मुम्बई के हमलावरों के घर में घुस कर मारकाट मचाओ....



- अरविन्द सीसौदिया


सच यह है कि इस कांग्रेस सरकार को निकम्मापन और कायरता छोडनी होगी , राष्ट्र स्वाभिमान जगाना होगा। पाकिस्तान पर हमले की तैयारी करनी होगी, पाकिस्तान से परोक्ष युद्ध तो किया ही जा सकता है। उसे उसकी जमीन पर ही परेशानी में डालना होगा। जब तक युद्ध के लिये तत्पर नहीं होगे ,तब तक यह समस्या हल नहीं हो सकती। हमको जिन्दा रहने के लिये हमें मारने वाले को मारना ही पडेगा। यही तो सुरक्षा राजनीति कहती है।


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मुम्बई में फिर से तीन जगह सीरियल ब्लास्ट हुये। 
इसे कसाब के जन्मदिन आतंकी जश्न माना जा रहा है। 
21 के लगभग मारे गये,200 के लगभग घायल !!
चिदम्बरम ने पूर्व गृहमंत्रीयों की तरह संवेदना और सूचनायें पढी...
पोटा को हटा कर कांग्रेस ने देश को आतंकवाद दिया..,
क्या राहुल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को बदलेंगे..?

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          वे हमले पर हमले किये जा रहे हैं,मारते जा रहे हैं, हमारे पास आॅफिस जाते,मंदिर जाते,घर लौटते,खरीददारी करते,मारे जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं हे। सरकार कहती है। हमने 31 महीने से मुम्बई को बचा कर रखा !! 9/11 के बाद अमरीका में एक भी आतंकी हमला नहीं हुआ !! ब्रिटेन ने आतंकी हमले के बाद एसी कमर कसी कि वहां भी हमला नहीं हुआ !! हमतो हमले के असली मुलजिमों को शावासी देते हैं और राष्ट्र भक्तों पर राजनैतिक स्वार्थ से उंगली उठाते है। जब तक कांग्रेस का आतंकवाद के प्रति वोट बैंक का नजरिया रहेगा , तब तक आतंकवाद का वे सम्मान तो वे कर सकते हैं मगर रोक नहीं सकते । यह देश के साथ धोका ही ता है।
         पोटा आतंकवादियों को पनाह प्रदान करने के लिये हटाया। अफजल गुरू की फांसी इसकलये टाली कि , आतंकवादियों भारत में स्वागत हे,यहां आपको कोई खतरा नहीं है। जितना चाहो शिकार करो !!!
--- इंडोनेशिया जैसे छोटे से देश ने आतंकवाद के लिये जिम्मेवार संगठन के प्रमुखों को पकडा और सरे आम गोलियों से भूंज दिया। इजराइल तो इस तरह के आतंकवाद को रोज व रोज सबक सिखाता है। कहीं तो लगे कि आप आतंकवाद को सबक सिखा रहे हो...!
      कांग्रेस के राजकुमार राहुल गांधी तो अब भारत को बरर्वाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तरह देखना चाहते है। यह क्या मजाक हे। सरकार के काम को आप ठीक से नहीं कर सकते तो त्यागपत्र देकर बाहर आओ।
सरकार चलाने में देश की रक्षा का भार भी है। इसके लिये वाकायदा बडी सारी फौज दी हुई हे। इंदिरा जी की हत्या हो जायें तो आप हजारों सिखों को जिन्दा जला दो...! देश का सामान्य व्यक्ति मारा जाये तो मारने वालो को ही बचानें में खडे हो जाओ ,यह कौनसी राजनीति हुई भई !! यह धोका और बेईमानी है।

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