मीठा मीठा बोल mitha mitha bol


                श्री गणेश नमः

ॐ हिरण्यबाहवे हिरण्यवरणाय हिरण्यरुपाय, हिरण्यपतए अम्बिका पतए उमा पतए पशु पतए नमो नमः 
ईशान सर्वविद्याना ईश्वर सर्व भूतानाम ब्र्हमादिपते,ब्र्ह्मानोदिपते ब्रह्मा शिवो अस्तु सदा शिवोहम ।।
            ॐ श्रीकंठाय नम:

      🌸 *राम राम सा जी* 🌸
खड्‌गं चक्र-गदेषु-चाप-परिघाञ्छूलं भुशुण्डीं शिर:शंखं संदधतीं करौस्त्रिनयनां सर्वाड्गभूषावृताम्।
नीलाश्म-द्युतिमास्य-पाददशकां सेवे महाकालिकां यामस्तौत्स्वपिते हरौ कमलजो हन्‍तुंमधुं कैटभम्॥

      🥀❤️ *सुविचार*❤️🥀

संसार एक कड़वा वृक्ष है जिसके दो ही फल मीठे हैं मधुर वाणी और सज्जनों की संगति।।

रणनीति कितनी भी खूबसूरत क्यों न हो,कभी-कभी परिणामों पर भी विचार करना चाहिए।।

इंसान को गर्व, अहंकार और कुटिलता का परित्याग करना चाहिए, इंसान को दूसरों की आलोचना की कभी भी  चिंता नहीं करनी चाहिए।।

एक पल एक दिन को बदल सकता है, एक दिन एक जीवन को बदल सकता है,और एक जीवन इस दुनिया को बदल सकता है।।

क्रोध को प्यार से, बुराई को अच्छाई से,स्वार्थी को उदारता से और झूठे व्यक्ति को सच्चाई से जीता जा सकता है।।

बुराई से बुराई को कभी ख़त्म नहीं किया जा सकता,बुराई हमेशा प्रेम को समाप्त कराती है।।

यदि आप ख़ुशी चाहते हैं तो ये आपको अपने कर्मो से मिलेगी।।


टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

भारत रत्न बाबा साहब की बात कांग्रेस मानती तो भारत अखण्ड और तिब्बत स्वतंत्र रहता - अरविन्द सिसोदिया

कविता - पूरे ब्रह्माण्ड में एक अकेली, अपनी धरती माता है

माँ बाण माता : सिसोदिया वंश की कुलदेवी

God is within us and also beyond us — Arvind Sisodia

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

राजस्थान प्रदेश में अब 48 संगठनात्मक जिले बनें

हमारा देश “भारतवर्ष” : जम्बू दीपे भरत खण्डे