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रियलटी शो : धन कमानें के लिए गंदगी और गंदे लोग

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- अरविन्द सीसौदिया , कोटा, राजस्थान । दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्टार प्लस चैनल का “ सच का सामना ” कार्यक्रम गंदा और अश्लील करार दिया है। 2009 के इस मामले में उच्च न्यायालय ने बहुत बाद में निर्णय दिया है। समाल के सीधे सरोकारों के मामालों को सरकार और न्यायालय को डे टू डे की सुनवाई कर निबंटाने चाहिये । आज चैनलों के नंगेपन में मां - बेटा साथ बैठ कर टीवी नहीं देख सकते । दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज स्टार प्लस टेलीविजन चैनल के सच का सामना कार्यक्रम को अश्लील. गंदा. बेहूदा और छिछला करार देते हुए कहा कि चैनल को सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी किया गया कारण बताओ नोटिस वैध है | में तो केंद्र सर्कार को नाकारा ही मानूगा जिन्होनें सामाजिक मर्यादाओ तक को शर्म सार कर रखा है...नंगापन और अश्लीलता को प्रभावी तरीके से रोकनें के उपाय किये ही नहीं गए... ----- रियलिटी शो की रियलिटी..... http://manavaajkal.blogspot.com देश में एक नई तरह की क्रान्ति आयी है। यह रियलटी शो की क्रान्ति है। पहले की हर क्रान्तियों की तरह यह भी दुनिया के तथाकथित विकसित देशों में पुष्पित और पल्लवित हुई है। अब भारत में कुछ ल

श्री दुर्गा चालीसा ..........

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श्री दुर्गा चालीसा .......... ... नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप मातु को अधिक सुहावे। दरश करत जन अति सुख पावे॥ तुम संसार शक्ति लै कीना। पालन हेतु अन्न धन दीना॥ अन्नपूर्णा हुई जग पाला। तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥ प्रलयकाल सब नाशन हारी। तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥ शिव योगी तुम्हरे गुण गावें। ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥ रूप सरस्वती को तुम धारा। दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा॥ धरयो रूप नरसिंह को अम्बा। परगट भई फाड़कर खम्बा॥ रक्षा करि प्रह्लाद बचायो। हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥ लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं। श्री नारायण अंग समाहीं॥ क्षीरसिन्धु में करत विलासा। दयासिन्धु दीजै मन आसा॥ हिंगलाज में तुम्हीं भवानी। महिमा अमित न जात बखानी॥ मातंगी अरु धूमावति माता। भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥ श्री भैरव तारा जग तारिणी। छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥ केहरि वाहन सोह भवानी। लांगुर वीर चलत अगवानी॥ कर में खप्पर खड्ग विराजै ।जाको देख काल डर भाजै॥ सोहै अस्त्र और त्रिशूल