ये कैसे प्रतिमान हुए ,

साथ बहुत लेते लोग..,
साथ देता  कोई नहीं ...,
गर साथ देनें का मौका आये ,
तो शत्रुता की तलवारें उठा लेते लोग,
ये जिन्दगी किससे  करें मित्रता ,
इस वेश में तो शत्रुता के  शिवा कोई नहीं ...! 
-------
ये  कैसे प्रतिमान हुए  ,
खलनायक भगवान हुए, 
बगिया के परिजीवी पौधे ,
सबके सब धनवान हुए ,
उस घर का क्या होगा ,
जिसके मुखिया बेईमान हुए ! 
-  महेंद्र नेह जी , कोटा .



टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

महाबलिदानी राजा मोरध्वज : जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन का अभिमान तोड़ा

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

बूंदी रियासत के पराक्रमी शासक, Bundi State

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

आराजकतावादियों का नया विदेशी टूलकिट षड्यंत्र फैल, भारत का युवा जिम्मेदार नागरिक - अरविन्द सिसोदिया

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

हिन्दु भूमि की हम संतान नित्य करेंगे उसका ध्यान

God does exist

गोवा का कुख्यात 'हाथ काटरो खम्भ' ईसाई मिशनरियों की बर्बरता का प्रतीक है

श्री चांदमारी बालाजी मंदिर मार्ग कोटा की समस्या व समाधान Chandmari Balaji Kota