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आप की अराजकता, आप का धोखा - कल्पेश याग्निक

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दैनिक भास्कर, कोटा से Published on 25 Jan-2014 असंभव के विरुद्ध - कल्पेश याग्निक आप की अराजकता, आप का धोखा; बहुत अच्छी शुरुआत अनुशासन, अभ्यास, अनुभूति और अनुभव आधारित अलख इस बार यह कॉलम हममें से उन लोगों को विचलित कर सकता है जिनमें एक उम्मीद जगी है। 'आप' के अनेक हंस अब बगुले सिद्ध हो रहे हैं। बहुत अच्छा हो रहा है। कि बहुत काल्दी ऐसा हो रहा है। आप स्वयं अपने 'अराजक' होने पर गर्व कर रहे हैं। आपने आम आदमियों में एक बहुत बड़ा तूफान पैदा कर दिया था। फिर उस तूफान से मर्यादा के सारे किनारे तोड़ दिए। 'तूफान से तबाही ही तो आएगी' - ऐसा कह सकते हैं आप। राष्ट्र के पास सुनने के अलावा कोई चारा भी नहीं है। बेचारा। यही भूल कर रहे हैं आप। राष्ट्र भला है। बेचारा नहीं। आपने सबसे पहले, सफलता मिलते ही, एक नई भाषा गढ़ ली। आपने कहा - ''मैं कौन हूं? मेरी 'औकात' ही क्या है? यह मेरी सफलता नहीं। यह मेरे साथियों की सफलता नहीं। यह तो आम आदमी की सफलता है।'' फिर हर बात में दोहराना आरंभ कर दिया। 'मैं मुख्यमंत्री कैसे बनूंगा, क्यों बनूंगा। कभी भी

यह 'आप' है या अनाड़ी पार्टी : वेदप्रताप वैदिक

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Published on 25 Jan-2014 दैनिक भास्कर, कोटा से मोहभंग यह 'आप' है या अनाड़ी पार्टी वेदप्रताप वैदिक यह आम आदमी की नहीं दिल्ली के खाए-अघाए मध्य वर्ग की पार्टी है जो मीडिया को अपना गुरु मानता है पिछले हफ्ते मैंने लिखा था कि आम आदमी पार्टी का ज्वार कहीं भाटा में नहीं बदल जाए! तब तक अफ्रीकी महिलाओं का मामला और धरना आदि के विवाद शुरू नहीं हुए थे, लेकिन अब क्या हुआ? एक ही हफ्ते में आम आदमी पार्टी की दुनिया बदल गई। जो पार्टी लोकसभा के चुनाव में दिल्ली की सातों सीटें जीतने और देश भर में 300 उम्मीदवार लड़ाने का इरादा कर रही थी, उसके बारे में देश भर में हो रहे जनमत-सर्वेक्षण अब क्या कह रहे हैं? विभिन्न सर्वेक्षणों की राय है कि अब यदि पूरे भारत में उसे आठ-दस सीटें भी मिल जाएं तो गनीमत है। मुंबई के वित्तशास्त्र के पंडित कह रहे हैं कि उनके दिल में आम आदमी पार्टी के उदय ने जो धड़कन बढ़ा दी थी, वह अब शांत होती दिखाई पड़ रही है। इतना ही नहीं, पिछले हफ्ते तक आम आदमी पार्टी को लेकर जैसी खबरें आ रही थीं, अब क्यों नहीं आ रही हैं? आम आदमी पार्टी की सदस्य-संख्या रोज लाखों में बढ़ रही थी।

'सपा-बसपा-काग्रेस, सबका मालिक एक' - नरेंद्र मोदी

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भीड़ देखकर गद गद मोदी : यूपी ने कर लिया है विकास का रुख Thu, 23 Jan 2014 लखनऊ। गोरखपुर में विजय शंखनाद रैली में उमड़ी भीड़ से गदगद भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह संकेत है कि जनता ने कांग्रेस की विदाई तय कर ली है, कांग्रेस मुक्त भारत का संकल्प ले लिया है। सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) की हैसियत नहीं है कि वह उत्तर प्रदेश को गुजरात बना सकें। मोदी ने गुजरात मॉडल की जमकर तारीफ करते हुए पूर्वाचल के युवाओं को सपने दिखाए। महानगर के मानबेला मैदान में कुल 46 मिनट के संबोधन में उन्होंने कहा कि भीड़ देख कर लग रहा है कि उत्तर प्रदेश ने हर क्षेत्र में एक दूसरे से आगे निकलने की स्पर्धा ठान ली है। यहां की हर रैली पिछली रैली का रिकार्ड तोड़ देती है। आज जनता की आवाज बनारस की गलियों में भी गूंज रही है। चुनाव बहुत देखे हैं, लेकिन यह ऐसा चुनाव है, जिसका फैसला देश के कोटि-कोटि जनों ने कर दिया है। कांग्रेस मुक्त भारत हो कर रहेगा नजारा साफ कह रहा है। वहीं सपा प्रमुख को जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि मुलायम की हैसियत नहीं है कि