चुप्पी साधे रहे आप पार्टी के विधायक - अमर उजाला



चुप्पी साधे रहे आप पार्टी के विधायक - अमर उजाला
ये कैसे लोग चुनकर आये है ?
विधानसभा के पांच दिवसीय सत्र में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक महज दर्शक बने रहे। विश्वास मत के दौरान ‘आप’ को 77 मिनट का समय मिला था, एक मिनट भी इस्तेमाल नहीं किया।
अंतिम दिन उपराज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए ‘आप’ के हिस्से में 300 मिनट में से 120 मिनट थे।लेकिन ‘आप’ का कोई विधायक बोलने के लिए खड़ा नहीं हुआ। धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष और कांग्रेस के ही डेढ़ दर्जन से अधिक विधायकों ने अपनी बात रखी।
क्या यही है केजरीवाल का व्यवस्था परिवर्तन कि बोलो मत !

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

भक्त प्रहलाद : Bhagat Prhlad

दशा माता पूजन Dasha Mata Puja

‘फ्रीडम टु पब्लिश’ : सत्य पथ के बलिदानी महाशय राजपाल

‘‘भूरेटिया नी मानू रे’’: अंग्रेजों तुम्हारी नहीं मानूंगा - गोविन्द गुरू

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

कविता - हिन्दु सनातन जिसे कहते है वह मानवता का मान है

आपातकाल : लोकतंत्र की प्रथम हत्या Emergency: The First Murder of Democracy