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जनवरी 7, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

संघ को बाहर से समझना बेहद मुश्किल - सरसंघचालक मोहन भागवत

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यह बिलकुल सच हे कि संघ के बारे में ,  उसमें जाये बिना अंदाज लगाना सिर्फ और सिर्फ गलती ही होगी ! वहाँ जो गया अचंभित हो कर रह गया कि इतना अनुशासित ,  इतना छुआछूत रहित , इतना बड़ा राष्ट्रभक्त , इतना  बड़ा देशचिन्तक , बिना प्रसिद्धी के निरंतर समाजसेवा में रत कोई संगठन हो भी सकता है ।  वह भी विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन ! संघ को बाहर से समझ पाना बेहद मुश्किल - सरसंघचालक मोहन भागवत http://www.patheykan.in/2012-02-29-17-41-19.html      अयोध्या। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा बाहर से देखकर संघ को समझ पाना बहुत मुश्किल है। यह संगठन स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुष को आदर्श मानकर परिस्थितियों का डटकर सामना करने में विश्वास करता है। उन्होंने स्वयंसेवकों को भारत माता को देवी और उनके हर पुत्र को भाई मानते हुए राष्ट्र सेवा करने की नसीहत दी। वह रविवार को यहां अवध प्रांत से जुड़े 22 जिलों के स्वयंसेवकों की सभा में बोल रहे थे।     उन्होंने कहा कि संघ स्वयंसेवकों के बूते चलता है। उनकी संख्या ही हमारा प्राण है। इसी संख्या बल से हमारा आत्मबल बढ़ता है और हमारी वाणी का

दुनिया के समस्याओं के निराकरण का मार्ग हिंदुत्व है

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दुनिया के समस्याओं के निराकरण का मार्ग हिंदुत्व है  “हमारी पहचान हिन्दू हैं. हम सब को जोडनेवाला तत्व हिंदुत्व हैं. हिंदुत्व हमारी राष्ट्रीयता हैं. विनाश की कगार पर पहुची आधुनिक दुनिया के समस्याओं के निराकरण का मार्ग हिंदुत्व हैं. प्रत्येक राष्ट्र के जीवन का प्रयोजन होता हैं. रोम और यूनान जैसे देशों का प्रयोजन तात्कालिक था इसलिए वह नष्ट हुए. किन्तु हिन्दू राष्ट्र यह अमर राष्ट्र हैं. यह कभी समाप्त नहीं होगा.” उक्ताशय के उदगार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने ‘संकल्प महाशिविर’ के समापन के अवसर पर व्यक्त किये. आपने आगे कहा की “संघ का मानना हैं की व्यक्ति के जीवन परिवर्तन से समाज के वातावरण में परिवर्तन होगा और इस परिवर्तन से राष्ट्र का पुनर्निर्माण होगा. सदाचरणी, सच्छील, निर्भय ऐसे गुणोंसे समाज में अच्छा वातावरण बनता हैं. और ऐसा वातावरण ही समाज में परिवर्तन लाता हैं. देश में परिवर्तन सामान्य जनता ही लाएगी. किन्तु उसके लिए जनता का मात्र सामान्य होना पूर्ण नहीं हैं. उसका गुणवान होना, सतचारित्र्य होना, संगठित होना अनिवार्य हैं.” आपने कहा की “रोज निष्काम और नि

दक्षिण भारत में बढ़ रही जेहादी अतिवादिता -

प्रस्ताव १: दक्षिण भारत में बढ़ रही जेहादी अतिवादिता http://www.rss.org अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल देश के दक्षिणी राज्यों में बढ़ रहे जेहादी कट्टरवाद के प्रति अपनी गहरी चिन्ता व्यक्त करता है। यद्यपि अलगाववादी तथा पृथकतावादी शक्तियाँ समूचे भारत में विद्यमान हैं परन्तु गत कुछ समय से विशेषकर दक्षिण भारत में, मुस्लिम युवाओं में इन तत्वों का बढ़ता प्रभाव; आतंकवाद का प्रशिक्षण देकर उन्हें अन्य राज्यों में फैलानेवाले गुट, हिन्दू कार्यकर्ताओं पर हमले, और राष्ट्रविरोधी माओवादी तथा अन्तर्राष्ट्रीय जेहादी संगठनों से इनकी मिलीभगत से ये तत्व देश की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। अपने ढुलमुल रवैये के चलते अभी तक की सभी सरकारों के इन राष्ट्र विघातक तत्वों के प्रति आँखें मूँदना समस्त देशभक्तों के लिये अत्यंत चिन्ता का कारण बना है। सिमी पर प्रतिबन्ध के उपरान्त ‘‘पॉपुलर फ्रन्ट ऑफ इण्डिया’’ (PFI)एवं उसके सहयोगी संगठनों के प्रादुर्भाव को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिये। कर्नाटक फॉर डिग्निटी ¼KFD)तमिलनाडू के ‘मनिथा नीति पासराई’ (MNP)व केरल के ‘नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट’ (NDF)जैसे संगठनों के समन्

