * The festival of Karwa Chauth is celebrated mostly by North India to All India. This event is growing bigger with each passing day. In addition to the traditional items such as henna, beauty products and fashionable clothes, the demand of special eateries are also gearing up. Nowadays, Karwa Chauth is more of fun than a serious festival.

करवाचौथ के दिन बिल्कुल दुल्हन जैसी

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* करवाचौथ के दिन पूजा और विधियों की शुरुआत सुबह सूरज निकलने से पहले शुरू हो जाती है। महिलाएं सूर्योदय से पहले उठकर भगवान शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और चंद्रमा की पूजा करती हैं। रात्रि में चांद निकलने पर छलनी से चांद को देखकर और अघ्र्य चढ़ाने के बाद ही करवाचौथ का व्रत तोड़ा जाता है। *  जरूरी नहीं है कि सभी महिलाएं करवाचौथ के दिन ब्यूटीशियन से मेकअप करवाएं ही, पर वो इनमें से कुछ बॉडी ट्रीटमेंट तो जरूर करवाती हैं। जिन महिलाओं का पहला करवाचौथ होता है, उनके लिए यह मौका लगभग शादी के दिन सजने-संवरने जैसा ही होता है। कई महिलाएं करवाचौथ के दिन बिल्कुल दुल्हन जैसी दिखना चाहती हैं।’ * करवाचौथ से संबंधित कई कथाएं प्रचलित हैं। आज इस त्योहार का मूल भाव भले वही पुराना हो, पर मायने  बदल गए हैं। अब यह पति के लिए अपना प्यार जताने का पर्व बन गया है। .अधिकांश महिलाओं के लिए उनकी जिंदगी पहला करवाचौथ सबसे खास होता है। * अपने पति की लंबी आयु और बेहतर स्वास्थ्य की कामना के लिए? उनके प्रति अपने प्यार को जताने के लिए या फिर परंपरा को कायम रखने के लिए? इस व्रत को रखने का कारण चाहे जो हो, पर यह सालों से भार

जगजीत सिंह - मेरा गी त अमर कर दो

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* जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी 1941 को राजस्थान के गंगानगर में हुआ था. पिता सरदार अमर सिंह धमानी भारत सरकार के कर्मचारी थे.जगजीत का परिवार मूलतः पंजाब के रोपड़ ज़िले के दल्ला गांव का रहने वाला है.मां बच्चन कौर पंजाब के ही समरल्ला के उट्टालन गांव की रहने वाली थीं. * लाखों दिलों को अपनी नज्मों और गजलों से छूनेवाले जगजीत सिंह की गायकी में वह जादू था कि दुनिया भर में उनके प्रशंसकों की तादात खासी है.70 साल के जगजीत सिंह अपनी मखमली आवाज और गजलों के लिए जाने जाते थे. उन्होंने कई फ़िल्मों के लिए भी गीत गाए. * पद्मभूषण से सम्मानित गायक एकमात्र ऐसे गायक हैं जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं को अपने दो एल्बम नयी दिशा (1999) और संवेदना (2002) में अपनी आवाज दी. * होठों से छू लो तुम..फिल्म अर्थ में गाया ये गीत लोगों के ज़ेहन से कभी नहीं उतरेगा. * तुमको देखा तो ये ख्याल आया...कोई समझेगा क्या राज़ ए गुलशन..अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें...कल चौदहवीं की रात थी ...होश वालों को खबर क्या बेखुदी क्या चीज़ है ...वो कागज़ की कश्ती वो बारिश का पानी..... कहां तक गिनाया ज

राहुल बताओ , कांग्रेस राज में कहा गई भंवरी

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भवंरी का परिवार पूछे , कहां है भंवरी राहुल बताओ...... कांग्रेस के ड्रामेंबाज महासचिव राहुल गांधी ने राजस्थान के दंगाग्रस्त गोपालगढ में नाटकबाजों की तरह पहुंच कर....कुछ पीडितों को सांत्वना दी...और पुलिस अधिकारी की तरह घटना स्थल का मौका मुआयना किया....मगर बे 1 सितम्बर से गाायब कर संभवतः मार डाली गई भंवरी देवी के बच्चों को सांत्वना देने नहीं गये। क्यों कि उसमें उनकी पार्टी के कददावर नेता तथा केबिनेट मंत्री महीपाल मदेरणा का नाम आ रहा हे। राहुल में वास्तविक साहनुभूती है तो भंवरी के बच्चों के पास पहुच कर उनकी पीडा दूर करें। सुख दुख पूछने में भी राजनैतिक फायदा देखने वाले मात्र अभिनेता या नाटकबाज ही कहलाते हैं। http://www.bhaskar.com बोलेरो मिली, भंवरी के नाम से रजिस्टर्ड पर भंवरी की नहीं! पालनपुर (गुजरात)/जोधपुर/.  एएनएम भंवरी देवी के अपहरण में प्रयुक्त शहाबुद्दीन की बोलेरो गाड़ी गुजरात में अंबाजी के पास काणोदर कस्बे में बरामद की गई है। यह बोलेरो एक माह से मिस्त्री के गैराज में पड़ी थी।  आबूरोड में छिपने के दौरान उसने यह बोलेरो ठीक कराने के बहाने इस गैराज में छोड़ी थी। फिर सांचौर के र