पोस्ट

अक्तूबर 28, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गरीबी से तंग पिता ने अपने तीन बच्चों को कुल्हाड़ी से काट दिया

चित्र
 इन बेवस बच्चों का हत्यारा....वह बाप नहीं ,३२ और २६ रुपये में गरीव को तौलने वाली केंद्र सरकार और अपने नागरिक की चिंता नहीं करने वाली राज्य सरकार है.... श्री राम के राज्य में एकबार एक अकाल मृत्यु हो गई..श्री राम का पूरा प्रसाशन  तंत्र कारण  और निवारण में जुट गया .., राज्य सरकार का यह दायित्व बनता है की वह जानें की कौन भूखा है कौन तंग हाल है... किसे घर में कौन सा दुःख है...! इन्ही व्यवस्थाओं के लिए देश की जनता नें उन्हें चुना है , टेक्स ,शुल्क और संसाधन सोंपें हैं ..,सरकार को अच्छी तरह समझाना चाहिए वह जनता  के  प्रति जबावदेह है...यह घटना सरकारों के स्तर पर चल रही जनता के प्रति संवेदनहीनता हे ..... उत्तर प्रदेश के रमाबाईनगर जिले में मंगलवार सुबह गरीबी से तंग पिता ने अपने तीन बच्चों को कुल्हाड़ी से काट दिया. बाद में खुद ट्रक के सामने कूदकर जान दे दी.घायल बच्चों में से एक की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है. एक तरफ पूरा देश दीवाली की खुशियां मना रहा वहीं पर एक मजबूर बाप ने गरीबी की वजह से अपने तीन बच्चों का कुल्हाड़ी से मारकर काट डाला. आप सोच सकते हैं कि वह पिता कित