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आम चुनाव - मंहगाई बनेगा मुद्दा - गुरचरन दास

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भ्रष्टाचार नहीं , मंहगाई बनेगा मुद्दा ! आम चुनाव /  गुरचरन दास प्रसिद्ध स्तंभकार और लेखक दैनिक भास्कर , कोटा आम आदमी महंगाई के दंश को भूलेगा नहीं, 'आप' भी पुराने वामपंथी विचारों में फंसी हाल में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी महंगाई की ही शिकायत कर रहा था। टीवी पर लोग आलू, प्याज, घी और दाल की कीमतें बताते नजर आते थे। हालांकि चुनावी पंडित हमेशा का चुनाव राग ही गा रहे थे, लेकिन कांग्रेस की हार में भ्रष्टाचार से ज्यादा महंगाई का हाथ रहा। हाल में महंगाई कुछ कम हुई हैं, लेकिन सभी दलों के लिए यह चेतावनी है कि आम आदमी महंगाई के दंश को भूलने वाला नहीं है और यह आगामी आम चुनाव में नजर आएगा। अर्थशास्त्रियों को भी यह समझ में नहीं आ रहा है कि जब दुनियाभर में कीमतें स्थिर हैं तो भारत में उपभोक्ता वस्तुओं के दाम पिछले पांच सालों से 10 फीसदी प्रतिवर्ष की दर से क्यों बढ़ रहे हैं। यहां तक कि गरीब, उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भी कीमतें भारत की तुलना में आधी दर से बढ़ रही हैं। मुद्रास्फीति एक जटिल अवधारणा है और इसके पीछे कई कारण होते हैं, लेकिन विशेषज्ञों को यह स्पष्ट हो गया है कि भारत में इसक