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खींची राजवंश : गागरोण दुर्ग

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विश्व धरोहर बने राजस्थान के 6 किले राजस्थान को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान कंबोडिया में यूनेस्को और वल्र्ड हैरिटेज काउंसिल की ओर से राजस्थान की इन छह हैरिटेज साइट्स को वल्र्ड हैरिटेज साइट्स में शामिल करने की घोषणा हो गई है। भारत से इस बार राजस्थान के एक साथ छह दुर्गों का चयन हुआ है, जो देश और राज्य दोनों के लिए बड़ी उपलब्धि है। हालांकि वल्र्ड हैरिटेज में शामिल होने से देश और राज्य को किसी भी तरह का फंड या राशि नहीं मिलती है, फिर भी इन धरोहरों की पहचान वैश्विक स्तर बढ़ जाती है। इससे पर्यटन उद्योग को काफी लाभ होता है। इन स्मारकों में जैसलमेर, चित्तौडग़ढ़, रणथंभौर और कुंभलगढ़ इन चार किलों का संरक्षण भारतीय पुरात्व सर्वेक्षण करता है, जबकि बाकी दो आमेर और गागरोण किलों का संरक्षण राज्य सरकार करती है। ये किले 8वीं सदी से 19वीं सदी के बीच बने हैं, जो राजपूताना शैली को चित्रित करते हैं।गागरोण दुर्ग की सबसे बड़ी विशेषता है इसकी अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था। झालवाड़ा में बने इस दुर्ग के निर्माण में भौगोलिक स्थितियों का पूरा ध्यान रखा गया है। इसकी बनावट पहाड़ी की बनावट के अनुरूप ही रखी गई है, जिस