गुजरात अपने मान सम्मान और स्वाभिमान की परम्परा को दौहरायेगा - अरविन्द सिसौदिया

 


 चुग्गा डाल फंसानें वालों को गुजरात ट्रिपल जीरो से वापस लौटायेगा - अरविन्द सिसौदिया
 gujarat-assembly-election 


गुजरात एक स्वाभिमानी प्रदेश है और उसनें भीख के लिये हाथ फैलानें के बजाये हमेशा स्वाभिमान का पसीना बहाया है। 

गुजरात में 1 और 5 दिसम्बर 2022 को विधानसभा चुनावों के मतदान होनें है। मुफतखोरी का चुग्गा डाल कर मत हथियानें का नुक्सा गुजरात में भी चला जा रहा है। इस चुग्गा डाल नेता को हाल ही में यूपी और उतराखण्ड ने 00 जीरो के साथ वापस दिल्ली भेजा है। अब गुजरात की बारी है कि वह भी गुजरातियों को भिखारी समझ कर चुग्गा डाल कर वोट हथियानें निकले नेता जी को 000 जीरो के साथ लौटायें। गुजरात के वोट ठगनें की कल्पना भी कोई कैसे कर सकता है।

 गुजरात को सांस्कृतिक स्वभिमान याद है। गुजरात को राष्ट्रीय स्वाभिमान भी याद है। गुजरात वही जगह जिसनें साम्प्रदायिक ताकतों को मुंह तोड जबाव दिया था । गुजरात न मुफतचोरी का चुग्गा डाल की धूर्तता में फंसेगा, न भारत तेरे टुकडे होंगे की इच्छा वालों के चक्कर में आयेगा, न गुजरात , नर्मदा का पवित्र जल गुजरात के खेतों तक लानें में अडंगा लगानें वालों के मंसूवों को पूरा होनें देगा।  गुजरात अपने मान सम्मान और स्वाभिमान की परम्परा को एक बार फिर से दौहरायेगा।

गुजरात में 1 दिसंबर को 89 सीटों पर पहले फेज की वोटिंग है। जबकि 93 सीटों पर 5 दिसंबर को चुनाव होगा. गुजरात और हिमाचल प्रदेश दोनों ही राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

एक ईसा, एक बाइबल, लेकिन ईसाइयों में भी हैँ बहुतसारी भिन्नतायें

जर्मनी नें आंतरिक सुरक्षा हेतु 10 सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की

चुनाव आयोग को चोर कहना, पूरे शासनतंत्र को अपमानित करना है, संविधान विपक्ष को इस तरह की गिरी हुई हरकतों की अनुमति नहीं देता

7 अक्टूबर: मोदीजी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण

भारत की 80 करोड़ से अधिक आबादी मेटा की पकड़ में है....?

स्टारलिंक Starlink

हताश कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके, सड़कों पर अराजकता फैलाकर और जनता को गुमराह करके सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है - शिवराज सिंह चौहान

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा,संवैधानिक संस्थाओं की अनिवार्य जबाबदेही है — अरविन्द सिसोदिया

कांग्रेस की बेतुकी मांग ब्रह्मा भी पूरी नहीं कर सकते, अति तुष्टिकरण के कारण जनता की नजर से उतरी — अरविन्द सिसोदिया