कांग्रेस का षड्यंत्र, मोदी को रोकने ‘आप’ के भरोसे

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कांग्रेस का षड्यंत्र , कांग्रेस विरोधी वोटो का विभाजन कर अपने आप को सत्ता में बनाये रखने का खेल खेलती ही रहती है ! जो लोग कोंग्रेस को सत्ता से हटाना चाहते हें उन्हें वोट भाजपा को ही देने चाहिए , अन्यथा वे वोट किसी न किसी रूप में कोंग्रेस के ही सहायक होते हें ! जैसे सपा , बसपा, द्रमुक आदी आदी  और अब आम पार्टी !!! मोदी को रोकने के लिए अब ‘आप’ के भरोसे कांग्रेस! आईबीएन-7 | Jan 07, 2014 http://khabar.ibnlive.in.com/news/114407/12 नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के उदय ने कांग्रेस को आगामी लोकसभा चुनाव में रणनीति की जमीन दे दी है। इस रणनीति का संकेत अब खुलकर दिखने लगा है। पूर्व कैबिनेट मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि दिल्ली की सत्ता में आई आम आदमी पार्टी की मदद लेकर कांग्रेस बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को सत्ता में आने से रोकना चाहती है। कांग्रेस नेता अय्यर ने सीएनएन आईबीएन के शो में बातचीत के दौरान कहा कि लोकसभा चुनाव में हम दुआ करते हैं कि कांग्रेस आम आदमी पार्टी की मदद से बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और बीजेपी को सत्ता में आने से रोके। अय्यर ने कहा कि वो

गुरु गोबिन्द सिंह जयंती

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07 जनवरी- 2014 गुरु गोबिन्द सिंह जन्मदिवस गुरु के जन्मदिन के वार्षिक उत्सव Nanakshahi कैलेंडर पर आधारित है ============ संत सिपाही थे गुरु गोबिन्द सिंह डॉ. हरमहेंद्र सिंह बेदी Saturday, January 05, 2008 dainik Bhaskar  जयंती विशेष. हिंदुस्तान को ऐतिहासिक मोड़ देने में राष्ट्रनायक गुरु गोबिन्द सिंह जी की विशेष भूमिका है। अत्याचार एवं जुल्म का प्रतिरोध करने के लिए जिस खालसे का उन्होंने सृजन किया, भविष्य में उसका प्रभाव भारतीय इतिहास में नजर आया। उनके लिए इंसान की एक ही जाति थी, मानवता। गुरु जी ने ऐसा जीवन दर्शन दिया जिसका पहला पाठ धर्म निरपेक्षता से जुड़ा हुआ था। वे दार्शनिक एवं भारतीय भाषाओं के ज्ञाता थे। अरबी-फारसी, संस्कृत, हिंदी, पंजाबी, अवधी, ब्रज आदि भाषाओं पर उनका अधिकार था। आनंदपुर साहिब एवं पांउटा साहिब में उन्होंने नए साहित्य सृजन की जमीन तैयार की। उनके विद्या दरबार में भारतीय भाषाओं के 52 कवि थे। इन सभी ने गुरु जी के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर अमर संस्कृत भारतीय साहित्य का हिंदी एवं पंजाबी में अनुवाद किया। यह भारतीय साहित्य का पुनर्सृजन था। भक्ति के नए अर्थ आम

हिन्दू राष्ट्र : अमर राष्ट्र हैं - सरसंघचालक माननीय डॉ. मोहन भागवत जी

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संगठन गढ़े चलो सुपंथ पर बढे चलो, भला हो जिसमे देश का वो काम सब किये चलो! 5 जनवरी को महाकोशल प्रान्त के संकल्प महाशिविर का समापन था. इस समापन कार्यक्रम में निवर्तमान शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी विशेष रूप में उपस्थित थे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आपने कहा की, “हिन्दू समाज की यह विशेषता हैं, की हम किसी के प्रति विद्वेष की भावना नहीं रखते.” आपने आगे कहा की, “राजनैतिक चिन्तन को छोडकर राष्ट्रप्रेम निर्माण का कार्य करने की आवश्यकता हैं. जब प्रजातंत्र की परीक्षा का समय आता हैं, तब हम समुदायों में, जाती में बट जाते हैं. यह अब बदलना होगा.” प्रारंभ में संघ के महाकोशल प्रान्त कार्यवाह डॉ. भरतशरण सिंह ने संकल्प शिविर का निवेदन प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम का संचालन किया. श्री दिग्विजय सिंह ने संकल्प महाशिविर के सभी सहयोगियों का आभार प्रदर्शित किया. डॉ. मोहन भागवत जी के उद्बोधन के पहले ‘आओ हम बदले वर्तमान..’ यह एकल गीत प्रस्तुत हुआ. कार्यक्रम में गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने सूर्यनमस्कार लगाये तथा घोष की धुन पर दंड के साथ व्यायामयोग प्रस्तुत किये. ‘पूर्ण विजय संकल्प हमारा, अनथक

भाजपा , जिसका मतलब वास्तविक सुशासन......!

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भाजपा , जिसका मतलब वास्तविक सुशासन......! देश में भाजपा का राज जनता के लिये सुशासन और देश के जिये बेहतर विकास का रहा है। अटलबिहारी वाजपेयी जी का शासन इसका गवाह है, जिसनें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सरकारी बैंकों से किसान को सस्ते ब्याज में कर्ज के लिये किसान केड्रिट कार्ड,मोबाईल और इन्टरनेट के संसाधनों का विकास तथा , घर बैठे कुंडी खटखटा कर रसोई गैस सिलेण्डर दिये जाते थे। मंहगाई पर पूरी तरह काबू किया गया था। और उसी सुशासन का अनुकरण भाजपा शासित राज्यों में हुआ जिसके कारण गुजरात, छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश में लगातार तीन तीन बार से भाजपा की सरकारें जनता के द्वारा बनाई जा रहीं हैं। गोआ में भी उसकी सरकार है, राजस्थान में जबरदस्त बहूमत से भाजपा लौटी और दिल्ली में भी वही सबसे बड़ी पार्टी है।