कांग्रेस के पैर की जूती बनाने वाला गठबंधन आखिर बिखरना ही है - अरविन्द सिसोदिया
कांग्रेस के पैर की जूती बनाने वाला गठबंधन आखिर बिखरना ही है - अरविन्द सिसोदिया जब विपक्ष का गठबंधन बन रहा था तब ही बहुत से विपरीत लक्ष्य और आकांक्षायें थीं । जैसे पलटूराम नितिश कुमार का गठबंधन का नेता बनने की इच्छा थी, ममता और केजरीवाल अपने आप को गठबंधन का स्वयंभू नेता मानते थे। सबसे बडी बात बैठ कर भी कांग्रेस ने कभी अपने पत्ते नहीं खोले और वह गठबंधन की स्वयंभू नेता बनी रही , अभी भी कांग्रेस ही गठबंधन की नेता है। उसने जो व्यवहार अभी तक प्रदर्शित किया उससे तो अन्य दलों को कांग्रेस ने देसी भाषा में पैर की जूती मात्र माना है। में क्षमा चाहता हूं इस शब्द के लिए लेकिन यही सच है। इस तथकथित गठबंधन में सब एकत्र मात्र इसलिए होते रहे कि इसका इस्तेमाल कर अपनी ताकत बडा लेंगे या अपनी हॉनी रोक लेंगे। मगर गठबंधन का नाम रखने से लेकर पत्रकारवार्ताओं तक में मात्र कांग्रेस राजकुमार राहुल गांधी ही नेता बने रहे , उन्होनें किसी भी अन्य को कोई महत्व नहीं दिया । यहां तक... न ही सीटों का बंटवारा किया और न ही कॉमन मिनीमम एजेण्डा सेट किया । कुल मिला कर हर मामले को टाल कर अपनी ही अपनी करते हुए कांग्रे...