प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर प्रभु को नियम बदलते देखा


श्री कृष्ण भजन
राधे राधे राधे ,  श्री राधे श्री राधे श्री राधे !
राधे रानी , महारानी , कृपा करो ठकुरानी !!
राधे राधे गोविन्द , गोविन्द  राधे ,
मेरा जीवनधन गोविन्द राधे !!
-----------
प्रबल प्रेम के पाले 
प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर प्रभु को नियम बदलते देखा . 
अपना मान भले टल जाये भक्त मान नहीं टलते देखा .. 

जिसकी केवल कृपा दृष्टि से सकल विश्व को पलते देखा . 
उसको गोकुल में माखन पर सौ सौ बार मचलते देखा .. 

जिस्के चरण कमल कमला के करतल से न निकलते देखा . 
उसको ब्रज की कुंज गलिन में कंटक पथ पर चलते देखा .. 

जिसका ध्यान विरंचि शंभु सनकादिक से न सम्भलते देखा . 
उसको ग्वाल सखा मंडल में लेकर गेंद उछलते देखा .. 

जिसकी वक्र भृकुटि के डर से सागर सप्त उछलते देखा . 
उसको माँ यशोदा के भय से अश्रु बिंदु दृग ढ़लते देखा ..
-----------------
मुकुन्द माधव गोविन्द 
मुकुन्द माधव गोविन्द बोल 
केशव माधव हरि हरि बोल .. 

हरि हरि बोल हरि हरि बोल . 
कृष्ण कृष्ण बोल कृष्ण कृष्ण बोल .. 

राम राम बोल राम राम बोल . 
शिव शिव बोल शिव शिव बोल . 

भज मन गोविंद गोविंद 
भज मन गोविंद गोविंद गोपाला .. 
------------
 
श्री राधा कृष्णाय नमः ..
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

ॐ जय श्री राधा जय श्री कृष्ण
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

चन्द्रमुखी चंचल चितचोरी, जय श्री राधा
सुघड़ सांवरा सूरत भोरी, जय श्री कृष्ण
श्यामा श्याम एक सी जोड़ी
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

पंच रंग चूनर, केसर न्यारी, जय श्री राधा
पट पीताम्बर, कामर कारी, जय श्री कृष्ण
एकरूप, अनुपम छवि प्यारी
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

चन्द्र चन्द्रिका चम चम चमके, जय श्री राधा
मोर मुकुट सिर दम दम दमके, जय श्री कृष्ण
जुगल प्रेम रस झम झम झमके
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

कस्तूरी कुम्कुम जुत बिन्दा, जय श्री राधा
चन्दन चारु तिलक गति चन्दा, जय श्री कृष्ण
सुहृद लाड़ली लाल सुनन्दा
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

घूम घुमारो घांघर सोहे, जय श्री राधा
कटि कटिनी कमलापति सोहे, जय श्री कृष्ण
कमलासन सुर मुनि मन मोहे
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

रत्न जटित आभूषण सुन्दर, जय श्री राधा
कौस्तुभमणि कमलांचित नटवर, जय श्री कृष्ण
तड़त कड़त मुरली ध्वनि मनहर
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

राधा राधा कृष्ण कन्हैया जय श्री राधा
भव भय सागर पार लगैया जय श्री कृष्ण .
मंगल मूरति मोक्ष करैया
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

मन्द हसन मतवारे नैना, जय श्री राधा
मनमोहन मनहारे सैना, जय श्री कृष्ण
जटु मुसकावनि मीठे बैना
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

श्री राधा भव बाधा हारी, जय श्री राधा
संकत मोचन कृष्ण मुरारी, जय श्री कृष्ण
एक शक्ति, एकहि आधारी
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

जग ज्योति, जगजननी माता, जय श्री रा्धा
जगजीवन, जगपति, जग दाता, जय श्री कृष्ण
जगदाधार, जगत विख्याता
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

राधा, राधा, कृष्ण कन्हैया, जय श्री रा्धा
भव भय सागर पार लगैया, जय श्री कृष्ण
मंगल मूरति, मोक्ष करैया
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

सर्वेश्वरी सर्व दुःखदाहनि, जय श्री रा्धा
त्रिभुवनपति, त्रयताप नसावन, जय श्री कृष्ण
परमदेवि, परमेश्वर पावन
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

त्रिसमय युगल चरण चित धावे, जय श्री रा्धा
सो नर जगत परमपद पावे, जय श्री कृष्ण
राधा कृष्ण 'छैल' मन भावे
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

आन बान और शान का पर्व भुजरिया

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

Instead of Opposing the RSS, Intolerant Americans Should Look Within — Arvind Sisodia

अर्द्धनारिश्वर स्त्री, समान अस्तित्व का सम्मान

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

कविता - रक्षाबंधन पर्व नहीं, कर्तव्य है बहन के प्रति

RTI द्वितीय अपील

असहिष्णु अमेरिकियों को अपने भीतर झांकना चाहिए - अरविंद सिसोदिया

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश